ग्रामीण विकास मंत्रालय
सरस मेला
प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2026 4:31PM by PIB Delhi
मंत्रालय ने ई-सरस प्लेटफॉर्म विकसित और लॉन्च किया है, जो एसएचजी उत्पादों के लिए एक विशिष्ट डिजिटल बाजार के रूप में कार्य करता है। अपने स्वयं के प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रत्यक्ष बिक्री की सुविधा के अलावा, ई-सरस अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एसएचजी उत्पादों के ऑनबोर्डिंग और बिक्री को भी सक्षम बनाता है। अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (फ्लिपकार्ट, अमेज़ॉन, मीशो आदि) सहित ई-सरस प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत एसएचजी/एफपीओ आदि, बिक्री का मूल्य और मात्रा का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।
मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अपने संबंधित राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में प्रतिवर्ष कम से कम दो सरस मेलों का आयोजन कर सकते हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में, चार राष्ट्रीय स्तर के मेलों का आयोजन किया गया है, जिनकी कुल बिक्री 35.73 करोड़ रुपये हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वार अनुसार विवरण अनुबंध II में दिए गए हैं।
ई-सरस प्लेटफॉर्म एक डिजिटल बाज़ार है जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय ने दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के तहत डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के सहयोग से विकसित किया है, ताकि महिला-नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), ग्रामीण कारीगरों और उत्पादक समूहों को अपने उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर विपणन करने में सक्षम बनाया जा सके। अधिक एसएचजी, एफपीओ, ग्रामीण उत्पादकों को ऑनबोर्ड करने और उनकी बाजार पहुंच को सुदृढ़ करने के लिए, मंत्रालय ने ऑनलाइन उत्पाद कैटलॉग, इन्वेंट्री प्रबंधन और सुरक्षित डिजिटल भुगतान सुविधाओं सहित डिजिटल ऑनबोर्डिंग सहायता प्रदान की है। एसएचजी से जुड़ी महिलाओं को डिजिटल ऑनबोर्डिंग, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, उत्पाद फोटोग्राफी, डिजिटल मार्केटिंग, ग्राहक सेवा और उत्पाद मूल्य निर्धारण में प्रशिक्षण दिया जाता है। एसएचजी उत्पादों के उत्पाद संग्रह, पैकेजिंग, इन्वेंट्री प्रबंधन और अंतिम छोर तक प्रदायगी को सुव्यवस्थित करने के लिए एक समर्पित पूर्ति केंद्र स्थापित किया गया है। क्षमता निर्माण पहल निर्यात के लिए तैयार एसएचजी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल मार्केटिंग और चयनित व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी की सुविधा पर केंद्रित है। राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान नियमित रूप से उत्पाद विकास, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार, डिजिटल विपणन, उद्यम प्रबंधन, निर्यात प्रक्रियाओं और प्रलेखन, तथा घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक उनकी पहुंच को सुदृढ़ करने के लिए बाजार तत्परता पर एसएचजी सदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए क्षमता निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करता है।
मंत्रालय नियमित रूप से बिक्री रिपोर्ट और आवधिक रूप से राज्यों के साथ परामर्श के माध्यम से ई-सरस प्लेटफॉर्म और विपणन पहलों, जिनमें सरस मेलें भी शामिल है, के निष्पादन की समीक्षा करता है। आकलन में पाया गया है कि इन पहलों ने महिलाओं के एसएचजी को उनके स्थानीय बाजारों से परे ग्राहकों के साथ वास्तविक और डिजिटल दोनों चैनलों के माध्यम से जोड़कर बाजार पहुंच में काफी वृद्धि की है। सरस मेलों ने एसएचजी को प्रत्यक्ष विपणन अवसर प्रदान किए हैं, उत्पाद दृश्यता में वृद्धि की है, संस्थागत और खुदरा खरीदारों के साथ बातचीत को सुगम बनाया है, और पर्याप्त उत्पाद की बिक्री की है, जबकि ई-सरस ने साल भर ऑनलाइन बाजार पहुंच को सक्षम किया है।
