Bangladesh News: बांग्लादेश इन दिनों राजनीतिक अस्थिरता से गुजर रहा है. कई जगहों पर हिंसा हो रही है, हिंदुओ को टारगेट किया जा रहा है. दो हिंदू युवकों की हत्या के बाद वहां रहने वाले हिंदुओं में खौफ का माहौल है, बांग्लादेश में फंसे और सताए गए हिंदू अब भारत को बॉर्डर खोलने के लिए SOS भेज रहे हैं. वहां रहने वाले हिंदुओं को अपने धर्म के लिए लगातार बेइज्जती झेलनी पड़ती है. जिसे लेकर वो लोग काफी ज्यादा चिंतित हैं.
बॉर्डर पर कड़ा कंट्रोल है
TOI की रिपोर्ट के मुताबिक रंगपुर के रहने वाले इस्कॉन के पुराने साधु चिन्मय कृष्ण दास ने कहा कि हमें अपने धर्म के लिए लगातार बेइज्जती झेलनी पड़ती है, लेकिन बार-बार बेइज्जती होने पर हम रिएक्ट नहीं कर पाते, सड़क पर चलते समय हमें जो ताने सुनने को मिलते हैं, वे जल्द ही भीड़ की हत्या में बदल सकते हैं, हम फंस गए हैं और हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है, हम बेइज्जती सह रहे हैं क्योंकि हमें डर है कि हमारा भी वही हाल हो सकता है जो दीपू या अमृत का हुआ था. हम सिर्फ भारत भाग सकते हैं, लेकिन बॉर्डर पर कड़ा कंट्रोल है.
BNP से है और खतरा
रिपोर्ट के मुताबिक ढाका के एक और हिंदू निवासी ने कहा कि अगर दीपू दास की लिंचिंग से डर पैदा हुआ है, तो पूर्व प्रेसिडेंट खालिदा ज़िया के बेटे तारिक रहमान की बांग्लादेश वापसी उन्हें और ज्यादा परेशान कर रही है, अगर BNP सत्ता में आती है, तो हमें और ज़्यादा ज़ुल्म का सामना करना पड़ सकता है, शेख हसीना की अवामी लीग ही हमारी एकमात्र बचाने वाली थी, इसका असर गढ़चिरौली, महाराष्ट्र के चंद्रपुर और छत्तीसगढ़ के पखांजूर के रिफ्यूजी इलाकों में महसूस किया जा सकता है, जहां पहले के पूर्वी पाकिस्तान से आए हिंदू इमिग्रेंट्स बसे हुए थे,
प्रोटेस्ट का बना रहे हैं प्लान
ईस्ट पाकिस्तान के पुराने रिफ्यूजी लोगों के संगठन निखिल बांग्ला समन्वय समिति के प्रेसिडेंट डॉ. सुबोध बिस्वास कहते हैं, “हिंदू संगठन एक्टिव क्यों नहीं होते? भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिस पर बांग्लादेश के हिंदू मुश्किल समय में भरोसा कर सकते हैं और भी हिंदू मारे जाएंगे, लेकिन बॉर्डर बंद रहेंगे, हम बॉर्डर पर प्रोटेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं. सनातन जागरण मंच के एक एक्टिविस्ट ने कहा बांग्लादेश में 2.5 करोड़ हिंदू हैं, यह कोई छोटी संख्या नहीं है, हम तबाही की तरफ देख रहे हैं.
