Iran Nuclear Sites: ईरान और अमेरिका में तकरार छिड़ी है, दोनों देश एक दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं. कई मौकों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी ईरान को धमकाते हुए देखा गया है. इसी बीच कुछ सैटेलाइट तस्वीरें सामने आई है, जिसमें देखा जा रहा है कि ईरान न्यूक्लियर साइट्स को बंकर में तब्दील करने में लगा है. ऐसा ईरान इसलिए भी कर रहा है क्योंकि इजरायल से हुई जंग के दौरान न्यूक्लियर साइट्स को भी टारगेट किया था. 

न्यूक्लियर साइट्स पर मिट्टी डाल रहा ईरान
वॉशिंगटन में मौजूद नॉन-प्रोलिफरेशन वॉचडॉग ने कहा कि हाई-रिजॅाल्यूशन इमेज से पता चलता है कि सेंसिटिव साइट्स को दबाने और मजबूत करने की तेजी से कोशिशें हो रही हैं. जिससे तेहरान के न्यूक्लियर इरादों को लेकर नई चिंताएं बढ़ गई हैं, जबकि डिप्लोमैटिक बातचीत जारी है. इंस्टीट्यूट ने अपने नए असेसमेंट में कहा कि पिछले दो से तीन हफ्तों से ईरान पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स में नई तालेघन 2 फैसिलिटी को मिट्टी से दबाने में बिजी है.

क्रंकीट के बनाया खोल
तेहरान से लगभग 30 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में पारचिन मिलिट्री कॉम्प्लेक्स के अंदर तालेघन 2 फैसिलिटी में, 13 फरवरी की सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि मेन स्ट्रक्चर के चारों ओर एक पूरा कंक्रीट का खोल बना हुआ है. अब इसके ऊपर मिट्टी डाली जा रही है. ISIS के प्रेसिडेंट डेविड अलब्राइट ने चेतावनी दी कि इस जगह पर एक ऐसा बंकर बनाया जा सकता है जिसे पहचाना न जा सके और जो हवाई हमलों से सुरक्षा देगा.

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की जा रही है किलेबंदी
तस्वीरों से पता चलता है कि एक बार कंक्रीट का ताबूत सख्त हो जाने के बाद ईरान ने नई जगह के बड़े हिस्से पर मिट्टी डालने में कोई हिचकिचाहट नहीं दिखाई. कई जगहें ऊंची सिक्योरिटी दीवारों से घिरी हुई है. इसकी क्रंकीट से किलेबंदी की जा रही है, इंस्टीट्यूट ने कहा कि नया कंस्ट्रक्शन ईरानी शासन के लिए इस जगह की स्ट्रेटेजिक अहमियत का संकेत देता है, हालांकि इसका सही मकसद सिर्फ तस्वीरों से पता नहीं लगाया जा सकता है.

यहां पर भी हो रही है कोशिश
10 फरवरी की और सैटेलाइट तस्वीरें नतांज न्यूक्लियर जगह से लगभग दो किलोमीटर दूर कोलांग-गाज सा पहाड़ के नीचे भी कोशिश की जा रही है. यहां पर एक बड़े पश्चिमी टनल एंट्रेंस पर कंक्रीट डाला जा रहा है. पूर्वी पोर्टल पर, चट्टान और मिट्टी को पीछे धकेलकर लेवल कर दिया गया है ताकि एक्स्ट्रा ओवरबर्डन हो सके. चट्टान, मिट्टी या कंक्रीट की एक्स्ट्रा परतें जो संभावित एयरस्ट्राइक के फोर्स को को पूरी तरह से झेल सकें.