अनुबंध-I
अन्य प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म (फ्लिपकार्ट, अमेज़ॉन, मीशो आदि) सहित ई-सरस प्लेटफार्म पर पंजीकृत एसएचजी/एफपीओ आदि, बिक्री का मूल्य और मात्रा, का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण
|
क्र. सं. |
राज्य/संघ राज्य क्षेत्र |
एसएचजी/एफपीओ की संख्या |
बिक्री का मूल्य (₹) |
मात्रा (यूनिट) |
|
|
आंध्र प्रदेश |
5 |
1,07,583 |
51 |
|
|
अरुणाचल प्रदेश |
1 |
0 |
0 |
|
|
असम |
9 |
19,252 |
59 |
|
|
बिहार |
5 |
44,605 |
53 |
|
|
छत्तीसगढ़ |
5 |
54,497 |
37 |
|
|
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव |
1 |
190 |
1 |
|
|
गोवा |
3 |
2,369 |
5 |
|
|
गुजरात |
5 |
984 |
2 |
|
|
हरियाणा |
11 |
4,04,003 |
979 |
|
|
हिमाचल प्रदेश |
6 |
54,324 |
137 |
|
|
जम्मू और कश्मीर |
7 |
5,42,537 |
1,142 |
|
|
झारखंड |
15 |
2,29,713 |
591 |
|
|
कर्नाटक |
11 |
3,35,667 |
630 |
|
|
केरल |
4 |
17,437 |
67 |
|
|
मध्य प्रदेश |
11 |
6,52,534 |
1,325 |
|
|
महाराष्ट्र |
11 |
19,151 |
50 |
|
|
मणिपुर |
1 |
0 |
0 |
|
|
मेघालय |
3 |
9,017 |
13 |
|
|
मिज़ोरम |
1 |
0 |
0 |
|
|
ओडिशा |
22 |
2,13,206 |
207 |
|
|
पुदुचेरी |
1 |
1,960 |
12 |
|
|
पंजाब |
16 |
3,40,305 |
706 |
|
|
राजस्थान |
14 |
2,99,373 |
629 |
|
|
तेलंगाना |
1 |
0 |
0 |
|
|
त्रिपुरा |
4 |
15,534 |
46 |
|
|
उत्तर प्रदेश |
44 |
1,07,03,611 |
34,766 |
|
|
उत्तराखंड |
10 |
14,791 |
31 |
|
|
पश्चिम बंगाल |
22 |
2,00,272 |
430 |
|
कुल |
249 |
1,42,82,915 (₹ 1.43 करोड़ में) |
41,969 |
|
अनुबंध- II
वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दिल्ली एनसीआर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के सरस मेलों का विवरण।
|
क्र.सं. |
राज्य का नाम |
कुल बिक्री (₹) |
भागीदार सदस्यों की संख्या (एसएचजी/एफपीओ/आदि) |
|
1 |
आंध्र प्रदेश |
13035245 |
75 |
|
2 |
अरुणाचल प्रदेश |
2022188 |
39 |
|
3 |
असम |
9446590 |
53 |
|
4 |
बिहार |
15530833 |
86 |
|
5 |
छत्तीसगढ़ |
8462799 |
66 |
|
6 |
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव |
102700 |
2 |
|
7 |
गोवा |
6194471 |
34 |
|
8 |
गुजरात |
15888588 |
77 |
|
9 |
हरियाणा |
15934414 |
62 |
|
10 |
हिमाचल प्रदेश |
10472682 |
78 |
|
11 |
जम्मू और कश्मीर |
13432510 |
67 |
|
12 |
झारखंड |
9600265 |
74 |
|
13 |
कर्नाटक |
6690107 |
55 |
|
14 |
केरल |
14354902 |
75 |
|
15 |
लद्दाख |
2551291 |
20 |
|
16 |
मध्य प्रदेश |
8014177 |
64 |
|
17 |
महाराष्ट्र |
12203720 |
74 |
|
18 |
मणिपुर |
1861930 |
14 |
|
19 |
मेघालय |
902343 |
19 |
|
20 |
मिज़ोरम |
869095 |
12 |
|
21 |
नागालैंड |
1830240 |
25 |
|
22 |
ओडिशा |
10802780 |
64 |
|
23 |
पुदुचेरी |
2212638 |
14 |
|
24 |
पंजाब |
11560465 |
61 |
|
25 |
राजस्थान |
26345062 |
100 |
|
26 |
सिक्किम |
2296225 |
29 |
|
27 |
तमिलनाडु |
9702575 |
79 |
|
28 |
तेलंगाना |
13649350 |
69 |
|
29 |
त्रिपुरा |
3455115 |
23 |
|
30 |
उत्तर प्रदेश |
32534602 |
127 |
|
31 |
उत्तराखंड |
17477014 |
74 |
|
32 |
पश्चिम बंगाल |
56809977 |
98 |
|
33 |
अभिसरण मंच |
535040 |
10 |
|
34 |
प्रदर्शनी मंच |
520920 |
8 |
|
35 |
सरस गैलरी |
16370 |
8 |
|
कुल |
357319223 (₹ 35.73 करोड़) |
1835 |
|
यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
***
आर सी/ पीयू
(रिलीज़ आईडी: 2294313) आगंतुक पटल : 9
