
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय

चिराग पासवान ने पीएमएफएमई (PMFME) बाजार का उद्घाटन किया, इसमें भारत के विविध सूक्ष्म खाद्य उद्यमों का प्रदर्शन किया गया
प्रविष्टि तिथि: 24 AUG 2026 9:08PM by PIB Delhi
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) 24–25 अगस्त 2026 को भारत पर्यावास केंद्र (इंडिया हैबिटैट सेंटर), नई दिल्ली में पीएमएफएमई (PMFME) सम्मेलन 2026 का आयोजन कर रहा है, जिसमें सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त करने तथा वित्त, प्रौद्योगिकी और बाजारों तक पहुँच बढ़ाने पर विचार-विमर्श होगा। इसमें 500 से अधिक हितधारक शामिल होंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन माननीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने किया, जिन्होंने PMFME बाजार का भी उद्घाटन किया, जो इस दो-दिवसीय कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण है। इस बाजार में 25 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रदर्शक शामिल हैं, जो भारत के समृद्ध पाक तथा सांस्कृतिक विविधता का प्रतिनिधित्व करते हुए अनोखे, पारंपरिक और क्षेत्रीय खाद्य उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदर्शित कर रहे हैं।

बाजार के अपने दौरे के दौरान, माननीय मंत्री ने PMFME लाभार्थियों और प्रदर्शकों से बातचीत की, उनके उत्पादों का अवलोकन किया और उनकी उद्यमशील यात्राओं की प्रशंसा की। यह प्रदर्शनी सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों, स्वयं सहायता समूहों (SHGs), किसान उत्पादक संगठन (FPOs), सहकारियों और व्यक्तिगत उद्यमियों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने, खरीदारों से जुड़ने तथा नए बाजार अवसरों का पता लगाने का मंच प्रदान करती है।

PMFME बाजार क्षेत्र-विशिष्ट और पारंपरिक खाद्य उत्पादों का एक प्रभावशाली रेंज प्रस्तुत करता है, जिसमें प्रसंस्कृत खाद्य, मिलेट-आधारित उत्पाद, मसाले, अचार, स्नैक्स, पेय और अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद शामिल हैं।
यह प्रदर्शनी दिखाती है कि कैसे स्थानीय कच्चे माल, पारंपरिक ज्ञान और जमीनी स्तर की उद्यमशीलता को PMFME योजना के तहत समर्थन के माध्यम से बाजार-तैयार खाद्य उत्पादों में बदला जा रहा है।
बाजार लाभार्थियों को उनके स्थानीय बाजारों से परे दृश्यता प्राप्त करने और संस्थागत खरीद, आधुनिक रिटेल, डिजिटल वाणिज्य और निर्यात बाजारों में अवसर खोजने का मंच भी प्रदान करता है। यह मंत्रालय के उस प्रयास को परिलक्षित करता है कि सूक्ष्म उद्यमों को स्थानीय स्तर पर उत्पादन से आगे बढ़ाकर मजबूत ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता, बाजार पहुंच और वाणिज्यिक स्थिरता की ओर ले जाया जाए।

दो-दिवसीय सम्मेलन में सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि, जिला नोडल अधिकारी, जिला रिसोर्स पर्सन, बैंक और वित्तीय संस्थान, मंत्रालय और सरकारी संगठन, तकनीकी संस्थान, उद्योग निकाय, इनक्यूबेशन केंद्र और PMFME लाभार्थी सहित विविध हितधारक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम ज्ञान साझा करने, समन्वय और सफल अनुभवों के आदान-प्रदान के लिए एक मंच प्रदान करता है।
उद्घाटन सत्र में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के संयुक्त सचिव श्री देवेश देवल ने स्वागत भाषण दिया, इसके बाद MoFPI के सचिव श्री अविनाश जोशी ने संबोधन दिया। कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान, दीप प्रज्वलन और PMFME पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी शामिल था।
संक्षिप्त संबोधन में, माननीय मंत्री ने सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने तथा उद्यमियों को केवल वित्तीय सहायता ही नहीं बल्कि प्रौद्योगिकी, क्षमता निर्माण, गुणवत्ता, ब्रांडिंग और बाजार पहुँच जैसी दिशा में भी समर्थन सुनिश्चित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की बदलती आवश्यकताओं के जवाब में एक मजबूत और व्यापक पीएमएफएमई 2.0 की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

उद्घाटन कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता PMFME लाभार्थियों की 30 सफलता-कथाओं को प्रदर्शित करती एक कॉफी टेबल बुक का लॉन्च था, जो देश के विभिन्न हिस्सों से उद्यमशील यात्राओं को दर्शाती है। कार्यक्रम में मंत्रालय की त्रैमासिक पत्रिका ‘FoodNova’ का भी शुभारंभ किया गया, जो खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में विकास, नवाचार, सफलता-कथाएँ और उभरते रुझानों को प्रदर्शित करेगी।
PMFME लाभार्थियों के लिए बाजार और संस्थागत लिंक जोड़ने के उद्देश्य से एपीडा, ओ एन डी सी और नबकिसान जैसी संस्थाओं के साथ तीन समझौता पत्र (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए। ये साझेदारियाँ व्यापक बाजार पहुँच को सुगम बनाने, डिजिटल वाणिज्य को बढ़ावा देने और घरेलू तथा निर्यात बाजारों में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखेंगी।

सम्मेलन के पहले दिन में वित्त तक पहुँच और स्थिरता; इनक्यूबेशन और उद्यमिता; घरेलू और वैश्विक बाजार लिंक—उपनिबंध; और क्लस्टर तथा संस्थागत समर्थन के माध्यम से स्व सहायता समूह (SHG)-नेतृत खाद्य उद्यमों को सशक्त करने विषयों पर चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।
PMFME बाजार सम्मेलन की केंद्रीय विशेषता बना हुआ है, जो भारत के सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की रचनात्मकता, विविधता और वाणिज्यिक संभावनाओं का राष्ट्रीय मंच प्रदान करता है। यह मजबूत बाजार लिंक बनाने और जमीनी स्तर के उद्यमियों को स्थानीय उत्पादों को व्यापक घरेलू तथा वैश्विक पहुँच वाले प्रतिस्पर्धी ब्रांडों में रूपांतरित करने के लिए सक्षम बनाने प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस प्रकार PMFME सम्मेलन 2026 नीति, वित्त, प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और बाजारों को एक साझा मंच पर लाता है, साथ ही सूक्ष्म खाद्य उद्यमियों की उपलब्धियों का जश्न मनाता है और एक मजबूत, बाजार-उन्मुख तथा वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का निर्माण करने के लिए सहयोगी रोडमैप तैयार करता है।

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