नई दिल्ली: आम मध्यमवर्गीय और सैरसपाटे के शौकीन भारतीयों के लिए थाईलैंड (Thailand) हमेशा से एक फेवरेट डेस्टिनेशन रहा है. इसके खूबसूरत बीच और नजारे दुनियाभर के लोगों को बरबस अपनी ओर खींच लेते हैं. यहां के होटल, रेस्टोरेंट, मसाज पार्लर और एडवेंचर प्लेस आपको कुछ अलग अहसास कराते हैं. ऐसे में कोरोना काल के लंबे ब्रेक के बीच अगर आप वैक्सीनेशन करा चुके हैं तो ये खबर बस आपके लिए ही है.  

हर नजारा अद्भुत

आइलैंड कंट्री की हर चीज अपने आप में अद्भुत है. फुकेट सिटी (Phuket) तो वैसे भी रोमांटिक सिटी के तौर पर मशहूर है. ज्यादा बजट अफोर्ड कर सकने वाले कपल्स हनीमून के लिए यूरोप का रुख करते हैं तो कम बजट वालों के थाइलैंड ही किसी जन्नत यानी वेनिस और स्विटजरलैंड से कम नहीं. सस्ता भी और अच्छा भी वहीं आने-जाने में भी ज्यादा टाइम नहीं लगता. यकीन न हो तो बता दें कि यहां फिलहाल ये आलम है होटल का एक कमरा सिर्फ 72 रुपये पर डे पर मिलने जा रहा है.

‘वन-नाइट, वन-डॉलर’ 

वैक्सीन लगवा चुके अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए थाईलैंड अगले महीने यानी जुलाई से उन्हें देश में आने की इजाजत देने जा रहा है. खास बात यह है कि थाईलैंड के एक टूरिस्ट ग्रुप ने एक कैंपेन चालू किया है. इसके तहत होटल के कमरे बहुत ही कम कीमत पर दिए जाएंगे. इस कैंपेन को ‘वन-नाइट, वन-डॉलर’ के नाम दिया गया है, जो थाईलैंड टूरिज्म काउंसिल (टीसीटी) द्वारा चलाया जा रहा है. यानी होटल के कमरों की कीमत लगभग 1 डॉलर यानी 72 रूपये के आस-पास होगी. वहीं कुछ रूम सिर्फ एक डॉलर प्रति रात के हिसाब से चार्ज किए जाएंगे.

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कैंपेन के विस्तार की तैयारी

आमतौर पर फुकेट के होटल के रूम का चार्ज 1000 से 3000 baht प्रति रात यानी करीब 2400 रुपये से 7000 रुपये के बीच होता है. वहीं ये भी बताया जा रहा है कि अगर टीसीटी का ये कैंपेन कामयाब रहा, तो इसे कोह समुई और बैंकॉक (Bangkok) में भी लागू किया जाएगा.

थाईलैंड के पर्यटन प्राधिकरण के गवर्नर युथासाक सुपासोर्न ने कहा, ‘फुकेट चरणबद्ध तरीके से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को अपने देश में आने की अनुमति देने जा रहा है. 1 जुलाई से उन स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को अनुमति दी जाएगी जो वैक्सीन लगवा चुके हैं.’

PHUKET

व्यापार नहीं मजबूरी?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश कोरोना महामारी की वजह से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. लाखों लोग नौकरी या काम-धंधा खो चुके हैं. ऐसे में अब केवल सामूहिक पर्यटन ही एक आखिरी रास्ता है जो यहां की इकोनॉमी को पटरी पर ला सकता है. इस मुहिम के तहत फुकेट समेत आस-पास तेजी से वैक्सीनेशन अभियान चलाया जा रहा है ताकि जुलाई तक आइलैंड की 70 फीसदी आबादी का टीकाकरण हो जाए. वहीं कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने जैसी सभी जरूरी शर्तें पूरी होने के बाद ही इंटरनेशनल टूरिस्ट को यहां आने की इजाजत दी जाएगी.

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