बांग्लादेश में  शुक्रवार (19 दिसंबर) को एक छात्र नेता की मौत के बाद हिंसक विरोध प्रदर्शनों की नई लहर के बीच कथित ईशनिंदा के आरोप में कट्टरपंथियों की भीड़ ने एक हिंदू शख्स की पिटाई की और उसको पेड़ से लटकाकर आग लगा दी. इस घटना के बाद से बांग्लादेश के अल्पसंख्यक समुदाय में दहशत का माहौल है. बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने कहा कि ‘नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा की कोई जगह नहीं है.’ इसके साथ ही यूनुस सरकार ने ये  वादा भी किया कि इस अपराध में शामिल किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा.

कट्टरपंथियों की भीड़ द्वारा मारा गया शख्स दीपू चंद्र दास, एक युवा गारमेंट फैक्ट्री मजदूर था जो भालुका उपजिला के डुबालिया पारा इलाके में किराए पर रहता था. पुलिस के अनुसार, स्थानीय निवासियों के एक समूह ने उस पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया और गुरुवार (18 दिसंबर) रात करीब 9 बजे उस पर हमला कर दिया था. बांग्लादेश सरकार ने जारी किए गए एक बयान में कहा, ‘हम मैमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की पिटाई और हत्या की घटना की कड़ी निंदा करते हैं. नए बांग्लादेश में इस तरह की हिंसा की कोई जगह नहीं है. इस क्रूर अपराध में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.’

यूनुस सरकार ने की मॉब लिंचिंग की निंदा
मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने देश में जारी हिंसा पर अपनी पहली प्रतिक्रिया जारी करते हुए देश के नागरिकों से मॉब लिंचिंग का विरोध करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि वह हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति के नुकसान किए जाने की स्पष्ट रूप से कड़ी निंदा करते हैं. बांग्लादेश की युनूस सरकार ने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि ये सब देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खत्म करने का खतरा पैदा करते हैं. यूनुस सरकार ने कहा, ‘हम हिंसा, धमकी, आगजनी और संपत्ति के विनाश के सभी कृत्यों की कड़ी और स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं.’

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हिंसा और अशांति से जल रहा है बांग्लादेश
बांग्लादेश और उसकी राजधानी में ढाका में कट्टरपंथी लगातार हिंसा और आगजनी करते हुए दिखाई दे रहे हैं. इसके पहले ढाका में प्रोथोम अलो ऑफिस के बाहर का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होता दिखाई दिया था जिसे गुरुवार की रात को कट्टरपंथी प्रदर्शनकारियों ने जला दिया था. कट्टरपंथी लगातार शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं इसी दौरान एक कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की मौत हो गई जिसके बाद, बांग्लादेश में अशांति और तेज से फैल गई. राजधानी ढाका में दो अखबारों के ऑफिस में आग लगा दी गई है. देश के दो बड़े अखबारों डेली स्टार और प्रोथोम अलो की इमारतों में आग लगा दी गई. 

लगातार लगाए जा रहे हैं भारत विरोधी नारे
बांग्लादेश में इन दिनों बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं, जिनमें भारत-विरोधी नारे जोर-शोर से लगाए जा रहे हैं. यह घटनाक्रम छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद शुरू हुआ, जो अपने भारत-विरोधी बयानों के लिए जाने जाते थे. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, हादी की मौत की खबर फैलते ही प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने चट्टोग्राम स्थित भारतीय असिस्टेंट हाई कमीशन के बाहर धरना दिया। इस दौरान हादी की कथित हत्या के विरोध में नारे लगाए गए. प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने ‘भारतीय आक्रामकता को खत्म करो’ और ‘लीग (अवामी लीग) से जुड़े लोगों को पकड़ो और मार डालो’ जैसे अवामी लीग और भारत-विरोधी नारे लगाए. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को परिसर से पीछे धकेल दिया. फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है.

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