
ग्रामीण विकास मंत्रालय

वीबी-जी राम-जी योजना के अंतर्गत निधियां
प्रविष्टि तिथि: 31 JUL 2026 5:26PM by PIB Delhi
विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) अधिनियम, 2025 पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में 1 जुलाई, 2026 से लागू हो गया है। सभी राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों ने वीबी-जी राम जी योजना को अधिसूचित कर दिया है और इसे लागू करना शुरू कर दिया है। 01.07.2026 को इसकी शुरुआत के बाद से वीबी-जी राम जी योजना के तहत किए गए अंतरिम आवंटन और जारी की गई मूल स्वीकृति का राज्य/संघ राज्य क्षेत्र-वार विवरण अनुबंध में दिया गया है।
आज की तिथि के अनुसार विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबी-जी राम जी योजना के तहत किसी भी राज्य/संघ राज्य क्षेत्र का कोई बकाया लंबित नहीं है।
सरकार प्रबंधन सूचना प्रणाली (एमआईएस), नियमित समीक्षा बैठकों और अन्य उपयुक्त तंत्रों के माध्यम से वीबी-जी राम जी योजना के कार्यान्वयन की लगातार निगरानी करती है। अंतरिम आवंटन की तत्काल स्वीकृति और मूल स्वीकृति जारी होने से राज्य/संघ राज्य क्षेत्र वीबी-जी राम जी के तहत मजदूरी का समय पर भुगतान करने में सक्षम हुए हैं।
वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 योजना के समयबद्ध और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक वैधानिक ढांचा प्रदान करता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए (01.07.2026 से 31.03.2027 की अवधि के लिए) वीबी-जी राम जी योजना के लिए किया गया ₹95,692.31 करोड़ का बजटीय आवंटन देश के इतिहास में किसी भी ग्रामीण रोजगार योजना के लिए बजट अनुमान चरण में किया गया अब तक का सबसे बड़ा आवंटन है। इसके अलावा, राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के बीच ₹95,692.31 करोड़ का मानदंड आधारित आवंटन पहले ही किया जा चुका है और पहली किश्त के रूप में ₹25,844.97 करोड़ की मूल स्वीकृतियां भी जारी की जा चुकी हैं। इससे ऐसे प्रत्येक परिवार को, जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक होते हैं, उन्हें एक सौ पच्चीस दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी प्रदान करने में मदद मिलेगी। राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों से स्वीकृत निधि का तेजी से उपयोग करने और श्रमिकों को मजदूरी का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया गया है।
चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान दिनांक 27.07.2026 तक वीबी-जी राम जी के अंतर्गत राज्यों/संघ राज्य क्षेत्र वार किए गए अंतरिम आवंटन तथा जारी मूल स्वीकृतियों का विवरण (आंकड़े करोड़ रु. में) | |||
क्र. सं. | राज्य | राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को अंतरिम आवंटन | पहली किश्त के रूप में जारी मूल स्वीकृतियां |
1 | आंध्र प्रदेश | 7707.21 | 2545.50 |
2 | अरुणाचल प्रदेश | 560.7 | 147.55 |
3 | असम | 1929.7 | 630.96 |
4 | बिहार | 6715.83 | 1663.56 |
5 | छत्तीसगढ़ | 3354.85 | 1006.46 |
6 | गोवा | 3.7 | 1.23 |
7 | गुजरात | 1540.54 | 310.64 |
8 | हरियाणा | 590.19 | 194.93 |
9 | हिमाचल प्रदेश | 1203.28 | 397.41 |
10 | झारखंड | 2705.64 | 786.72 |
11 | कर्नाटक | 5709.9 | 1750.88 |
12 | केरल | 3136.44 | 925.33 |
13 | मध्य प्रदेश | 6252.03 | 630.76 |
14 | महाराष्ट्र | 4420.32 | 1459.92 |
15 | मणिपुर | 581.99 | 192.21 |
16 | मेघालय | 1155.09 | 381.50 |
17 | मिजोरम | 611.65 | 199.21 |
18 | नागालैंड | 287.85 | 95.07 |
19 | ओडिशा | 3763.8 | 932.32 |
20 | पंजाब | 1331.61 | 439.80 |
21 | राजस्थान | 7581.87 | 2274.37 |
22 | सिक्किम | 97.57 | 32.23 |
23 | तमिलनाडु | 7585.49 | 2176.84 |
24 | तेलंगाना | 3825.31 | 1263.41 |
25 | त्रिपुरा | 1041.7 | 344.05 |
26 | उत्तर प्रदेश | 9721.48 | 3210.76 |
27 | उत्तराखंड | 626.43 | 193.78 |
28 | पश्चिम बंगाल | 8508 | 1264.49 |
29 | पुदुचेरी | 40.56 | 12.88 |
30 | जम्मू और कश्मीर | 1151.2 | 380.21 |
31 | अंडमान और निकोबार | 4.44 | 0 |
32 | लद्दाख | 85.98 | 0 |
33 | दादरा नगर हवेली और दमन दीव | 9.02 | 0 |
34 | लक्षद्वीप | 0.32 | 0 |
कुल | 93841.69 | 25844.97 | |
सामाजिक अंकेक्षण और केंद्रीय प्रशासन के लिए निधियां | 1850.62 | ||
कुल योग | 95692.31 | ||
यह जानकारी केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री कमलेश पासवान ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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आर सी/ पीयू
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