
Russia Ukraine Conflict: रूस बेशक यूक्रेन से युद्ध में अपने पैर पीछे खींचने को तैयार न हो, लेकिन इस युद्ध की कीमत उसे भी काफी चुकानी पड़ रही है, खासकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को. युद्ध शुरू होने के बाद से ही पुतिन के करीबियों को कई तरह के नुकसान उठाने पड़े. अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों की वजह से पहले कई दोस्तों की संपत्ति घटी, तो अब उनके करीबियों को मौत के घाट उतारा जा रहा है. ताजा मामले में लुकोइल तेल कंपनी के चेयरमैन रवील मगनोव की मॉस्को में एक अस्पताल की खिड़की से गिरने से मौत हो गई है. उनकी कंपनी ने उनकी मौत की पुष्टि तो की लेकिन सिर्फ इतना कहा कि 67 वर्षीय मगनोव की गंभीर बीमारी के बाद मौत हुई है. वहीं रूसी मीडिया ने बताया कि उनका मॉस्को के सेंट्रल क्लिनिकल अस्पताल में इलाज चल रहा था.
अधिकतर लोग मौतों को युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं
रवील मगनोव रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बेहद करीबी लोगों में से एक थे. ऐसे में इनकी संदिग्ध मौत ने फिर से कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुतिन के करीबियों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में मौत हो रही है. कई लोग इन मौतों का रूस-यूक्रेन युद्ध से संबंध जोड़कर देख रहे हैं और कहते हैं कि यह प्लानिंग के तहत की जा रही हत्या है.
फिलहाल आत्महत्या मान रही है रूसी पुलिस
वहीं रूसी पुलिस इस मामले को आत्महत्या के एंगल से देख रही है. जांच अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है. हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी मौत कैसे हुई, लेकिन अभी तक यह आत्महत्या का मामला लग रहा है. रूसी समाचार एजेंसी तास का कहना है कि वह छठी मंजिल की खिड़की से गिर गए थे, जबकि कुछ देर बाद एजेंसी ने बताया कि रवील मगनोव ने आत्महत्या की है.
इन करीबियों को खो चुके हैं पुतिन
युद्ध शुरू होने के बाद से पुतिन अपने कई करीबियों को खो चुके हैं. अप्रैल 2022 में रूसी गैस इंडस्ट्री नोवाटेक के पूर्व डिप्टी चेयरमैन सर्गेई प्रोटोसेन्या की हत्या किसी ने कर दी थी. उनका शव उनकी पत्नी और बेटी के साथ एक स्पेनिश विला में मिला था. इसके अलावा रूसी प्राइवेट बैंकिंग कंपनी गज़प्रॉमबैंक के पूर्व वाइस प्रेसिडेंट व्लादिस्लाव अवायव भी अप्रैल में मॉस्को स्थित अपने फ्लैट में मृत मिले थे. मई में रूसी पेट्रोलियम बिजनेस कंपनी लुकोइल के मालिक अलेक्जेंडर सुब्बोटिन की जान चली गई थी. पिछले महीने पुतिन का ब्रेन कहे जाने वाले राजनीतिक विश्लेषक अलेक्जेंडर डुगिन को निशाना बनाया गया था, लेकिन आखिरी पलों में उनका प्लान बदल गया और वह कार में नहीं गए. इससे उनकी जान तो बच गई लेकिन कार धमाके में उनकी बेटी की मौत हो गई थी.
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