World News In Hindi: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सहयोगी और राइट विंग एक्टिविस्ट लॉरा लूमर अक्सर अपने एंटी इंडिया बयानों के चलते चर्चा में रहती हैं, हाल ही में उन्होंने बाग्लादेश में कंट्टरपंथियों की ओर से अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की हत्या पर अपना रिएक्शन दिया है. लूमर ने दीपू चंद्रा की लिचिंग का हवाला देते हुए अमेरिकी में इस्लामिक विचारधारा के बढ़ते प्रचार-प्रसार को लेकर चेतावनी दी. 

इस्लामी विचारधारा को लेकर किया अलर्ट 

लॉरा लूमर ने दावा किया कि इस तरह की विचारधारा अल्पसंख्यकों के प्रति नफरत को बेहद सामान्य बनाने का प्रयास करती हैं. उन्होंने चेताया कि अगर अमेरिका में सांसदों की ओर से इस्लामी चरमपंथ और उसकी फंडिंग सोर्स के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाए तो अमेरिका में भी इस तरह की घटनाएं आम हो जाएंगी. लूमर ने बांग्लादेश में हुई इस लिचिंग को लेकर कहा कि अगर हम अपने सांसदों से इस्लाम और इस्लामी फंडिंग से चलने वाली उन कोशिशों पर खुलकर बोलने की मांग नहीं करेंगे तो अमेरिका में भी यह सब जल्द ही देखने को मिलेगा.     

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दीपू चंद्र को लेकर क्या बोला? 

लॉरा ने लिखा,’ अगर हम अपने सांसदों से इस्लाम और इस्लाम द्वारा वित्तपोषित दक्षिणपंथी विचारधारा के खिलाफ आवाज उठाने की मांग नहीं करते हैं, जो यहूदी-विरोधी नफरत और ईसाई-विरोधी नफरत को मुख्यधारा में लाने और पश्चिम में इस्लाम को सामान्य बनाने का प्रयास कर रही है, तो यह जल्द ही अमेरिका में भी फैल जाएगा. दीपू चंद्र दास. उनका नाम लीजिए.’

बता दें कि लॉरा लूमर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अमेरिकी मीडिया पर्सनैलिटी जानबूझकर उन इस्लामिक नैरेटिव को हल्का पेश कर रही है. यह कट्टरपंथ और उग्रवाद को बढ़ावा देती हैं.  

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भारतीयों के खिलाफ उगला जहर

बता दें कि ट्रंप की सहयोगी लॉरा लूमर मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) विचारधारा की सबसे प्रमुख आवाज मानी जाती हैं. इससे पहले वह कई बार एंटी इंडिया और एंटी इमिग्रेशन को लेकर आवाज उठा चुकी हैं. उन्होंने जो बाइडेन की सरकार के दौरान तत्कालीन उपराष्ट्रपति कमला हैरिस को लेकर भी तंज कसते हुए टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि हैरिस प्रेस से वार्ता करने के बदले अपने कुकिंग वीडियो बनाने में अधिक दिलचस्पी दिखाती हैं और वह व्हाइट हाउस को करी की गंध से महका रही हैं.