
DNA on secret deal between Bangladesh and Pakistan: शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश को कट्टरपंथ के जहरीले सांप ने डस लिया है. इस जहरीले सांप का नाम है- पाकिस्तान. बीते 500 दिनों में ये जहर बांग्लादेश में इस कदर फैल गया है कि अब बांग्लादेश भी पाकिस्तान बनने की कगार पर पहुंच गया है. बांग्लादेश की नस्ल, पाकिस्तान से भी ज्यादा जहरीली कैसे होती जा रही है. इसका एक प्रमाण आज आपको जानना चाहिए.
पाकिस्तान की बोली बोल रहे बांग्लादेशी
जिस मुल्क की वजह से आज बांग्लादेश का वजूद है. उसी मुल्क के खिलाफ बांग्लादेश की अगली पीढ़ी को पाठ पढ़ाया जा रहा है. जिस उम्र में इस बच्चे को स्कूल जाकर ABCD सीखनी चाहिए. उस उम्र में ये अपनी तोतली जुबान से भारत को किस कदर धमकियां दे रहे हैं.
बांग्लादेश के बच्चों को नफरती जहर की जो चाशनी चटाई जा रही है. उसे देख पाकिस्तान की याद जरूर आ रही होगी क्योंकि पाकिस्तान के पाठ्यक्रम में भी इसी तरह का भारत विरोधी सिलेबस पढ़ाया जाता है. बांग्लादेश का ये बच्चा जो भाषा बोल रहा है वो पाकिस्तान से मिलती जुलती है.
बांग्लादेश में क्यों लग रहे कश्मीर के नारे?
बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की जमात जब से सत्ता में आई है, तब से बांग्लादेश पाकिस्तान बनने की राह पर चल पड़ा है. पाकिस्तान में ईशनिंदा के नाम पर लोगों को सरेआम आग के हवाले किया जाता था. आज बांग्लादेश में भी यही हो रहा है. अल्पसंख्यकों के घरों और मंदिरों को तोड़ना और उन्हें आग के हवाले करना ये पाकिस्तान में आम बात है. अब बांग्लादेश में भी यही हो रहा है. सड़कों पर भारत विरोधी नारेबाजी वाला ट्रेंड भी बांग्लादेश ने पाकिस्तान से कॉपी कर लिया है.
और तो और अब बांग्लादेश में कश्मीर के नारे भी लगने लगे हैं. जिस बांग्लादेश को कश्मीर से न लेना एक न देना दो. वो पाकिस्तान की तरह कश्मीर कश्मीर चिल्ला रहा है. बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की जुबान पर कश्मीर का नाम आना. ये दिखाता है कि बांग्लादेश की जनता भी अब पाकिस्तान वाली संकीर्ण सोच का शिकार हो गई है.
‘कंगलू’ बांग्लादेश और ‘भिखारिस्तान’ के बीच डील
यहां आपको ये भी समझना चाहिए कि आखिर बांग्लादेश पाकिस्तान बनता कैसे जा रहा है. इस वैचारिक मित्रता की वजह क्या है. इसका जवाब पाकिस्तानी नेता कामरान सईद के इस बयान में छिपा है. पाकिस्तानी नेता बांग्लादेश को सुरक्षा की गारंटी यू ही नहीं दे रहे हैं. इसके पीछे एक खास वजह है. बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच सीक्रेट डिफेंस डील.
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान बांग्लादेश के साथ नाटो-स्टाइल म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट यानी आपसी रक्षा समझौता करना चाहता है, जिसमें यह प्रावधान हो सकता है कि एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा. पाकिस्तान चाहता है कि ये डिफेंस डील बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव से पहले मौजूदा मोहम्मद यूनुस प्रशासन के रहते ही साइन हो जाए.
क्या मानव संतानों के बारे में जानते हैं आप?
दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए संयुक्त तंत्र भी बनाया जा चुका है. समझौते के तहत खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त सैन्य अभ्यास जैसे प्रावधान भी शामिल किए गए हैं. इस खबर के बारे में हमने आपको विस्तार से जानकारी दी थी.
लेकिन आज बांग्लादेश, जिस पाकिस्तान के नक्शे-ए-कदम पर चल रहा है उन बांग्लादेशियों को हम एक शब्द याद दिलाना चाहते हैं. ये शब्द है मानव संतान. 1971 की जंग में पाकिस्तानी फौजियों ने हजारों बांग्लादेशी महिलाओं से बदसलूकी की थी. इन महिलाओं से पैदा हुई संतानों को समाज में कबूला नहीं जाता था. इसी वजह से शेख मुजीब उर रहमान ने इन संतानों को मानव संतान कहना शुरु किया था ताकि समाज में उन्हें अपनी जगह और सम्मान मिल सके.
अपना बीता हुआ कल क्यों भूल रहे बांग्लादेशी?
कहते हैं अगर कोई कौम अपना बीता हुआ कल याद नहीं रखती तो उसका आने वाला कल भी नहीं सुधर पाता. अगर बांग्लादेशी आज पाकिस्तान के दिए हुए ऐसे घिनौने जख्मों को भूल जाएंगे तो यकीनन उनका हाल भी पाकिस्तान जैसा ही होगा यानी भुखमरी और कंगाली इस देश को अपनी जकड़ में कस लेगी.
