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Vaibhav Suryavanshi: कहते हैं ‘पूत के पांव पालने में ही दिख जाते हैं.’ जब आईपीएल 2025 में 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने 35 गेंदों पर तूफानी शतक जड़ा तो क्रिकेट जगत में उनके नाम की हलचल मची. उन्होंने गेंदबाजों को ये संदेश भेजा कि भले ही उनकी उम्र छोटी है, लेकिन सपने बहुत बड़े. इसी जुनून को लेकर वो इंडियन जूनियर क्रिकेट टीम में आगे बढ़े और इस साल एक से बढ़कर रिकॉर्डतोड़ पारियां खेली. हालांकि, अब वैभव सूर्यवंशी की एक कमजोरी सामने आई है. यूं कहें कि वैभव सूर्यवंशी अभी तक अपनी सबसे बड़ी ताकत को नहीं पहचान सके हैं तो गलत नहीं होगा.

इसका ताजा उदाहरण हमें अंडर-19 एशिया कप 2025 में देखने को मिला है. रविवार (21 दिसंबर) को दुबई में पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल मैच था. टीम इंडिया दबाव में थी और करोड़ों फैंस की उम्मीदें वैभव सूर्यवंशी पर टिकी थीं. महज 14 साल की उम्र में करोड़ों लोगों की उम्मीद बनना… ये अपने आप में बहुत बड़ी जीत है, लेकिन जब ये उम्मीद टूटती है तो तकलीफ जरूर होती है. वो इस टूर्नामेंट में लगातार दूसरी बार पाकिस्तान के खिलाफ फ्लॉप हुए.

वैभव सूर्यवंशी से कहां हो रही गलती?

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अंडर-19 एशिया कप 2025 के पहले मैच में ही वैभव सूर्यवंशी ने सनसनी मचा दी. बिहार के लाल ने महज 95 गेंदों पर 171 रनों की धमाकेदार पारी खेली. उसके बाद लगा कि वैभव इस टूर्नामेंट में छा जाएंगे, लेकिन जब बड़े मैच में प्रदर्शन करने की बारी आई तो वो फेल हो गए. वैभव को ये समझना होगा कि इस समय उनकी पहचान एक विस्फोटक और उभरते हुए स्टार बल्लेबाज के तौर पर हो रही है, अभी उन्हें ‘बड़े मैच’ का खिलाड़ी बनना बाकी है.

वैभव सूर्यवंशी को बनना होगा ‘बड़े मैच’ का खिलाड़ी

अंडर-19 एशिया कप 2025 के फाइनल में टीम इंडिया बैकफुट पर थी. पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए स्कोरबोर्ड पर 347 रन टांग दिए थे. ये ऐसा मौका था, जब वैभव सूर्यवंशी दुनिया को दिखा सकते थे कि 14 साल की उम्र में ही वो ‘बड़े मैच का खिलाड़ी’ बन गए हैं, लेकिन ऐसा हो ना सका. उन्होंने करोड़ों भारतीयों की उम्मीद तो जगाई, लेकिन तुरंत झटका भी दे दिया. 

बड़ा सवाल ये है कि वैभव सूर्यवंशी कहां गलती कर रहे हैं? सबसे पहले तो उन्हें क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट की मांग को समझना होगा. पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में भारत को 348 रनों की दरकार थी. वैभव सूर्यवंशी ने छक्के से खाता खोला और पहले ओवर में ही 19 रन बन गए. पाकिस्तान खेमे में डर का माहौल था. वैभव सूर्यवंशी की यही वो ताकत है, जिसे वो समझ नहीं रहे. उन्हें ये समझना होगा कि वो जिस तरह से खेलते हैं, विपक्षी टीम में खौफ पैदा कर देते हैं. 

ऐसे में उन्हें आक्रामकता और सूझबुझ वाली बैटिंग में मेल करने की जरूरत है. अगर वो तेज शुरुआत देने के बाद कुछ ओवर सिंगल-डबल और खराब गेंदों पर बाउंड्री में भी डील करें तो कोई भी लक्ष्य उनके सामने बड़ा नहीं है. अगर वैभव सूर्यवंशी को जूनियर टीम से सीनियर टीम इंडिया का सफर तय करना है, तो उन्हें बड़े मैचों में समझदारी दिखानी होगी और ये समझना होगा कि जब तक वो मैदान पर बैटिंग कर रहे हैं, दवाब विपक्षी पर है. ये उनकी ताकत है… जिसे समझने और उसपर काम करने की जरूरत है.

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