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सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

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सरकार ने अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं की निगरानी और समय पर कार्यान्वयन को मजबूत किया


नियमित समीक्षा, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और सामाजिक लेखापरीक्षाएं निधि के प्रभावी उपयोग में सहयोग प्रदान करती हैं

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समन्वित कार्रवाई लाभार्थियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर केंद्रित है

प्रविष्टि तिथि: 28 AUG 2026 1:32PM by PIB Delhi

सरकार देशभर में अनुसूचित जाति समुदायों की शैक्षिक उन्नति, सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और संरक्षण के लिए कल्याणकारी योजनाओं की एक व्यापक श्रृंखला लागू कर रही है।

वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप, राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति, उच्च स्तरीय शिक्षा, मुफ्त कोचिंग, प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय), लक्षित क्षेत्रों के हाई स्कूलों में छात्रों के लिए आवासीय शिक्षा योजना (श्रेष्ठा), अनुसूचित जातियों के लिए वेंचर कैपिटल फंड और कौशल विकास कार्यक्रमों सहित प्रमुख पहलों के लिए धनराशि आवंटित की गई थी।

विभिन्न अनुसूचित जाति कल्याण योजनाओं के अंतर्गत निधियों का कार्यान्वयन और उपयोग संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समन्वय से किया जाता है। निधियों का निर्गमन पूर्ण प्रस्तावों की प्राप्ति, उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने, जहां लागू हो वहां एसएनए-स्पर्श में पंजीकरण, योजना दिशानिर्देशों का पालन और निर्धारित वित्तीय मानदंडों के अनुपालन से जुड़ा हुआ है।

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय व्यय में सुधार और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए, योजनाओं की नियमित आंतरिक समीक्षा करता है। कार्यान्वयन का आकलन करने और कार्यक्रम वितरण की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए तृतीय-पक्ष मूल्यांकन और सामाजिक लेखापरीक्षा भी की जाती है।

छात्रवृत्ति सहायता का वितरण मुख्य रूप से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से किया जाता है ताकि पात्र छात्रों के बैंक खातों में सीधे लाभ का हस्तांतरण तेजी से और अधिक पारदर्शी ढ़ंग से हो सके। यह व्यवस्था लाभार्थियों को सटीक रूप से लक्षित करने में भी सहायक है और वितरण में होने वाली देरी को कम करती है।

मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर के चिंतन शिविरों, क्षेत्रीय बैठकों, राष्ट्रीय सम्मेलनों और हितधारकों तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ परामर्श के माध्यम से योजना के कार्यान्वयन की नियमित रूप से निगरानी करता है।

कार्यान्वयन में कमियों की पहचान करने और समय पर सुधारात्मक उपाय करने के लिए मासिक और त्रैमासिक व्यय लक्ष्यों की समीक्षा की जाती है। राष्ट्रीय और क्षेत्रीय समाचार पत्रों में विज्ञापनों, सोशल मीडिया अभियानों और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ नियमित संपर्क के माध्यम से जागरूकता और संपर्क अभियान भी चलाए जाते हैं।

इन प्रयासों का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों के बीच जागरूकता बढ़ाना, प्रस्ताव प्रस्तुत करने की प्रक्रिया में सुधार करना और आवंटित धनराशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करना है।

मजबूत निगरानी, ​​डिजिटल निधि-प्रबंधन प्रणालियों, लाभों के प्रत्यक्ष हस्तांतरण, नियमित मूल्यांकन और कार्यान्वयन अधिकारियों के साथ घनिष्ठ समन्वय के माध्यम से, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि अनुसूचित जाति कल्याण योजनाएं पात्र लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचें।

इन पहलों का उद्देश्य देश भर में अनुसूचित जाति समुदायों के बीच शिक्षा, सम्मान, आजीविका सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

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पीके/केसी/जेके/एनजे

(रिलीज़ आईडी: 2304151) आगंतुक पटल : 8

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