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भारतीय क्रिकेट में टैलेंट की खान है. इन दिनों फ्यूचर स्टार्स में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे जैसे विस्फोटक बल्लेबाज सुर्खियों में बने हुए हैं. लेकिन एक 17 साल का युवा बल्लेबाज और चर्चा में आ चुका है जिसकी अंडर-19 वर्ल्ड कप स्क्वाड में एंट्री हुई है. इस बल्लेबाज ने अभी तक 125 शतक ठोक डाले हैं. इस खिलाड़ी के पिता एक इंजीनियर हैं. स्पोर्ट्स बैकग्राउंड न होने के बावजूद फैमिली के सपोर्ट से ये बल्लेबाज अब अंडर-19 वर्ल्ड कप में मौके पर चौका लगाने के लिए तैयार है. 

कौन है ये बल्लेबाज?

हम बात कर रहे हैं नवी मुंबई के अभिज्ञान कुंडू की जिन्होंने अभी तक मुंबई सीनियर टीम के लिए एक भी मैच नहीं खेला है, लेकिन 17 साल के नवी मुंबई के लड़के अभिज्ञान कुंडू ने इंडिया अंडर-19 टीम के लिए अपने शानदार प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है. कुंडू को इंग्लैंड दौरे के लिए इंडिया अंडर-19 टीम का उप-कप्तान बनाया गया था, जिसमें मुंबई के ओपनर आयुष म्हात्रे टीम के कप्तान थे. इस दौरे के दौरान उन्होंने 34 गेंदों में 45 रन बनाकर भारत को छह विकेट से जीत दिलाने में अपना योगदान दिया. इसके बाद उन्होंने बेकेनहम में इंग्लैंड के खिलाफ पहले यूथ टेस्ट में 95 गेंदों में 90 रन बनाए और चेम्सफोर्ड में दूसरे टेस्ट में सिर्फ 46 गेंदों में 65 रन बनाकर भारत को मैच ड्रॉ कराई

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क्या बोले पिता अभिषेक कुंडू?

कुंडू ने मलेशिया के खिलाफ एक रिकॉर्ड तोड़ दोहरा शतक (125 गेंदों में 209 रन नाबाद) जमाया. वह टैलेंटेड टीनएजर यूथ वनडे में दोहरा शतक बनाने वाला पहला भारतीय और दुनिया का दूसरा खिलाड़ी प्लेयर बन गए. उनके  पिता अभिषेक कुंडू ने मंगलवार को TOI के इंटरव्यू में कहा, ‘हम बहुत खुश थे. यह हम सभी के लिए एक शानदार पल था. हम लंबे समय से उससे ऐसे प्रदर्शन का इंतजार कर रहे थे. उसने अब तक 125 शतक बनाए हैं, जिसमें हैरिस शील्ड, जाइल्स शील्ड, MCA और BCCI टूर्नामेंट में बनाए गए शतक शामिल हैं. उसने जाइल्स और हैरिस शील्ड में और विजय मर्चेंट ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ मुंबई अंडर-16 टीम के लिए दोहरा शतक बनाया.’

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15 जनवरी से u19 वर्ल्ड कप

15 जनवरी से U19 वर्ल्ड कप का आगाज होगा जिसमें अभिज्ञान कुंडू का भी नाम है. उनके पिता ने कहा, ‘यह हमारे परिवार के लिए सबसे गर्व का पल है. हम सभी बहुत खुश हैं कि वह देश के लिए (इंडिया अंडर-19 लेवल पर) खेल रहा है. यह निश्चित रूप से उसके लिए एक बड़ा पल है क्योंकि उसने कड़ी ट्रेनिंग की है और अब उसे अंडर-19 लेवल पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करने और अपने सपने को पूरा करने का मौका मिल रहा है. वह नीचे अच्छा खेलता था. जब वह सिर्फ पांच साल का था, तो हमने उसे चेतन जाधव के पास प्रोफेशनल कोचिंग के लिए दाखिला दिलाया.’