
इन दिनों भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव का माहौल है. पिछला हफ्ता उथल-पुथल भरा रहा, IPL में मुस्तफिज़ुर रहमान को केकेआर द्वारा रिलीज किए जाने से लेकर, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के आगामी T20 विश्व कप के लिए अपनी टीम को भारत न भेजने के फैसले तक, अब ICC ने BCB को भरोसा दिलाया. इस बवाल के बीच पूर्व बांग्लादेशी क्रिकेटर ने एक बड़ा खुलासा कर खलबली मचा दी है. बयान भारत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली को लेकर है. इस क्रिकेटर ने उस दौर की कहानी बताई जब भारतीय टीम बांग्लादेश के दौरे पर थी.
सचिन-गांगुली ने की थी बांग्लादेशी क्रिकेटर की मदद
दोनों पड़ोसी देशों के बीच चल रही इस खींचतान के बीच, बांग्लादेश के पूर्व बल्लेबाज़ रजिन सालेह ने अपने करियर के एक यादगार लम्हें के बारे में बताया. उन्होंने खुलासा किया कि कैसे सचिन तेंदुलकर और भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने कैसे उनकी मदद की थी. सालेह ने प्रशंसकों को 2004 के दौरे की याद दिलाई, जब भारत टेस्ट और वनडे सीरीज के लिए बांग्लादेश गया था.
क्या बोले रजिन सालेह?
रजिन सालेह ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘यह असाइनमेंट न सिर्फ मैदान पर, बल्कि भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े आइकन्स से मिली दोस्ती और गाइडेंस के लिए भी यादगार रहा. मैं उस सीरीज़ में बल्ले से जूझ रहा था. मैंने एक टेस्ट मैच में दो बार ज़ीरो पर आउट हुआ और फिर वनडे में भी मेरा प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा. मैंने पहले दो मैचों में 14 और 0 रन बनाए. मैं बहुत निराश और उदास महसूस कर रहा था. मेरा मनोबल पूरी तरह से गिरा हुआ था. तभी मैंने सौरव और सचिन से बात करने का फैसला किया.’
सचिन-गांगुली ने दिए टिप्स
उन्होंने आगे बताया, ‘तीसरे वनडे से पहले, मैंने सचिन के दरवाजे पर दस्तक दी और उन्होंने मेरा स्वागत किया. मैंने उन्हें अपने खराब फॉर्म के बारे में बताया. वह मुस्कुराए और मुझे कुछ टिप्स दिए. उन्होंने मुझे बताया कि पिछले प्रदर्शन को भूलकर मैच में मानसिक रूप से फ़िट कैसे रहना है. उन्होंने कहा कि जब आप आउट होकर मैदान से बाहर निकलते हैं, तो उस पारी को वहीं छोड़ दें और अगले मैच में नई शुरुआत करें.’
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क्या बोले थे गांगुली?
गांगुली के बारे में बताते हुए सालेह ने कहा, ‘उसी समय गांगुली भी आए और चुपचाप बैठकर सुन रहे थे कि सचिन मुझे क्या बता रहे हैं. फिर गांगुली ने कहा, ‘वीर की तरह खेलो, योद्धा बनो’. उन्होंने मुझसे क्रीज पर निडर होकर बल्लेबाज़ी करने को कहा. उन शब्दों ने मुझे सच में प्रेरित किया. अगले मैच में, मैंने भारत के खिलाफ 80 से अधिक रन बनाए. मैंने उस मैच में टॉप गेंदबाज़ों – अजीत अगरकर, जहीर खान और हरभजन सिंह के खिलाफ रन बनाए. एक भगवान हैं (सचिन) और दूसरे भारत के अब तक के सबसे बेहतरीन कप्तानों में से एक हैं (गांगुली). मैं सच में उनकी तारीफ करता हूँ. मैं शुक्रगुजार हूँ कि मैंने उन दोनों सितारों के खिलाफ खेला. सचिन क्रिकेट के भगवान हैं – मैंने यह मैदान पर देखा है. जब भी वह बल्लेबाज़ी करने आते थे, माहौल जादुई हो जाता था. यह सिर्फ सचिन, सचिन और कुछ नहीं था. जब वह बल्लेबाज़ी कर रहे होते थे, तो ध्यान लगाना सच में मुश्किल होता था.’
