सोमालीलैंड को अलग राष्ट्र के तौर पर मंजूरी देने के बाद आतंकी संगठन हूती ने इजरायल को बड़ी धमकी दी है. यमन के हूथी समूह के नेता अब्दुलमलिक अल-हूथी ने चेतावनी दी है कि सोमालीलैंड में किसी भी इजराली मौजूदगी को सैन्य लक्ष्य माना जाएगा. साथ ही उन्होंने इजरायल के मान्यता देने को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. इसके अलावा सोमालिया ने भी नेतन्याहू को धमकी देते हुए कहा कि सोमालिया में किसी भी संभावित बेस को तबाह कर दिया जाएगा
हूथी के जरिए संचालित अल-मसीरा टेलीविजन चैनल पर प्रसारित एक भाषण में अल-हूथी ने कहा कि उनकी सेनाएं सोमालीलैंड में किसी भी इजराइली मौजूदगी को एक सैन्य लक्ष्य मानती हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि वो भाईचारे वाले सोमाली लोगों के साथ खड़े होने के लिए सभी संभावित सहायक कदम उठाएगा.’
अब्दुल-मलिक अल-हूती ने कहा है कि इजरायल का मकसद सोमालिलैंड को सोमालिया, अफ्रीकी देशों, यमन और दूसरे अरब देशों के खिलाफ गतिविधियों का अड्डा बनाना है. उनके मुताबिक पहले से ही यह क्षेत्र अस्थिर है और ऐसा करने पर हालात ज्यादा बिगड़ सकते हैं. उन्होंने अरब और इस्लामी देशों से अपील की कि वे सोमालिया और उसके लोगों के समर्थन में एकजुट और सख्त रुख अपनाएं और इजरायल की विस्तारवादी नीति का मिलकर विरोध करें.
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मुस्लिम देशों के आगे फैलाए हाथ
इस बीच कई अफ्रीकी और पश्चिम एशियाई देशों ने सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में इजरायल के जरिए मान्यता देने की निंदा की और साफ कहा कि वे सोमालिया की एकता और उसकी जमीन की अखंडता के साथ हैं. सोमालिया के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बयान जारी कर कहा कि सोमालीलैंड, सोमालिया का अभिन्न और अलग न किया जा सकने वाला हिस्सा है. इजरायल की मान्यता को उन्होंने गैरकानूनी बताया.
ऐसे समझौते की इजाजत नहीं- सोमालिया
सोमालिया ने यह भी साफ किया कि वह अपने क्षेत्र में किसी भी विदेशी सैन्य अड्डे या ऐसे समझौते की इजाजत नहीं देगा, जिससे देश किसी और के युद्ध या टकराव में घसीटा जाए. सोमालिया ने सभी देशों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून, दखल न देने के सिद्धांत और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करें, ताकि हॉर्न ऑफ अफ्रीका में शांति और स्थिरता बनी रहे.
तुर्किये ने भी की निंदा
तुर्किये के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ओनकु केचेली ने कहा कि इजरायल का यह कदम प्रधानमंत्री नेतन्याहू सरकार की अवैध और अस्थिरता पैदा करने वाली नीतियों का एक और उदाहरण है. उन्होंने इसे सोमालिया के आंतरिक मामलों में खुली दखल बताया और कहा कि सोमालीलैंड का भविष्य सभी सोमालियों की इच्छा के मुताबिक तय होना चाहिए. तुर्किये के संचार निदेशक बुरहानत्तिन दुरान ने भी इजरायल के फैसले को गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया, जिससे हॉर्न ऑफ अफ्रीका में शांति की कोशिशों को नुकसान पहुंचता है.
जॉर्डन क्या?
जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने भी सोमालिया की संप्रभुता, एकता और अखंडता के लिए पूरा समर्थन जताया. उसने इजरायल के फैसले को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया और कहा कि ऐसे किसी भी कदम का विरोध किया जाएगा, जो सोमालिया की एकता को ख़तरे में डाले.
क्या है हूती ग्रुप?
हूती ग्रुप यमन का एक शिया जायदी इस्लामी विद्रोही आंदोलन है और उत्तरी यमन में एक्टिव है. इसके अलावा मौजूदा समय में यमन की सरकार के खिलाफ गृहयुद्ध भी लड़ रहा है. हूतियों ने 2014 यमन की राजधानी सना समेत कई मुख्य इलाकों पर भी कब्जा किया हुआ. इस संगठन को ईरान से समर्थन हासिल है. यह संगठन खुद को ‘अंसार अल्लाह’ यानी ईश्वर के समर्थक कहता है.
