Stephen Schwarzman: देश-दुनिया में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने अपनी संपत्ति को दान में दे दिया. जिसकी वजह से उनकी आज भी चर्चा होती है. ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म ब्लैकस्टोन के को-फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव स्टीफन श्वार्जमैन भी कुछ ऐसा करने की योजना बना रहे हैं. वो अपनी संपत्ति का ज्यादातर हिस्सा फिलैंथ्रोपिक फाउंडेशन को करने का मन बना चुके हैं. इसके साथ ही स्टीफन ए. श्वार्जमैन फाउंडेशन काफी बड़ा बनाने जा रहे हैं, जो अमेरिका की टॉप 10 प्राइवेट फाउंडेशंस में शामिल हो सकती है. एक वक्त वो भी था जब स्टीफन पर्दे की दुकान पर काम करते थे.
क्या है प्लान
श्वार्जमैन ने गिविंग प्लेज पर साइन भी किया है, इसमें दुनिया के सबसे अमीर लोग चैरिटी को देना का वादा करते हैं. उनका मुख्य फोकस आर्टिफिशियल, एजुकेशन, टेक्नोलॉजी के तेज बदलाव से समाज को तैयार करने पर पर है. उन्होंने कहा है कि AI और कंप्यूटिंग की प्रगति से नौकरियां, शिक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बदल सकती है. इसलिए समाज को इन बदलावों के लिए जल्दी तैयार होना जरूरी है. यह कोई पहला मौका नहीं है जब स्टीफन दान करने जा रहे हैं. इससे पहले भी उन्होंने AI रिसर्च, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में बड़े दान दिए हैं.
बड़े फांउडेशन में शुमार
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि श्वार्जमैन और उनकी टीम स्टीफन ए. श्वार्जमैन फाउंडेशन के बड़े विस्तार की प्लानिंग कर रहे हैं. साल 2024 में उनकी संपत्ति $65 मिलियन थी. श्वार्जमैन गिविंग प्लेज के सिग्नेटरी हैं, जो दुनिया के सबसे अमीर लोगों को अपनी ज्यादातर दौलत चैरिटेबल कामों के लिए दान करने के लिए बढ़ावा देता है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के हिसाब से उनकी नेट वर्थ लगभग $47.8 बिलियन आंकी गई है. अगर उस दौलत का लगभग सारा हिस्सा आखिरकार फाउंडेशन को ट्रांसफर कर दिया जाता है, तो यह गेट्स फाउंडेशन और वेलकम ट्रस्ट जैसी बड़ी ग्लोबल फिलैंथ्रोपी के बराबर होगा.
रुमाल लपेटने का किया काम
वॉल स्ट्रीट से वैश्विक परोपकार तक श्वार्जमैन ने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए करने के बाद 1972 में लेहमैन ब्रदर्स में अपना करियर शुरू किया. 1985 में पीटर जी पीटरसन के साथ ब्लैकस्टोन की सह-स्थापना करने से पहले वे प्रबंध के निदेशक बने. इससे पहले वो अपने पिता कि दुकान पर कपड़े और रुमाल लपेटने का काम किया. महज 14 साल की उम्र में उन्होंने घास काटने का भी काम किया था.
