इस्पात मंत्रालय
अप्रैल–अगस्त 2026 में भारत के इस्पात क्षेत्र में सकारात्मक वृद्धि की प्रवृत्ति जारी
प्रविष्टि तिथि: 03 SEP 2026 6:39PM by PIB Delhi
1क. उत्पादन का विवरण (मिलियन टन में)
|
उत्पादन |
अगस्त 2026 |
अगस्त 2025 |
वार्षिक % (YoY) |
अप्रैल–अगस्त 2026 |
अप्रैल–अगस्त 2025 |
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में % |
|
क्रूड स्टील |
14.1 |
14.1 |
-0.1 |
70.3 |
69.0 |
1.8 |
|
हॉट मेटल |
8.0 |
8.1 |
-1.1 |
40.0 |
39.2 |
1.9 |
|
तैयार इस्पात |
13.5 |
13.4 |
0.3 |
68.1 |
65.6 |
3.8 |
1ख. उत्पादक–वार उत्पादन (अप्रैल–अगस्त 2026) (मिलियन टन में)
|
उत्पादक |
वार्षिक क्रूड स्टील क्षमता |
क्रूड स्टील उत्पादन |
हॉट मेटल उत्पादन |
तैयार इस्पात उत्पादन |
|
शीर्ष 7 |
117.4 |
39.2 |
37.2 |
36.5 |
|
शेष उत्पादक |
105.4 |
31.1 |
2.8 |
31.7 |
|
कुल |
222.8 |
70.3 |
40.0 |
68.1 |
|
सार्वजनिक क्षेत्र की हिस्सेदारी (%) |
13.9 |
15.8 |
30.0 |
13.5 |
शीर्ष 7 में शामिल हैं: सेल (SAIL), आरआईएनएल (RINL), एनएसएल (NSL), टीएसएल समूह (TSL Group), एएम/एनएस (AM/NS), जेएसएल–जेएसपीएल (JSL/JSPL), जेएसडब्ल्यू समूह (JSW Group)।
1ग. इस्पात मूल्य (₹/टन)
|
उत्पाद |
जून-26 |
जुलाई-26 |
अगस्त-26 |
मासिक परिवर्तन (MoM) % |
वार्षिक परिवर्तन (YoY) % |
|
टीएमटी (10 मिमी) |
₹ 60,068 |
₹ 56,698 |
₹ 58,002 |
2.3% |
5.8% |
|
एचआर कॉइल (2 मिमी) |
₹ 70,108 |
₹ 69,828 |
₹ 70,448 |
0.9% |
15.5% |
|
सीआर कॉइल (0.63 मिमी) |
₹ 77,052 |
₹ 76,582 |
₹ 76,462 |
-0.2% |
13.3% |
|
जीपी शीट (0.63 मिमी) |
₹ 86,505 |
₹ 86,415 |
₹ 86,668 |
0.3% |
17.7% |
नोट: मूल्य जीएसटी सहित हैं और ₹/टन में दर्शाए गए हैं, जो चार महानगरों—कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई—के औसत मूल्यों पर आधारित हैं।
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संकेतक |
अगस्त 2026 |
अगस्त 2025 |
वार्षिक % (YoY) |
अप्रैल–अगस्त 2026 |
अप्रैल–अगस्त 2025 |
पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में % |
|
तैयार इस्पात की खपत |
14.3 |
13.8 |
3.9 |
70.3 |
65.7 |
7.0 |
3क. तैयार इस्पात — आयात एवं निर्यात
|
संकेतक |
इकाई |
अगस्त-26 |
अगस्त-25 |
वार्षिक % |
अप्रैल–अगस्त 2026 |
अप्रैल–अगस्त 2025 |
समान अवधि तुलना % |
|
आयात |
हजार टन |
721.1 |
667.9 |
8.0 |
3487.3 |
2692.8 |
29.5 |
|
आयात |
₹ करोड़ |
7863.1 |
6377.6 |
23.3 |
36193.9 |
26172.6 |
38.3 |
|
निर्यात |
हजार टन |
693.7 |
528.2 |
31.3 |
2986.0 |
2226.2 |
34.1 |
|
निर्यात |
₹ करोड़ |
5541.2 |
3914.9 |
41.5 |
23646.6 |
17911.1 |
32.0 |
शुद्ध व्यापार स्थिति
अप्रैल–अगस्त 2026 की अवधि के दौरान मात्रा के संदर्भ में भारत तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक (नेट इम्पोर्टर) रहा।
4क. घरेलू कच्चे माल की कीमतें (₹/टन)
|
वस्तु |
जून 2026 |
जुलाई 2026 |
अगस्त 2026 |
मासिक परिवर्तन |
|
एनएमडीसी आयरन ओर बैला लम्प (65.5%, 10-40 मिमी) |
₹ 5,700 |
₹ 5,450 |
₹ 5,250 |
-3.7% |
|
एनएमडीसी आयरन ओर बैला फाइन्स (64%, 0-10 मिमी) |
₹ 4,850 |
₹ 4,700 |
₹ 4,500 |
-4.3% |
|
एमओआईएल मैंगनीज़ ओर लम्प (Mn 37%, Fe 7.5%) |
₹ 19,505 |
₹ 18,530 |
₹ 17,603 |
-5.0% |
|
स्क्रैप — एचएमएस II |
₹ 40,665 |
₹ 38,580 |
₹ 39,970 |
3.6% |
|
सूचकांक |
जून 2026 |
