अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वेनेजुएला को लेकर बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए बहुत बड़ी धमकी दी है.  ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला का “इंचार्ज” है. ट्रंप ने तो आगे यह तक कह दिया कि वेनेजुएला को दोबारा खड़ा करने के लिए अमेरिकी तेल कंपनियां तैयार हैं, लेकिन इसके लिए देश के तेल संसाधनों तक पूरी तरह छूट की जरूरत है.
उन्होंने दावा किया कि वेनेजुएला का मौजूदा तेल उत्पादन बेहद कम है और अमेरिकी निवेश से ही वहां की अर्थव्यवस्था को संभाला जा सकता है.

डेल्सी रोड्रिग्ज को ट्रंप की खुली धमकी
वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने मादुरो की गैरमौजूदगी में वाइस प्रेसिडेंट डेल्सी रोड्रिग्ज को अंतरिम प्रेसिडेंट बनाया है. पहले ट्रंप ने कहा कि रोड्रिग्ज अमेरिका से कोऑपरेट करेंगी, लेकिन जब उन्होंने मादुरो की रिहाई मांगी और अमेरिकी दखल का विरोध किया, तो ट्रंप नाराज हो गए. जिसके बाद द अटलांटिक को इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “अगर वो सही नहीं करेगी, तो बहुत बड़ी कीमत चुकाएगी. शायद मादुरो से भी ज्यादा.” रोड्रिग्ज ने पहले कहा कि हम कभी गुलाम नहीं बनेंगे, लेकिन बाद में पीस और डायलॉग की बात करने लगी थीं. ट्रंप चाहते हैं कि रोड्रिग्ज तेल पर अमेरिकी कंपनियों को पूरा एक्सेस दे दें.

तेल की असली जंग दुनिया में हाहाकार
ट्रंप बार-बार तेल की बात कर रहे हैं. वेनेजुएला में दुनिया के सबसे बड़े प्रूवन ऑयल रिजर्व हैं यानी लगभग 303 बिलियन बैरल. लेकिन यहां अभी प्रोडक्शन बहुत कम है, लेकिन अमेरिकी कंपनियां इसे ठीक करके फायदा उठाना चाहती हैं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि इसमें 100 बिलियन डॉलर और 10 साल लग सकते हैं. अमेरिका ने जो वेनेजुएला में किया है इस घटना की दुनिया भर में निंदा हो रही है. क्यूबा, रूस, ईरान ने अमेरिका को तो जमकर कोसा है. वेनेजुएला में प्रदर्शन हो रहे हैं, लोग अनिश्चितता में हैं. ट्रंप ने कोलंबिया को भी धमकी दी है. ये मामला अभी और तूल पकड़ सकता है. रोड्रिग्ज सहयोग करेंगी या विरोध? तेल की ये लड़ाई कहां तक जाएगी? फिलहाल, वेनेजुएला में तनाव है और दुनिया नजरें गड़ाए बैठी है.