
Bangladesh Violence: बांग्लादेश में उपद्रवी सड़क पर हैं. सरकार सन्नाटे में है. पूरी दुनिया की नजर ढाका पर है. सबके सामने एक सवाल है. अगले 24 घंटों में बांग्लादेश में क्या बड़ा होनेवाला है? क्या अगले 24 घंटे में बांग्लादेश में बड़ा राजनीतिक तूफान आनेवाला है? क्या मोहम्मद युनूस की कुर्सी जानेवाली है? क्या राजधानी ढाका की सड़कों पर उपद्रवियों का तांडव दिखेगा?
क्या अगले 24 घंटे में बांग्लादेश के अंदर कट्टरपंथ की आग भड़कने वाली है?
बांग्लादेश में बम धमाका
आज शाम 7 बजे ढाका में बम धमाका हुआ है. ये धमाका मोगबाजार में हुआ. यहां फ्लाईओवर से बम फेंका गया. ब्लास्ट में 19 साल के युवक की मौत हो गई. जहां बम फेंका गया वो जगह चर्च के पास है. आशंका है कि चर्च को निशाना बनाकर बम फेंका गया होगा. इस बम धमाके को आप अगले 24 घंटे में भड़कने वाली आग का ट्रेलर भी कह सकते हैं. इसका मतलब ये हुआ कि हिंदुओं के साथ-साथ ईसाई भी बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं. इसलिए भारत समेत अमेरिका-जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भी डरे हुए हैं. 18 दिसंबर को उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में जो हिंसक उपद्रव शुरू हुआ वो चरम पर है. हादी की हत्या की आड़ में कट्टरपंथी बांग्लादेश को जला रहे हैं. इस कट्टरपंथी उन्माद के बीच 24 घंटे में बांग्लादेश में कुछ बड़ा घटित होने की चर्चा क्यों हो रही है, पहले इसकी वजह समझते हैं.
इन देशों ने बांग्लादेश में अपने नागिरकों को किया अलर्ट
अमेरिका ने बांग्लादेश में रहनेवाले अपने नागरिकों को अलर्ट किया है. कहा है कि 25 दिसंबर को सावधानी बरतें, अलर्ट रहें. ढाका में यात्रा करने से बचें. भीड़ से दूर रहें और दूतावास के संपर्क में रहें. जर्मनी ने खतरे की आशंका को देखते हुए 25 दिसंबर को ढाका में अपना दूतावास बंद करने का ऐलान किया है. जर्मन नागरिकों से कहा गया है कि सावधान रहें क्योंकि ढाका में हिंसक प्रदर्शन की आशंका है. कनाडा ने बांग्लादेश में अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. नागरिकों को भीड़ से दूर रहने की सलाह दी गई है. 25 दिसंबर को हिंसा की आशंका जताई गई है. ऑस्ट्रेलिया ने 25 से 27 दिसंबर तक ढाका में हाई कमिशन बंद रखने का ऐलान किया है. बांग्लादेश में रहने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. यानी विश्व के तमाम देशों ने अपना हाई कमिशन तक बंद कर दिये हैं. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बांग्लादेश में आने वाले 24 घंटे कैसे होने वाले हैं.
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बांग्लादेश में पलटेगी सत्ता?
