
नई दिल्ली: भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी (Mehul Choksi) को डोमिनिका (Dominica) से प्रत्यर्पण की कोशिशों तेज हो गई हैं. डोमिनिका हाई कोर्ट (Dominica High Court) में आज फिर मामले की सुनवाई होगी. भारतीय अधिकारियों की एक टीम डोमिनिका में ही डेरा डाले हुए है. इधर, मेहुल चोकसी के प्रत्यार्पण को लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है.
विदेश मंत्रालय ने पहली बार कही ये बात?
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस बात पर कायम है कि भगोड़ों को देश वापस लाया जाए. भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भगोड़ों को भारत वापस लाने के अपने प्रयासों में भारत अडिग है. मेहुल चोकसी डोमिनिका की हिरासत में है और कुछ कानूनी कार्यवाही चल रही है. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे भारत वापस लाया जाए.
India remains steadfast in its efforts that fugitives are brought back to India. He is currently in the custody of Dominica with some legal proceedings underway. We will continue to ensure he is brought to back India: MEA Spox when asked about fugitive diamantaire Mehul Choksi pic.twitter.com/carXpf3DfT
— ANI (@ANI) June 3, 2021
ये भी पढ़ें- जिस गर्लफ्रेंड बबारा जराबिका के चक्कर में पकड़ा गया मेहुल चौकसी, सामने आई उसकी HOT तस्वीरें
जमानत की अर्जी खारिज
उधर, डोमिनिका के एक मजिस्ट्रेट ने मेहुल को जमानत देने से इनकार कर दिया. ‘डोमिनिका न्यूज ऑनलाइन’ की खबर के अनुसार, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 13,500 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी मामले में वांछित चोकसी ने मजिस्ट्रेट के समक्ष कहा कि उसका अपहरण किया गया था और उसे पड़ेासी देश एंटीगुआ और बारबुडा से जबरन डोमिनिका लाया गया.
इस हालत में अदालत में पेश हुआ
व्हीलचेयर पर बैठा, 62 वर्षीय चोकसी काले रंग की निकर और नीले रंग की टी-शर्ट पहने हुए पीठासीन रोसियू मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुआ. उसे डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल से अदालत लाया गया. इसी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है.
इससे पहले बुधवार को चोकसी की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रहे डोमिनिका हाई कोर्ट ने अवैध प्रवेश के आरोपों का सामना करने के लिए उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका (Habeas Corpus Petition) ऐसे व्यक्ति को अदालत में पेश करने के लिए दायर की जाती है जो गिरफ्तार है या अवैध रूप से हिरासत में है.
चोकसी के वकील की दलील
चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने यहां कहा, ‘हमारा कहना है कि मेहुल चोकसी अवैध हिरासत में है इसलिए उसे 72 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने की आवश्यकता है. इसे सुधारने के लिए उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है. यह साबित करता है कि चोकसी को अवैध हिरासत में रखा गया.’