जुलाई 2026 |
अगस्त 2026 |
मासिक परिवर्तन |
वार्षिक परिवर्तन |
|
निफ्टी मेटल इंडेक्स (औसत) |
12,971.9 |
12,556.4 |
13,181.8 |
5.0% |
41.7% |
|
पीएमआई विनिर्माण सूचकांक |
54.2 |
53.5 |
52.8 |
-1.3% |
-11.0% |
|
बाल्टिक ड्राई इंडेक्स (औसत) |
2,779.9 |
2,769.9 |
2,951.1 |
6.5% |
47.5% |
स्रोत: एनएसई, एस एंड पी ग्लोबल, ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स
- माननीय केंद्रीय इस्पात मंत्री श्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सेल (SAIL) के प्रदर्शन, पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) और विस्तार योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने भारत के इस्पात क्षेत्र में सेल की भूमिका को मजबूत करने और विकसित भारत के दृष्टिकोण को समर्थन देने के लिए दक्षता बढ़ाने, क्षमता विस्तार और तेज आधुनिकीकरण पर बल दिया।
- सेल (SAIL) को टॉप एम्प्लॉयर्स इंस्टीट्यूट से ‘टॉप एम्प्लॉयर‘ प्रमाणन प्राप्त हुआ है, जो दिसंबर 2027 तक वैध है। यह उसकी लगातार तीसरी ‘ग्रेट प्लेस टू वर्क‘ प्रमाणन के बाद मिला है, जो इसकी मजबूत एचआर प्रथाओं, कर्मचारी सहभागिता और कार्यस्थल संस्कृति को दर्शाता है।
- एनएमडीसी (NMDC) ने अगस्त 2026 में 4.07 मिलियन टन आयरन ओर का उत्पादन और 3.58 मिलियन टन की बिक्री दर्ज की, जो क्रमशः 20.8% और 5.6% की वार्षिक वृद्धि दर्शाती है। वित्त वर्ष 2027 के अप्रैल-अगस्त के दौरान उत्पादन 23.23 मिलियन टन और बिक्री 18.72 मिलियन टन रही। एनएमडीसी की किरंदुल, बचेली और डोनिमलाई खदानों ने अपना अब तक का सर्वाधिक अगस्त उत्पादन दर्ज किया।
- एनएमडीसी ने अपने 2 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता वाले नगरनार पेलेट प्लांट में इंड्यूरेटिंग मशीन को सफलतापूर्वक चालू (लिट–अप) किया है, जो प्लांट के कमीशनिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह मशीन नियंत्रित तापन और शीतलन के माध्यम से ग्रीन पेलेट्स को उच्च–शक्ति वाले आयरन ओर पेलेट्स में परिवर्तित करेगी।
- एसआरटीएमआई (SRTMI) और स्वीडन के स्वेरिम (SWERIM) ने लौह एवं इस्पात अनुसंधान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, हरित इस्पात, डीकार्बोनाइजेशन, चक्रीय अर्थव्यवस्था, उन्नत इस्पात, एआई/एमएल और डिजिटल प्रौद्योगिकियों तथा क्षमता निर्माण पर केंद्रित रहेगी।
- ग्लोबल अफेयर्स कनाडा के उप मंत्री श्री ग्लेन पर्व्स ने इस्पात मंत्रालय के सचिव श्री संदीप पौंड्रिक से मुलाकात कर इस्पात क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। यह चर्चा इस्पात मूल्य श्रृंखला में व्यापार, प्रौद्योगिकी सहयोग और निवेश को बढ़ाने पर केंद्रित रही।
- सेल (SAIL) के भिलाई स्टील प्लांट ने भिलाई स्टील प्लांट और चंद्रपुर फेरो एलॉय प्लांट के लिए एक सीओ₂ डैशबोर्ड लॉन्च किया है, जो कार्बन उत्सर्जन की दैनिक निगरानी को सक्षम बनाएगा। यह डेटा–संचालित प्लेटफॉर्म विचलनों की पहचान करने, समय पर सुधारात्मक कार्रवाई का समर्थन करने और डीकार्बोनाइजेशन तथा परिचालन दक्षता को मजबूत करने में मदद करेगा।
स्रोत: अगस्त 2026 के लिए अनंतिम जेपीसी (JPC) आंकड़े। Mt = मिलियन टन; Mtpa = मिलियन टन प्रति वर्ष; MoM = मासिक आधार पर; YoY = वार्षिक आधार पर; CPLY = पिछले वर्ष की समान अवधि।
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पीके/केसी/एमएम
(रिलीज़ आईडी: 2306507) आगंतुक पटल : 12
