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सूचना और प्रसारण मंत्रालय

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भारत कंटेंट क्रिएशन और पोस्ट प्रोडक्शन का वैश्विक केंद्र बनने के लिए तैयार है: सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर

मीडिया और मनोरंजन उद्योग का आकार 2025 तक 4 लाख करोड़ रुपये का हो जाएगा

श्री अनुराग ठाकुर ने मीडिया एवं इंटरटेनमेंट क्षेत्र में स्टार्ट-अप संस्कृति को मजबूत करने का आह्वान किया

Posted On: 26 JUN 2022 12:56PM by PIB Delhi

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि देश में तेजी से बढ़ते डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) क्षेत्र में हो रही प्रगति भारत को मीडिया और मनोरंजन उद्योग का पसंदीदा पोस्ट-प्रोडक्शन केंद्र बनाने की क्षमता रखती है।

पुणे में सिम्बायोसिस स्किल एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित ‘मीडिया और मनोरंजन के बदलते परिदृश्य 2022′ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य भाषण देते हुए, श्री ठाकुर ने कहा, “एवीजीसी क्षेत्र के लिए एक ठोस डिजिटल आधार देश भर में उभर रहा है तथा घरेलू एवं वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए विश्व स्तरीय रचनात्मक प्रतिभा विकसित करने के लिए सरकार ने एवीजीसी क्षेत्र के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है।”

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सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि मीडिया और इंटरटेनमेंट इको-सिस्टम एक उभरता हुआ क्षेत्र है,  जो 2025 तक सालाना 4 लाख करोड़ रुपये अर्जित करने और 2030 तक 100 अरब डॉलर या 7.5 लाख करोड़ रुपये के उद्योग तक पहुंच सकता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने ऑडियो-विजुअल सेवाओं को 12 चैंपियन सेवा क्षेत्रों में से एक के रूप में नामित किया है और उन्होंने इसके निरंतर विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रमुख नीतिगत उपायों की घोषणा की।

श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि रेडियो, फिल्म और मनोरंजन उद्योग में रोजगार के बहुत बड़े अवसर हैं, क्योंकि हम गुणवत्तापूर्ण कंटेंट क्रिएशन के डिजिटल युग में छलांग लगा रहे हैं। उन्होंने कहा, “वीडियो संपादन, कलर ग्रेडिंग, विजुअल इफेक्ट्स (वीएफएक्स), साउंड डिजाइन, रोटोस्कोपिंग, 3 डी मॉडलिंग इत्यादि क्षेत्रों में कई प्रकार के रोजगार उभरे हैं। इस क्षेत्र में प्रत्येक नौकरी की भूमिका के लिए कौशल और दक्षताओं के एक विशिष्ट सेट की आवश्यकता होती है। उद्योग और शिक्षा जगत के लिए यह अनिवार्य है कि वे एक साथ आएं और इस क्षेत्र की जरूरतों के लिए प्रासंगिक कार्यक्रम तैयार करें।” श्री ठाकुर ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए निजी क्षेत्र के साथ नई साझेदारी कायम करने में जुटी है ताकि देश के छात्रों का रुझान इस क्षेत्र से जुड़ी प्रौद्योगिकी के अनुरूप हों।

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श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रौद्योगिकी के प्रति उत्साह ने युवाओं की महत्वाकांक्षा को पंख देने के अवसर प्रदान किए हैं और युवाओं को सशक्त बनाने की प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षा को कौशल भारत मिशन द्वारा साकार किया गया है, जिसका उद्देश्य बाजार में 40 करोड़ युवाओं को आवश्यक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना है।

भारत के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2021 के दौरान शुरू की गई ’75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो‘ परियोजना के बारे में श्री ठाकुर ने कहा कि उनमें से कई प्रतिभाएं मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में रचनात्मक योगदान दे रही हैं और कुछ ने सफल स्टार्ट-अप स्थापित किए हैं।

भारत में बढ़ते स्टार्ट-अप इको-सिस्टम के बारे में चर्चा करते हुए, श्री ठाकुर ने कहा, यहां तक कि कोविड महामारी की अवधि के दौरान भी भारत ने 50 यूनिकॉर्न स्टार्ट-अप जोड़े, जो भारत की उद्यमशीलता की भावना से अवगत कराता है। श्री ठाकुर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि एफटीआईआई और एसआरएफटीआई जैसे प्रमुख फिल्म स्कूलों द्वारा निर्मित प्रतिभा पूल से अधिक से अधिक स्टार्ट-अप उभरेंगे।

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भारत एक ग्लोबल कंटेंट के केंद्र के रूप में

यह बताते हुए कि भारत में कंटेंट क्रिएशन उद्योग ने ‘डिजिटल इंडिया‘ के साथ बड़े पैमाने पर सुधार किया है, श्री ठाकुर ने कहा, “गुणवत्तापूर्ण कंटेंट, आसान पहुंच और उत्सुक दर्शकों के साथ, भारत अपनी सफलता की कहानी कहने और कंटेंट निर्माण का केंद्र बनने के लिए तैयार है।” श्री ठाकुर ने कहा कि मुख्य पात्रों पर हमारे वर्तमान फोकस से आगे बढ़ते हुए, पर्दे के पीछे तकनीकी लोगों के प्रयासों को पर्याप्त रूप से पहचाना और पुरस्कृत किया जाना चाहिए।

ऑस्कर और बाफ्टा पुरस्कार विजेता साउंड डिजाइनर रेसुल पुकुट्टी राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित अतिथि थे। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को कौशल विकसित करने के अलावा छात्रों को बाहरी दुनिया का सामना करने के लिए ज्ञान प्रदान करने की प्राचीन भारतीय परंपरा को पुनर्जीवित करना चाहिए।

एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग और कॉमिक्स के सत्र में अवसर, ओटीटी, टीवी और फिल्म प्रोडक्शन, ऑगमेंटेड रियलिटी/वर्चुअल रियलिटी इमर्सिव मीडिया स्किल्स आदि में अवसरों के उभरते क्षेत्र राष्ट्रीय सम्मेलन के मुख्य विषय थे। मीडिया और मनोरंजन उद्योग क्षेत्र के दिग्गज, सिम्बायोसिस स्किल्स एंड प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. एस बी मजूमदार,  प्रो-चांसलर डॉ. स्वाति मजूमदार, वाइस चांसलर डॉ. गौरी शिऊरकर उपस्थित थे।

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