
भारतीय टीम के वनडे और टेस्ट कप्तान शुभमन गिल को सीरीज हार के बाद खूब आलोचना का सामना करना पड़ा है. गिल की कप्तानी में पहली बार टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ घर में 37 साल बाद सीरीज हार गई. अगामी टी20 सीरीज के लिए वह उन्हें भारतीय टीम में शामिल नहीं किया गया है. साथ ही वह ट20 विश्व कप के स्क्वॉड से भी गिल को बाहर का रास्ता दिखाया गया था. ऐसे में कयास लगाए जा रहे थे कि वनडे सीरीज के बाद गिल आराम करेंगे. हालांकि, उन्होंने सभी को हैरान करने वाला फैसला लिया है. दरअसल, भारतीय टी20 कप्तान शुभमन गिल ने रणजी ट्रॉफी खेलने का फैसला किया है. यानी जब सूर्यकुमार की टोली न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही होगी, तो शुभमन गिल पंजाब के लिए रणजी ट्रॉफी खेलने उतरेंगे. बता दें कि गिल को खराब प्रदर्शन के कारण टी20 स्क्वॉड से बाहर कर दिया गया था.
एक्शन मोड में गिल
टीम इंडिया 21 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने 5 मैचों की टी20 सीरीज के अभियान की शुरुआत करेगी. उस समय भारतीय कप्तान शुभमन गिल पंजाब को रणजी ट्रॉफी में नॉकआउट में पहुंचाने के इरादे से मैदान पर उतरेंगे. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो शुभमन गिल ने वनडे सीरीज के बाद आराम ना लेने का फैसला लिया है. वह सीधा इंदौर से राजकोट पहुंच चुके हैं. बता दें कि रणजी ट्रॉफी पंजाब फिलहाल ग्रुप बी में 11 अंकों के साथ 6ठें स्थान पर है. पंजाब को अब यहां से बाकी के बचे 3 मैचों में जीत हासिल करनी होगी. बता दें कि गिल साल 2024 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेली गई टेस्ट सीरीज के दौरान चोटिल हो गए थे. तब से उन्होंने रेड बॉल क्रिकेट में शिरकत नहीं की है.
37 सालों बाद घर में हार
भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया को 41 रनों से हार का सामना करना पड़ा. इसी के साथ भारतीय टीम ने गिल और कोच गंभीर के अगुवाई में अपने नाम पर बेहद ही शर्मनाक रिकॉर्ड स्थापित कर लिया है. फाइनल मुकाबले में भी गिल बल्ले से कुछ खास नहीं कर सके. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले आखिरी मुकाबले में विराट कोहली ने भरपूर प्रयास किया और 124 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके और भारत ने अपना नाम शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज करा लिया.
‘देर तक बल्लेबाजी नहीं’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कप्तान गिल ने कहा,’ ऐसा नहीं है कि हमने खराब बल्लेबाजी की. बस हमने ज्यादा देर तक बल्लेबाजी नहीं की. जब बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत मिलती है और उसे बड़े स्कोर में ना बदल पाओ तो मुश्किलें बढ़ जाती हैं. हमारे कम से कम 2 खिलाड़ियों को बड़ी पारी खेलनी चाहिए थी. यही उनके हमारे बीच खास अंतर रहा है. हम ऐसा करने में असमर्थ रहे और शायद इसलिए मैच हार गए.’
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