Laurent Vinatier: रूस ने वेस्ट बैंक में 3 साल की सजा काट रहे फ्रांसीसी नागरिक लॉरेंट विनाटियर के मामले पर फ्रांसीसी अधिकारियों से संपर्क किया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि रूस ने विनाटियर के संबंध में फ्रांसीसियों को एक प्रस्ताव दिया है और अब यह निर्णय फ्रांस पर निर्भर है. पेसकोव ने मामले की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया.

मॉस्को में गिरफ्तार हुए थे विनाटियर 

बता दें, लॉरेंट विनाटियर एक फ्रांसीसी राजनीतिक विद्वान है.  लॉरेंट विनाटियर को 2024 में मॉस्को में गिरफ्तार किया गया था और उन पर रूस की सैन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का आरोप लगाया गया था. उन्हें विदेशी एजेंट के रूप में पंजीकरण न करने का दोषी ठहराया गया था. इसके बाद, अक्टूबर 2024 में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई. इन आरोपों के तहत उन्हें अधिकतम 5 साल की जेल हो सकती थी. फ्रांस ने इस सजा की आलोचना की और विनाटियर की तत्काल रिहाई की मांग की.

Add Zee News as a Preferred Source

बता दें, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी विनाटियर की स्थिति पर गहरी नजर रखी है. पेरिस में फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता पास्कल कॉन्फाव्रेक्स ने कहा कि मंत्रालय विनाटियर को कांसुलर सहायता प्रदान कर रहा है और उनकी शीघ्र रिहाई के लिए पूरी तरह से सक्रिय है. विनाटियर पर लगाए गए आरोपों में यह कहा गया कि उन्होंने रूस की सैन्य और सैन्य-तकनीकी गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा की थी जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकती थी.

उन्होंने इस दौरान रूस के विदेशी एजेंटों के लिए आवश्यक पंजीकरण से बचने का प्रयास किया था. इस बीच आपको बता दें कि रूस में जासूसी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है खासकर फरवरी 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद जिसमें विदेशी नागरिकों को जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. हाल ही में रूस ने कुछ पश्चिमी नागरिकों को भी कैदियों की अदला-बदली के तहत रिहा किया है जो दो देशों के बीच के तनाव को कम करने का एक तरीका बन गया है.

ये भी पढ़ें: क्या है एरिया सी? जहां इजराइल बनाना चाहता है नई बस्तियां, 14 देश क्‍यों कर रहे ऐतराज

जानें कौन है लॉरेंट विनाटियर

बता दें, लॉरेंट विनाटियर एक फ्रांसीसी शोधकर्ता और संघर्ष मध्यस्थता एनजीओ के सलाहकार है. विनाटियर जो स्विट्जरलैंड स्थित एक मानवाधिकार संगठन के लिए काम कर रहे थे पर आरोप था कि उन्होंने रूस की सैन्य गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा की और यह जानकारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थी. आरोपों के तहत, उन्हें ‘विदेशी एजेंट’ के रूप में पंजीकरण न कराने का दोषी ठहराया गया था.

इसके बाद, रूसी अदालत ने उन्हें तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी जिससे फ्रांस ने कड़ी निंदा की और विनाटियर की तत्काल रिहाई की मांग की. फ्रांस ने उनकी गिरफ्तारी को रूस की दुष्प्रचार मुहिम का हिस्सा बताया. इस दौरान, फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय ने उनके लिए कांसुलर सहायता देने और उनकी रिहाई के लिए पूरी तरह से सक्रिय रहने की बात कही. वहीं, रूस ने इस मामले में फ्रांस से एक प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है.