
Point Nemo: रात का अंधेरा और सन्नाटा हर किसी को डरावना लगता है. हर कोई सुनसान जगहों पर जाने से कतराता है. धरती पर ऐसी कई जगहें हैं, जहां इंसान अकेले या भीड़ में भी जाने से डरते हैं. क्या आप जानते हैं कि धरती पर एक ऐसी ही सुनसान जगह स्थित है? यहां हजारों किलोमीटर तक भी आपकों इंसानों का कोई नामो निशान नहीं मिलेगा. वैज्ञानिक ही इस जगह का आमतौर पर इस्तेमाल करते हैं. इसे धरती का सबसे रहस्यमयी जगह भी कहा जाता है.
धरती की सबसे सुनसान जगह
पॉइंट निमो धरती की सबसे सुनसान जगह है. इसकी खोज साल 1992 में एक सर्वे इंजीनियर हर्वोज लुकाटेला की ओर से की गई थी. धरती पर स्थित यह ऐसी जगह है जहां न तो कोई इंसान है और न ही कोई वपनस्पति या जीव-जंतु इधर नजर आते हैं. इस जगह को सैटेलाइट का कब्रिस्तान भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां सारी खराब पड़ी सेटेलाइट्स को गिराया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां अबतक 100 से भी अधिक सेटेलाइट्स का कबाड़ इकट्ठा हो चुका है. यहां हजारों किलोमीटर तक इसी का मलबा पड़ा रहता है.
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आज तक नहीं पहुंचा कोई इंसान
कई साहसी लोग बड़े से बड़े पर्वतों की चढ़ाई कर चुके हैं, लेकिन पॉइंट निमो पर आजतक कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंच पाया है. इसका कारण यह है कि यह कोई जमीन का हिस्सा नहीं है. यह महासागर के बीचोंबीच स्थित एक जगह है, जो हजारों किलोमीटर तक फैले खुले पानी से घिरा हुआ है. पॉइंट नीमो के सबसे नजदीक अक्सर इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर सवार अंतरिक्ष यात्री होते हैं, जो धरती से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा कर रहे होते हैं.
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सबसे एकांत वॉटर एरिया
बता दें कि पॉइंट निमो के आसपास का वॉटर एरिया दक्षिण प्रशांत महासागर के सबसे वीरान इलाकों में से एक साउथ पैसिफिक साइकिल का हिस्सा है. यह न केवल धरती पर किसी भी जमीन से बेहद दूर है, बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर धाराओं से भी कटा हुआ है. पोषक तत्वों से भरपूर धारा न होने का अर्थ है कि यहां बायोलॉजिकल एक्टिविटी सबसे कम हैं. यहां समुद्री जीवन न्यूनतम है. बता दें कि अधिकतर सूक्ष्मजीव (Microbes) जो सूक्ष्म पोषक तत्वों और बहते हुए मलबे के टुकड़ों पर जीवित रह सकते हैं.