ये सिर्फ चार देश नहीं, ये दुनिया के बड़े प्लेयर्स हैं. इन देशों ने बांग्लादेश को लेकर जो चेतावनी दी है उसमें एक शब्द साफ है. खतरा बड़ा है, 24 घंटे बाद ढाका में कुछ बड़ा होनेवाला है. समझिए ये वो देश हैं जिनकी खुफिया एजेंसियों की नजर बांग्लादेश में हो रही हर घटना पर है. इसलिए इनकी आशंका और अपने नागरिकों को दी गई चेतावनी इस बात का पुख्ता संकेत है कि अगले 24 घंटे में बांग्लादेश में कुछ ऐसा होनेवाला है जो बहुत हिंसक और बड़ा है. सवाल ये है कि आखिर 24 घंटे में बांग्लादेश में क्या बड़ा हो सकता है. क्यों अमेरिका से लेकर यूरोपीय देश तक डरे हुए हैं. बांग्लादेश हमारा पड़ोसी है. हमारे लिए बांग्लादेश में होनेवाली हर घटना महत्वपूर्ण हैं. इसलिए पहले ये जानते हैं कि 25 दिसंबर को जब दुनिया क्रिसमस मना रही होगी तब बांग्लादेश में हिंसा और बड़े बदलाव की चर्चा क्यों हो रही है.
BNP के कार्यकारी अध्यक्ष की ढाका वापसी
25 दिसंबर को बांग्लादेश में दो बड़ी घटनाएं होनेवाली हैं. पहली घटना है बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान की ढाका वापसी. पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान की वापसी को क्यों मोहम्मद युनूस की सत्ता से बेदखली का काउंटडाउन माना जा रहा है इसकी विस्तार से जानकारी हम आपको देंगे. मित्रो कल ढाका में कई संगठनों ने प्रदर्शन का ऐलान भी किया है. हादी की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन के नाम पर ढाका में जो हिंसक तांडव हुआ था उसी को देखकर लोग डरे हुए हैं. 24 घंटे बाद ढाका में हादी का संगठन इंकिलाब मंच प्रदर्शन करेगा. इंकिलाब मंच ने हादी के हत्यारे को पकड़ने का अल्टीमेटम दिया था. हत्यारा अब तक पकड़ा नहीं गया. इसलिए कल इंकिलाब मंच के प्रदर्शन में हिंसा की आशंका है. छात्र नेताओं की दूसरी पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी भी कल ढाका में प्रोटेस्ट करेगी. मांग है जल्द चुनाव और हादी के हत्यारे की गिरफ्तारी. कल ही बांग्लादेश के ऑल-पार्टी एलायंस का भी प्रोटेस्ट है. एलायंस से जुड़े नेता शेख हसीना और अवामी लीग के नेताओं को वापस लाने और उन्हें सजा देने की मांग कर रहे हैं. यानी कल ढाका की सड़कों पर कट्टरपंथियों का हुजूम उतरेगा.
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हिंदुओं के खिलाफ साजिश
बांग्लादेश कहने को लोकतांत्रिक देश है, लेकिन सिर्फ कहने के लिए ही है. वहां भारत की तरह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नहीं होता है. वहां विरोध के नाम पर कट्टरपंथियों का तांडव होता है. 18 दिसंबर के बाद बार-बार दुनिया इस तांडव का ट्रेलर देख चुकी है. आज भी कट्टरपंथियों ने बम फोड़े हैं. ये इस्लामिक कट्टरपंथियों के बांग्लादेश जलाओ साजिश का ट्रेलर है. कट्टरपंथियों ने चटगांव के बनिक पारा में रहनेवाले हिंदू परिवारों का घर जलाया. सिर्फ हिंदुओं का घर ही नहीं बल्कि उन्हें भी जिंदा जलाने की साजिश थी. बानिक पारा में कट्टरपंथियों ने गांव को घेरा, हिंदुओं के घरों को बाहर से बंद किया और आग लगा दी. हिंदुओं का घर तब जलाया गया जब मोहम्मद युनूस के सलाहकार सी आर अबरार दीपू चंद्र दास के परिवार से मिले. हिंदुओं के घरों में आग लगाकर कट्टरपंथियों ने मोहम्मद युनूस को साफ-साफ दिखा दिया और बता दिया कि 25 दिसंबर को वो ढाका में क्या करेंगे. पिछले 22 दिन में बांग्लादेश में 11 हिंदुओं की हत्या कर दी गई है, लेकिन हिंदुओं की हत्या और उनके जलते घर देखकर अमेरिका, यूरोप में बैठे मानवाधिकार के चैंपियन मौन हैं. उन्हें अपने नागरिकों की चिंता जरूर है. उन्हें भी अब युनूस पर भरोसा नहीं रहा. उन्हें मालूम है कि 24 घंटे बाद जब ढाका में कट्टपंथियों का हुजूम जुटेगा तो युनूस हालात को कंट्रोल नहीं कर पाएंगे.
