UN Report: युनाइटेड नेशन के महासचिव एंतोनियो गुतारेस की ओर से जारी इस रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र के काउंटर टेररिज्म ऑफिस ने तैयार किया है. रिपोर्ट में बताया गया है कि आईएस से जुड़ा एक समूह सराया अंसार अल-सुन्नाह इन हमलों के पीछे था. यह समूह आईएस का एक फ्रंट बताया गया है, ताकि असली संगठन पर सीधे उंगली न उठे.
राष्ट्रपति और मंत्रियों पर हमले की कोशिश
रिपोर्ट की माने तो सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा को उत्तरी अलेप्पो और दक्षिणी दारा में निशाना बनाया गया. उनके अलावा गृहमंत्री अनस हसन खत्ताब और विदेश मंत्री असाद अल-शिबानी को भी मारने की साजिश रची गई. हालांकि रिपोर्ट में इन हमलों की तारीख या ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है. संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि आईएस अब भी नई सीरियाई सरकार को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है और सुरक्षा में जहां भी खाली जगह दिखती है उसका फायदा उठा रहा है.
नई सरकार और पुराना संघर्ष
अहमद अल-शारा दिसंबर 2024 से सीरिया का नेतृत्व कर रहे हैं. उनके नेतृत्व में विद्रोही बलों ने लंबे समय से सत्ता में रहे बशर अल-असद को हटा दिया था. इसके साथ ही 14 साल लंबा गृहयुद्ध खत्म हुआ. अल-शारा पहले हयात तहरीर अल-शाम नाम के समूह से जुड़े थे, जो कभी अल-कायदा से जुड़ा था, लेकिन बाद में उसने उससे दूरी बना ली थी. नवंबर में उनकी सरकार ने आईएस के खिलाफ बने अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल होने का फैसला किया था.
सीरिया में अब भी सक्रिय है आईएस
यूएन के आतंकवाद रोधी विशेषज्ञों का कहना है कि आईएस अब भी पूरे सीरिया में एक्टिव है. खासकर उत्तर और उत्तर-पूर्वी इलाकों में यह सुरक्षा बलों पर हमले कर रहा है. 13 दिसंबर को पलमायरा के पास अमेरिकी और सीरियाई बलों पर घात लगाकर हमला किया गया था. इस हमले में दो अमेरिकी सैनिक और एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई थी. 3 अमेरिकी और सीरिया के तीन सुरक्षाकर्मी घायल हुए थे. इसके जवाब में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आईएस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की थी.
कितने लड़ाके और कैदी
रिपोर्ट के अनुसार आईएस के करीब 3,000 लड़ाके इराक और सीरिया में मौजूद हैं. जिनमें ज्यादातर सीरिया में हैं. जनवरी के आखिर में अमेरिकी सेना ने उत्तर-पूर्वी सीरिया में बंद आईएस कैदियों को इराक भेजना शुरू किया ताकि उन्हें सुरक्षित जेलों में रखा जा सके. इराक ने कहा है कि वह इन आतंकियों पर मुकदमा चलाएगा. सीरियाई सरकार ने एक बड़े कैंप पर भी कब्जा कर लिया था जहां हजारों आईएस कैदी रखे गए थे. यह तब हुआ जब अमेरिका समर्थित सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस ने कुर्द लड़ाकों के साथ हुए युद्धविराम के तहत पीछे हटना शुरू किया.
कैंपों में हजारों लोग
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दी गई रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर तक अल-होल और रोज कैंपों में 25740 से ज्यादा लोग रह रहे थे. इनमें 60 फीसदी से ज्यादा बच्चे हैं. इसके अलावा हजारों लोग दूसरे हिरासत केंद्रों में भी बंद हैं.
क्या कहती है रिपोर्ट
यूएन की रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि आईएस अभी खत्म नहीं हुआ है. वह नई सरकार के खिलाफ साजिशें रच रहा है. हालात का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है. ऐसे में सीरिया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने सुरक्षा की बड़ी चुनौती बनी हुई है.
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