
Putin Christmas gifts to global leaders: 25 दिसंबर से यूरोप और अमेरिका के लोग छुट्टियों की खुमारी में डूबे हैं. इस बीच रूस के केन्या स्थित दूतावास ने एक AI-जनरेटेड वीडियो जारी किया है, जिसमें व्लादिमीर पुतिन को सांता क्लॉज़ के रूप में दिखाया गया है. इस वीडियो में सैंटा बने पुतिन ग्लोबल लीडर्स को क्रिसमस गिफ्ट बांटते नजर आते हैं. पुतिन ने इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी, भारतीय प्रधानमंत्री मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अपने जानी दुश्मन जेलेंस्की को भी याद किया है.
वीडियो में रूसी राष्ट्रपति सांता की पोशाक में तोहफों से भरी थैली के साथ दिख रहे हैं. बैकग्राउंड में We Wish You A Merry Christmas का इंस्ट्रुमेंटल वर्जन बज रहा है. यह वीडियो रूस समर्थित सरकारी मीडिया आउटलेट स्पुतनिक ने बनाया है. वीडियो के कैप्शन में लिखा है- ‘क्रिसमस के त्योहार का पूरा सीजन दूसरों को खुशियां देने का समय होता है. इस बात को सच साबित करने के लिए रूस ने ये तय किया है कि उसके सभी दोस्तों को कुछ अच्छा मिले और वो खुश रहें… और हां! एक और जो शरारती है, उसे यकीनन वही मिलेगा जो उसके लिए तय है. ये इशारा यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की के लिए किया गया है.
किसको क्या मिला?
एक मिनट 27 सेकेंड के वीडियो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रूस का एक स्टील्थ फाइटर जेट तोहफे में मिलता दिखाया गया है, जो भारत-रूस रक्षा संबंधों को दर्शाता है. वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को ‘शरारती लोगों की सूची’ में शामिल दिखाया गया है और वीडियो में उन्हें हथकड़ियां दी जाती हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत कई अन्य वैश्विक नेताओं को भी तोहफे दिए जाते हैं.
आप भी देखिए और वीडियो एन्जॉय कीजिए
Christmas season is the time of giving, when Russia makes sure that all of its friends get something nice and are well and merry.
As for the naughty ones, they too will get what is coming for them. pic.twitter.com/BG
— Russian Embassy in Kenya December 28, 2025
जेलेंस्की को सिर्फ हथकड़ियां ही नहीं दी गईं, बल्कि उन्हें सलाखों के पीछे भी दिखाया गया है. वहीं ट्रंप को अलास्का में पुतिन के साथ हुई मुलाकात की एक फ्रेम की हुई तस्वीर बतौर क्रिसमस गिफ्ट दी गई है. वीडियो की शुरुआत चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होती है जिन्हें चीनी युआन और रूसी करेंसी रूबल की बनी प्रतीकात्मक ज्वैलरी दी गई है, इसके ठीक बाद क्रिसमस ट्री से गिरती हुई डॉलर नोट से बनी ज्वैलरी टूटते हुए दिखाई गई है. ये तोहफा रूस-चीन के आर्थिक गठजोड़ और ‘डी-डॉलराइजेशन’ (डॉलर पर निर्भरता कम करने) का प्रतीक बताया गया है.
सैंटा की अनसुनी कहानी
ग्लोबल हिस्ट्री की किताबों को खंगाले तो पता चलता है कि करीब 1700 साल पहले रोमन साम्राज्य के दौरान एक बच्चा पैदा हुआ, परिवार वालों ने उसका नाम निकोलस रख दिया. उसी दौरान आई एक महामारी में उसके मां-बाप चल बसे. यही घटनाक्रम निकोलस की जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बन गया. निकोलस की मानसिक दशा उस सिद्दार्थ के ऐसी थी जो कई मानसिक द्वंदों से जूझने के बाद आगे चलकर बुद्ध बना. सिद्दार्थ के पिता राजा थे, जिन्होंने बेटे को तमाम सांसारिक सुख और बंधनों में बांधने की कोशिश की. 16 साल की उम्र में उनकी शादी यशोधरा से हुई. आगे उनकी जिंदगी में राहुल नाम के पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है. कुछ समय बाद सिद्धार्थ ने संसार के दुखों को देखा- वृद्ध, रोगी, मृत व्यक्ति, और एक शांत संन्यासी. इन चार दृश्यों ने राजकुमार सिद्दार्थ को जिंदगी का नया मकसद दिखाया. उन्होंने राजमहल, परिवार छोड़कर दूसरों का दुख दूर करने के लिए ध्यान लगाया और बुद्ध बन गए.
कुछ वैसे ही निकोलस भी दुनिया की भलाई के लिए, लोक कल्याण के लिए संतई के रास्ते पर चल पड़ा. वो गरीब परिवारों की मदद करने लगा. वो जरूरतमंदों के घरों की खिड़की से सोने के सिक्के फेंककर उनकी मदद करने लगा. यहीं से निकला सेंटा क्लॉज और उसकी सीक्रेट गिफ्टिंग का मूल आइडिया दुनिया के अस्तित्व में आया.