बांग्लादेश के क्राउन प्रिंस की एंट्री
25 दिसंबर को ही बांग्लादेश में नए सियासी किरदार तारिक रहमान की एंट्री हो रही है. बांग्लादेश में क्राउन प्रिंस कहे जाने वाले तारिक रहमान बांग्लादेश के दूसरे सबसे बड़े राजनीतिक घराने से ताल्लुक रखते हैं. उनकी मां खालिदा जिया 3 बार बांग्लादेश की पीएम रह चुकी हैं. 2007 में भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था. रिहाई के बाद 2008 में वो ब्रिटेन चले गए थे. हाल ही में उन्हें कोर्ट से कई मामलों में राहत मिली है. तारिक रहमान बांग्लादेश फर्स्ट पॉलिसी की पैरवी करते हैं. 17 साल बाद अब वो बांग्लादेश लौट रहे है. 25 दिसंबर को ही तारिक ढाका पहंचेंगे. पूरे बांग्लादेश से बीएनपी के समर्थक ढाका पहुंचे हुए हैं. इस दौरान एक तरफ सड़क पर कट्टरपंथी होंगे, प्रदर्शनकारी होंगे, वहीं दूसरी तरफ बीएनपी के समर्थक होंगे. युनूस प्रशासन सुरक्षा के दावे तो कह रहा है. लेकिन यही दावा 18 दिसंबर के बाद हुए प्रदर्शन के दौरान भी किया गया था.
कट्टरपंथी करेंगे बड़ा कांड?
कल ढाका समेत पूरे बांग्लादेश में कट्टरपंथियों का हुजूम सड़क पर होगा. हिंदुओं का घर जलाकर कट्टरपंथी बता चुके हैं कि वो कैसे बांग्लादेश को जलाएंगे. दूसरी तरफ तारिक रहमान कल ढाका पहुंचेंगे. इस वक्त वो बांग्लादेश के सबसे चर्चित राजनीतिक व्यक्ति हैं, ये सत्ता में बने रहने की चाह रखनेवाले मोहम्मद युनूस के लिए बड़ा खतरा हैं. युनूस जिन छात्र नेताओं के भरोसे सत्ता में आए थे वो भी अब उनके खिलाफ हैं, ये युनूस के लिए दूसरा बड़ा खतरा है. ऐसा इसलिए है क्योंकि बांग्लादेश में हादी समेत दो छात्र नेताओं की हत्या हो चुकी है, छात्र नेताओं का आरोप है कि मोहम्मद युनूस चुनाव टालना चाहते हैं. यानी वो खुद सत्ता में बने रहना चाहते हैं, जबकी छात्र नेता जल्द से जल्द चुनाव करने के पक्ष में हैं. यानी अब मोहम्मद युनूस अकेले हैं. उनकी सरकार हिंसा रोक नहीं पा रही है. ये बात अमेरिका और यूरोपीय देश जानते हैं, तारिक साफ कर चुके हैं कि वह युनूस की तरह पाकिस्तान को महत्व नहीं देंगे. ऐसे में ढाका में मौजूद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियो के एजेंट्स कल होनेवाले प्रदर्शन के दौरान कट्टरपंथियों के साथ मिलकर हिंसा कर सकते हैं. यही डर अमेरिका और दूसरे यूरोपीय देशों को डरा रहा है. इसलिए यूरोपीय देशों ने अपने नागरिकों को अलर्ट किया है.
