Chile Coup: जब भी किसी देश में राजनीतिक स्थिरता होती है तो अक्सर लोग विदेशी ताकत की बात करने लगते हैं. करीब 50 साल पहले चिली में भी तख्तापलट हुआ था जिसे लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है, बता दें कि US कांग्रेस ने एक विदेशी सरकार को गिराने के मकसद से CIA के सीक्रेट ऑपरेशन्स पर अपनी पहली पब्लिक हियरिंग की थी और इसका फोकस चिली था. हियरिंग को इडाहो डेमोक्रेट सीनेटर फ्रैंक चर्च ने लीड किया. उन्होंने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि अमेरिकी लोगों को पता होना चाहिए और वे यह समझ सकें कि चिली में उनकी सरकार ने क्या किया.
हो रही थी भागीदारी
खुलासा करते हुए चर्च पैनल ने कहा कि इसका मकसद लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई चिली सरकार को गिराने में अमेरिकी भूमिका के नेचर और हद को समझाना था, उन्होंने इसे गहरी और लगातार पब्लिक चिंता का मामला बताया. उसी समय, चर्च की सीनेट कमेटी ने चिली में गुप्त कार्रवाई, 1963–1973 नाम से एक डिटेल्ड रिपोर्ट जारी की, यह स्टडी टॉप सीक्रेट CIA रिकॉर्ड्स पर आधारित थी.रिपोर्ट में पाया गया कि एक दशक से ज्यादा समय से चिली में US की गुप्त भागीदारी हो रही थी. इसमें कहा गया कि CIA ने सबसे पहले सोशलिस्ट लीडर साल्वाडोर अलेंदे को प्रेसिडेंसी जीतने से रोकने के लिए काम किया, उनके चुनाव के बाद, उनकी सरकार को कमजोर करने की कोशिशें शुरू हो गईं.
नहीं देना चाहते थे दस्तावेज
उस दौरान जब कांग्रेस ने स्टेट डिपार्टमेंट के केबल मांगे, तो सेक्रेटरी ऑफ स्टेट हेनरी किसिंजर ने अपने साथियों से मना करने को कहा. एक सीक्रेट ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा इसे व्हाइट हाउस को भेज दें और व्हाइट हाउस को मना करने दें. महीनों तक, व्हाइट हाउस, CIA और स्टेट डिपार्टमेंट ने जवाब देने में देरी की, उन्होंने स्टाफ की कमी का हवाला दिया, CIA डायरेक्टर विलियम कोल्बी ने बाद में कहा कि व्हाइट हाउस ने हमें सहयोग न करने के लिए कहा, वे बस डॉक्यूमेंट्स नहीं देना चाहते थे.
रोक लिए गए नोट्स
व्हाइट हाउस ने जरूरी रिकॉर्ड्स पर एग्जीक्यूटिव प्रिविलेज का दावा किया. इनमें 6 नवंबर, 1970 के नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल मीटिंग नोट्स शामिल थे, जो अलेंदे के शपथ ग्रहण के कुछ दिन बाद के थे, उस मीटिंग से CIA डायरेक्टर रिचर्ड हेल्म्स के हाथ से लिखे नोट्स रोक लिए गए. नोट्स में प्रेसिडेंट रिचर्ड निक्सन का यह निर्देश दर्ज था, अगर एलेंडे को गिराने का कोई तरीका है, तो हमें करना चाहिए.
दिया गया था निर्देश
20 नवंबर, 1975 को इसने विदेशी नेताओं से जुड़े CIA के मर्डर प्लॉट पर एक रिपोर्ट जारी की, 4 दिसंबर को, चर्च ने चिली केस स्टडी जारी की और दो दिन की हियरिंग शुरू की. एनालिस्ट पीटर कॉर्नब्लू ने बाद में कहा कि हियरिंग ने CIA को जिम्मेदार ठहराने की कोशिशों में एक हिस्टोरिक मार्कर बनाया. इन्वेस्टिगेटर्स ग्रेगरी ट्रेवर्टन और कार्ल इंदरफर्थ ने गवाही दी. ट्रेवर्टन ने निक्सन का 15 सितंबर, 1970 का ऑर्डर पढ़ा जिसमें CIA को अलेंदे के इनॉगरेशन को ब्लॉक करने का निर्देश दिया गया था. चर्च कमेटी के काम करने के बाद ओवरसाइट कमेटियां बनीं, जिससे ये पता चलता है कि चिली में तख्तापलट करने में विदेशी ताकतों का हाथ था. (IANS)
