
Bangladesh violence Amrit Mandal profile: बांग्लादेश हिंदुओं के लिए जीता-जागता नरक बन चुका है. मुस्लिम मेजॉरिटी वाला वह मुल्क, जिसका स्थापना भारत की कुर्बानियों से हुई. अब वही मुल्क एहसान फरामोशी के रिकॉर्ड तोड़ते हुए हिंदुओं को चुन-चुनकर मार रहा है. मोहम्मद यूनुस प्रशासन की मौन सहमति से हो रहे इस कत्लेआम का आज 29 साल का अमृ मंडल भी निशाना बन गया. दीपू चंद्र दास की बर्बर हत्या के बाद यह एक हफ्ते के अंदर हुई दूसरे हिंदू की हत्या है.
यूनुस की मौन सहमति से बढ़ रही हिंसा
बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं, जहां चरमपंथी हिंसा बिना रुके जारी है. आलोचकों का आरोप है कि ऐसी घटनाएं मोहम्मद यूनुस प्रशासन की मौन सहमति से हो रही हैं, और गैर-मुस्लिम समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है. दीपू चंद्र दास की हत्या के बाद अब एक और हिंदू की क्रूर हत्या की खबर सामने आई है. नवीनतम पीड़ित की पहचान अमृत मंडल के रूप में हुई है.अमृत मंडल, जिन्हें सम्राट के नाम से भी जाना जाता था, 29 वर्षीय हिंदू व्यक्ति थे और अक्षय मंडल के पुत्र थे. हमला गुरुवार को राजबाड़ी जिले में लगभग 11 बजे हुआ.
फिरौती वसूली के बहाने पर हमला
पुलिस के मुताबिक, अमृत मंडल को सम्राट भी कहा जाता था. वे सम्राट बाहिनी से जुड़े हुए थे और बांग्लादेश के राजबाड़ी इलाके में रहते थे. बांग्लादेश मीडिया में कहा जा रहा है कि अमृत मंडल काफी समय भारत में रह रहा था और हाल ही में वापस लौटा था. मददगार स्वभाव होने की वजह से आस-पास के इलाकों में उसकी अच्छी जान-पहचान थी. वह कई लोगों को अपना भरोसेमंद भी मानता था.
हिंदू होने की वजह से ले ली जान
रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार रात करीब 11 बजे अमृत अपने कुछ मुस्लिम साथियों के साथ शाहिदुल इस्लाम नाम के शख्स से मिलने उसके घर गया था. उस दौरान लोगों ने डाकू-डाकू का शोर मचाते हुए अमृत और उसके साथियों को घेर लिया. बाद में जब पहचान हुई तो अमृत के सब मुस्लिम साथियों को निकल जाने दिया गया लेकिन उसे दबोच लिया गया. इसके बाद उस पर जमकर लाठी-डंडे बरसाए गए. कट्टरपंथियों ने उसे जब तक मारा, तब तक कि उसकी सांस नहीं उखड़ गई.
बाद में सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बेसुध अमृत मंडल को अस्पताल लेकर गई. जहां पर देर रात उसने दम तोड़ दिया. लोगों का कहना है कि अमृत पर योजना बनाकर धारदार हथियार से हमला किया गया था. पुलिस ने मौके से दो हथियार भी बरामद किए हैं.
हादी की मौत के बाद बढ़ती हिंसा
मोहम्मद यूनुस के सत्ता संभालने के बाद से बांग्लादेश में हिंसा की नई लहर चल रही है. दो हफ्ते पहले कट्टरपंथी भारतविरोधी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद से इसमें अचानक नई तेजी आ गई है. इसका सबसे आसान निशाना वहां बसे मासूम हिंदू बन रहे हैं, जो संख्या में करीब 10 प्रतिशत ही हैं. इस्लामी चरमपंथी नेता उन्हें ढूंढ-ढूंढकर मार रहे हैं.
