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सीएक्यूएम ने हरियाणा के नूंह में स्पेशल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई; 35 में से 17 यूनिट्स नियमों का पालन करती नहीं पाई गईं

प्रविष्टि तिथि: 04 SEP 2026 7:59PM by PIB Delhi

नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) में इंडस्ट्रियल गतिविधियों से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने की अपनी लगातार कोशिशों के तहत, NCR और आस-पास के इलाकों में एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (सीएक्यूएम) ने 03.09.2026 को हरियाणा के नूंह में एक स्पेशल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन ड्राइव चलाई।

इस स्पेशल इंस्पेक्शन ड्राइव के लिए सीएक्यूएम के आठ फ्लाइंग स्क्वॉड, हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (HSPCB) और राज्य प्रशासन के अधिकारियों को तैनात किया गया था। टीमों ने नूंह जिले में 35 इंडस्ट्रियल यूनिट्स/परिसरों का निरीक्षण किया ताकि लागू पर्यावरण नियमों और ‘कंसेंट टू ऑपरेट‘ (सीटीओ) के तहत तय शर्तों के पालन का पता लगाया जा सके।

इंस्पेक्शन ड्राइव में नियमों का पालन न करने के कई मामले सामने आए। निरीक्षण की गई 35 यूनिट्स में से 17 यूनिट्स नियमों का पालन करती नहीं पाई गईं, 11 यूनिट्स नियमों का पालन करती पाई गईं, और 7 यूनिट्स निरीक्षण के समय बंद/काम नहीं कर रही थीं। नियमों का पालन करने वाली 11 यूनिट्स में से 10 यूनिट्स पूरी तरह से नियमों का पालन करती पाई गईं, जबकि 1 यूनिट सुधार के सुझावों के साथ नियमों का पालन करती पाई गई।

निरीक्षण के दौरान, वायु प्रदूषण कम करने के उपायों से जुड़े कई उल्लंघन देखे गए। कुछ यूनिट्स में वेट स्क्रबर खराब या ठीक से काम नहीं करते पाए गए, जिनमें लीकेज और पानी का बहाव कम होने के मामले शामिल थे। इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर (ESP) सिस्टम भी काम नहीं करते या खराब हालत में पाए गए। कुछ यूनिट्स में बॉयलर/थर्मिक फ्लूइड हीटर के लिए स्टैक/चिमनी की व्यवस्था और स्टैक की ऊंचाई अपर्याप्त पाई गई।

जांच टीमों को हवा में उड़ने वाली धूल (fugitive dust) को रोकने के लिए अपर्याप्त उपायों के कई मामले भी मिले। कन्वेयर बेल्ट बिना सही कवर के पाए गए, पानी छिड़कने और धूल रोकने के इंतजाम अपर्याप्त थे, बाउंड्री पर हवा रोकने वाले बैरियर (windbreakers) कम थे और अंदर की सड़कें कच्ची थीं, जिससे धूल उड़ रही थी। कुछ यूनिट्स में नियमों का पालन न करने वाले DG सेट भी चलते हुए पाए गए।

इसके अलावा, औद्योगिक कामों में लकड़ी के इस्तेमाल/जलाने और बॉयलर/थर्मिक फ्लूइड हीटर में बिना मंजूरी वाले लिक्विड फ्यूल के इस्तेमाल के मामले भी देखे गए। जांच टीमों ने ऐसे मामले भी देखे जहां ज़रूरी ‘ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम‘ (OCEMS) नहीं लगाया गया था, जबकि स्टैक एमिशन मॉनिटरिंग रिपोर्ट पुरानी थीं या जमा नहीं की गई थीं।

टीमों ने यह भी देखा कि बॉयलर/थर्मिक फ्लूइड हीटर या दूसरी मशीनें लागू CTO (ऑपरेशन के लिए सहमति) के दायरे में आए बिना चलाई जा रही थीं। साथ ही, जांच के दौरान औद्योगिक परिसर/शेड वाले इलाकों में घना धुआं/गैस भी देखी गई।

स्पेशल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन ड्राइव के शुरुआती आकलन से पता चलता है कि 17 यूनिट्स में नियमों का पालन न करने के मामले हवा प्रदूषण रोकने वाले अपर्याप्त सिस्टम, हवा में उड़ने वाली धूल का उत्सर्जन, नियमों का पालन न करने वाले DG सेट, बिना मंजूरी वाले फ्यूल का इस्तेमाल, एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम की कमी और CTO की शर्तों का पालन न करने से जुड़े हैं।

आयोग ने फिर से कहा है कि NCR में चल रही सभी औद्योगिक यूनिट्स के लिए लागू पर्यावरण नियमों और तय रेगुलेटरी ज़रूरतों का सख्ती से पालन करना ज़रूरी है। इसमें हवा प्रदूषण रोकने वाले असरदार उपकरण बनाए रखना, हवा में उड़ने वाली धूल को रोकने के पर्याप्त इंतजाम करना, सिर्फ़ मंजूरशुदा फ्यूल का इस्तेमाल करना, नियमों के मुताबिक DG सेट रखना, ज़रूरी एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना और चलाना, और लागू CTO शर्तों का पालन करना शामिल है।

CAQM ने इस बात पर भी ज़ोर दिया है कि ऐसी जांच मुहिम ज़मीनी स्तर पर नियमों के पालन का आकलन करने और उन कमियों की पहचान करने का एक अहम तरीका है, जिन पर समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई की ज़रूरत है। आयोग NCR में ऐसी सघन जांच मुहिम जारी रखेगा ताकि नियमों के उल्लंघन की पहचान की जा सके और संबंधित एजेंसियों द्वारा ज़रूरी सुधारात्मक और प्रवर्तन कार्रवाई की जा सके।

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पीके/केसी/ एनएम

(रिलीज़ आईडी: 2306988) आगंतुक पटल : 8

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