Manuel Noriega: वेनेजुएला की राजधानी और हाई-सिक्योरिटी फोर्ट टिउना मिलिट्री कंपाउंड में सो रहे राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को अचानक पहुंची अमेरिकी सेना खींचकर ले गई. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पूरी तरह से बेबस हो गए और उन्हें अमेरिकी सेना ने बंदी बना लिया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि उन्हें मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया. ट्रंप ने जो कुछ भी किया ये कोई नया नहीं है. ट्रंप से पहले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज वॉकर बुश ने कुछ ऐसी ही हथकंडा अपनाया था और उन्होंने पनामा पर हमला किया और पनामा में जनरल मैनुअल नोरिएगा को बंदी बना लिया था. जानिए उस दौरान बुश ने ऐसा क्या किया था जिसकी एक बार फिर चर्चा होने लगी है.
अमेरिका ने किया था हमला
ये बात साल 1989 की है जब लैटिन अमेरिका में एक और सीधे दखल में अमेरिका ने पनामा पर हमला किया और पनामा के शासक नोरिएगा को बंदी बना लिया गया. इस कार्रवाई के पीछे अमेरिकी सेना ने पनामा में US नागरिकों की सुरक्षा, गैर-लोकतांत्रिक तरीकों, भ्रष्टाचार और गैर-कानूनी ड्रग व्यापार का हवाला दिया गया. इस पर हमला करने से पहले US ने 1988 में मियामी में ड्रग तस्करी के लिए नोरिएगा पर आरोप लगाया था. बिल्कुल वैसे ही जैसे ट्रंप ने मादुरो पर लगाया है. उस समय पनामा में US का हमला वियतनाम युद्ध के बाद US का सबसे बड़ा लड़ाकू ऑपरेशन था. US सरकार ने ऑपरेशन के लिए कई वजहें बताईं.
चलाया था ये ऑपरेशन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उस समय अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने नोरिएगा को पकड़ने के लिए ऑपरेशन निफ्टी पैकेज चलाया था जो नोरिएगा को भागने से रोकने के लिए नेवी सील्स द्वारा शुरू किया गया एक अभियान था. अमेरिकी सेना ने उसकी नावों को डुबो दिया था और उसके जेट को नष्ट कर दिया गया, अमेरिका के हमले के बाद भी नोरिएगा काफी दिन तक फरार रहा है, हालांकि अमेरिकी सैनिकों को शौर्य के आगे वो ज्यादा दिन तक भाग नहीं सका और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
गाने बजाकर डाला दबाव
वो अमेरिकी सैनिकों से बचने के लिए नामा सिटी में होली सी के राजनयिक मिशन के अपोस्टोलिक ननसिएचर में शरण ली. यह एक चर्च की संपत्ति थी ऐसे में सैनिक अंदर नहीं जा सकते थे. ऐसे में उसे बाहर निकालने के लिए दिन-रात तेज रॉक-एंड-रोल संगीत बजाया जाता था. इसके अलावा ऐसे गाने बचाए जाते थे जो उसे पंसद नहीं आते थे. उसपर गाने के जरिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया गया और आखिरकार उसने 10 दिन बाद खुद सरेंडर कर दिया. बता दें कि नोरिएगा की 2017 में पनामा की जेल में मौत हो गई, जहां वे अपने अपराधों के लिए सजा काट रहे थे.
कौन था नोरिएगा
नोरिएगा 1980 के दशक में पनामा का असली शासक था वह राष्ट्रपति नहीं था, लेकिन सेना उसके हाथ में थी, इसलिए वही सब कुछ तय करता था. बता दें कि पहले वह अमेरिका (CIA) का सहयोगी रहा हालांकि बाद में अमेरिका ने उसपर ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया था. कुछ ऐसा ही काम इस बार ट्रंप ने किया है.
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