US Cybersecurity Chief: अमेरिका में भारतीय मूल के US फेडरेल साइबर सिक्योरिटी के एक्टिंग हेड मधु गोट्टुमुक्कला इन दिनों जांच के घेरे में हैं. बता दें कि उनपर चैटजीपीटी के पब्लिक वर्जन पर सरकार के इंटर्नल डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करने का आरोप लगा है. ‘पॉलिटिको’ की एक इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट के मुताबिक गोट्टुमुक्कला ने साल 2025 की गर्मियों में चैटजीपीटी पर ये डॉक्यूमेंट्स अपलोड किए थे. वहीं इनमें केवल ऑफिशियल फाइलें शामिल थे, जिसके चलते ऑटोमैटिक सिक्योरिटी अलर्ट जारी हुआ और अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) की ओर से इंटर्नल रिव्यू किया गया.  

AI में अपलोड किए ऑफीशियल डॉक्यूमेंट्स 

मामले को लेकर अधिकारियों का कहना है फाइलों में कोई सीक्रेट जानकारी शामिल नहीं थी, लेकिन इस घटना ने ध्यान इसलिए आकर्षित किया क्योंकि यह उस एजेंसी के चीफ से जुड़ी है, जो AI से जुड़े डाटा रिस्क के बारे में दूसरों को अलर्ट करने के जिम्मेदार हैं, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में जासूसी या जानबूझकर की गई कोई गड़बड़ी शामिल नहीं है. बताया जा रहा है कि उस समय गोट्टुमुक्कला को AI टूल्स के साथ एक्सपेरिमेंट करने की अनुमति थी, लेकिन उन्हें इसमें इंटरनल डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की इजाजत नहीं थी. DHS ने इस मामले को सिक्योरिटी ब्रीच के बदले पॉलिसी और फैसले में चूक बताया है. 

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कौन हैं गोट्टुमुक्कला?  

मधु गोट्टुमुक्कला अमेरिका में साइबर सुरक्षा और अवसंरचना सुरक्षा एजेंसी (CISA) में डिप्टी डायरेक्टर और एक्टिंग डायरेक्टर के तौर पर काम करते हैं. इसे आमतौर पर अमेरिकी साइबर एजेंसी के रूप में भी जाना जाता है. गोट्टुमुक्कला का जन्म भारत के आंध्र प्रदेश में हुआ था. उन्होंने इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट और इंफोर्मेशन सिस्टम में PHD किया है. CISA के लीडरशिप रोल में शामिल होने से पहले उन्होंने साउथ डकोटा के चीफ इंफोर्मेशन ऑफिसर के तौर पर काम किया. उनका करियर मुख्य रूप से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सिस्टम सिक्योरिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहा है. 

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क्या है पूरा मामला?  

पॉलिटिको’ की रिपोर्ट के मुताबिक मधु गोट्टुमुक्कला ने जेनरेटिव AI के साथ एक्सपेरिमेंट के लिए चैटजीपीटी में कॉन्टरैक्टिंग से संबंधित डॉक्यूमेंट्स अपलोड किए. जिसे ‘केवल ऑफीशियल इस्तेमाल के लिए’ से लेबल किया गया था. इस कार्रवाई से CISA में इंटर्नल अलर्ट जारी हुए, जिसके बाद जांच की गई. जांच में डॉक्यूमेंट्स को सेंसिटिव, लेकिन अनक्लासिफाइड बताया गया है. वहीं इसमें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि किसी अनऑथराइज्ड पार्टी को इन डॉक्यूमेंट्स का एक्सेस मिला है या उन तक पहुंच बनाई गई हो. न ही इन्हें AI सिस्टम से कहीं बाहर पब्लिश किया हो.