Khaleda Zia security threat: साल 2013 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बांग्लादेश दौरे पर थे. यह पहली बार था जब कोई भारतीय राष्ट्रपति ढाका पहुंचे थे. इस दौरान राष्ट्रपति मुखर्जी को विपक्षी नेता खालिदा जिया से मिलने का कार्यक्रम तय किया गया था. लेकिन अंतिम समय में खालिदा जिया ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बैठक रद्द कर दी थी.
जिया के जान को खतरा
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जिया ने यह निर्णय जान को खतरा बताने के बाद लिया था, उस समय ढाका में जमात-ए-इस्लामी के विरोध प्रदर्शन जारी थे. ये प्रदर्शन उनके तीन नेताओं को वॉर क्राइम में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ हो रहे थे. खालिदा जिया ने बाद में बताया कि अगर वह राष्ट्रपति से मिलने गईं होतीं, तो उन पर हमला होने की संभावना थी.
तत्कालीन विदेश सचिव रंजन मथाई ने कहा कि राष्ट्रपति से मिलने का समय पहले ही तय किया गया था और यह कार्यक्रम लंबे समय से प्लान में था. राष्ट्रपति भी जिया से मिलने के लिए उत्सुक थे. हालांकि, पिछले साल यानी 2012 में जिया ने दिल्ली में प्रणब मुखर्जी से मुलाकात की थी.
होटल के पास पेट्रोल बम ब्लास्ट
जिया ने इंटरव्यू में बताया कि विरोधियों का यह गेम प्लान था और इसी वजह से उन्हें बैठक रद्द करनी पड़ी थी. उन्होंने यह भी कहा कि जिस होटल के पास उन्हें राष्ट्रपति से मिलना था, वहीं एक पेट्रोल बम ब्लास्ट हुआ था. सुरक्षा कारणों से उनका निर्णय उश समय समझदारी भरा माना गया था.
खालिदा जिया का 80 साल की उम्र में निधन हो गया है. वे लंबे समय से बीमार थीं और ब्रिटेन में इलाज कराने के बाद मई में स्वदेश लौटी थीं. जनवरी में अंतरिम सरकार ने उन्हें विदेश यात्रा की अनुमति दी थी, जबकि शेख हसीना की सरकार ने पहले उनके कई अनुरोध खारिज किए थे. अंतिम दिनों में उनकी तबियत बिगड़ने के कारण उन्हें ढाका के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
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