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जल शक्ति मंत्रालय

azadi ka amrit mahotsav

सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत भारत के जल अनुसंधान और नवाचार पारिस्थितिकी को मज़बूत करने के लिए एक मंच पर आए


भारत में जल नवाचार की अगली लहर को आगे बढ़ाने के लिए जल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास पर राष्ट्रीय कार्यशाला नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी

प्रविष्टि तिथि: 31 MAY 2026 10:33AM by PIB Delhi

जल शक्ति मंत्रालय पहली जून 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र मेंजल क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास पर राष्ट्रीय कार्यशालाका आयोजन करेगा। यह कार्यशाला सरकार, उद्योग, शिक्षा जगत, वैज्ञानिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और तकनीकी संगठनों के प्रमुखों को एक मंच पर लाएगी, ताकि भारत की जल अनुसंधान पारिस्थितिकी को मज़बूत किया जा सके और सतत जल प्रबंधन के लिए नवाचारआधारित समाधानों को गति दी जा सके।

इस एक दिवसीय कार्यशाला में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल; विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह; जल शक्ति मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी; और अंतरिक्ष विभाग के सचिव इसरो के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव, पेय जल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव, जल संसाधन विभाग, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा पुनर्जीवन विभाग के सचिव, तथा राष्ट्रीय जल मिशन के अपर सचिव मिशन निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे और संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन करेंगे।

सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत का एक साथ आना भारत की जल अनुसंधान पारिस्थितिकी को मज़बूत करने और टिकाऊ जल प्रबंधन के लिए नवाचारआधारित समाधानों को तेज़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके साथ ही, यह वैज्ञानिक संस्थानों, नीति निर्माताओं, शिक्षा जगत, स्टार्टअप्स, तकनीकी संगठनों और सामुदायिक हितधारकों के बीच बेहतर तालमेल को भी बढ़ावा देता है।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘MAHA on Water’ (जल के लिए उच्चप्रभाव वाले क्षेत्रों में प्रगति का मिशन) की शुरुआत होगी। यह जल शक्ति मंत्रालय और एएनआरएफ की एक संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य जल संसाधन प्रबंधन, पेयजल, जलवायु अनुकूलन और जलउपयोग दक्षता जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत अनुसंधान प्रस्तावों के लिएओपन कॉल‘ (खुला आमंत्रण) की भी घोषणा की जाएगी।

मंत्रालय जल क्षेत्र में उत्पादों और प्रोटोटाइप के विकास में सहायता के लिए ‘BHARAT-WIN पोर्टल के तहत स्टार्टअप्स और सूक्ष्म , लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए भीओपन कॉलशुरू करेगा।

इस कार्यशाला मेंजल संचय जन भागीदारी: कैच रेन‘ (JSJB:CTR) की भी शुरुआत होगी। यह सहभागी डिजिटल मंच है, जिसे नागरिकों, संस्थानों और स्थानीय निकायों को जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण की योजनाओं को दस्तावेज़ित करने और प्रदर्शित करने में सक्षम बनाकर, समुदायनेतृत्व वाले जल संरक्षण प्रयासों को मज़बूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।संपूर्ण सरकार और सम्पूर्ण समाजकी परिकल्पना को सुदृढ़ करते हुए, यह मंचजन भागीदारी‘, व्यवहारगत बदलाव, स्थानीय भागीदारी और ज़मीनी स्तर के नवाचार को दीर्घकालिक जल सुरक्षा और जलवायु अनुकूलन के प्रमुख चालक के रूप में बढ़ावा देगा।

जल शक्ति मंत्रालय और इसरो, जल संसाधनों के आकलन, निगरानी और प्रबंधन के लिए उपग्रहआधारित अनुप्रयोगों और उन्नत तकनीकों को मज़बूत करने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं; इसके लिए प्राथमिकता वाले अध्ययन और सहयोग के 24 क्षेत्र पहले ही पहचान लिए गए हैं।

इस कार्यशाला में कई तकनीकी सत्र होंगे। इनमें भूजल प्रबंधन, सिंचाई के तरीके, नदी की बनावट, बाढ़ के मैदानों की मैपिंग, जलवायु अनुकूलन, पारिस्थितिक आकलन, बांध और हाइड्रोलिक संरचनाओं की सुरक्षा, शहरी जलभृतों (एक्वीफर) की मैपिंग, और जल प्रशासन में रिमोट सेंसिंग उन्नत तकनीकों के उपयोग जैसे मुख्य विषयों को शामिल किया जाएगा।

अंतिमउपयोगकर्ता लाभार्थी और  पीआई, अनुसंधान कार्यों से मिली सफल पद्धतियों, मुख्य सीखों और ठोस परिणामों को साझा करेंगे। चर्चाओं में पिछले 12 वर्षों में जल क्षेत्र में किए गए अनुसंधान के प्रभाव का भी आकलन किया जाएगा, और 16वें वित्त आयोग चक्र के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं तथा आगे की राह पर चर्चा की जाएगी।

कार्यशाला के साथसाथ प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें जल क्षेत्र की नवीन तकनीकों, अनुसंधान परिणामों और सर्वोत्तम पद्धतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप्स, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और तकनीकी संगठनों को सतत और तकनीकसक्षम जल प्रबंधन के लिए अत्याधुनिक समाधानों का प्रदर्शन करने हेतु मंच प्रदान करेगी।

इस कार्यशाला से अनुसंधानआधारित नीतिनिर्माण, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और सामुदायिक भागीदारी के लिए रणनीतिक दिशा मिलने की आशा है। इससे भारत की दीर्घकालिक जल सुरक्षा और सतत जल प्रबंधन के प्रयासों को और अधिक मज़बूती मिलेगी।

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पीके/केसी/पीके

(रिलीज़ आईडी: 2267160) आगंतुक पटल : 19

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