सेना को भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति को सोते समय उठवाना कोई साधारण घटना नहीं है. पूरी दुनिया आशंकित है. भारत ने बिल्कुल सधी हुई प्रतिक्रिया दी है. सवाल यह है कि अब राष्ट्रपति को उठवाने के बाद अमेरिका का अगला कदम क्या है? हां, क्योंकि उसने हजारों सैनिकों को थोड़ी दूर पर तैनात कर रखा है. दूसरी स्ट्राइक भी हो सकती है. विदेश मामलों के एक्सपर्ट रबिंदर सचदेव ने समझाया है कि ट्रंप का गेम प्लान क्या है.
उन्होंने कहा कि वेनेजुएला में घुसकर मिलिट्री ऐक्शन के बाद अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रवैये से साफ है कि आगे का काम तेल कंपनियों के जरिए किया जाएगा. अमेरिका कुछ तेल कंपनियों के सीनियर एग्जीक्यूटिव को मिलाकर एक टीम बना सकता है. सचदेव ने कहा कि वेनेजुएला के विपक्ष के साथ जुड़ने के लिए अमेरिका बड़ी तेल कंपनियों का इस्तेमाल कर सकता है, जिसका मकसद रॉयल्टी के जरिए मुनाफा बांटते हुए देश के तेल तक पहुंच हासिल करना है.
सचदेव ने ANI से बातचीत में कहा, ‘ट्रंप ने कहा है कि अब हम वेनेजुएला को चलाएंगे. जैसे कि वेनेजुएला कोई कंपनी हो जिसे उन्होंने खरीद लिया हो. उनकी सोच से यह तो साफ है कि कुछ काम तेल कंपनियों के जरिए किया जाएगा यानी सबसे पहले वह एक टीम बनाएंगे. इसमें वॉर सेक्रेट्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो शामिल होंगे. इनके अलावा टीम में तेल कंपनियों के कुछ सीनियर एग्जीक्यूटिव को शामिल करेंगे.’
विदेश मामलों पर पैनी नजर रखने वाले सचदेव का कहना है कि बड़ी तेल कंपनियों के पास दुनियाभर के देशों में जैसे अफ्रीका में, तख्तापलट कराने और नए प्रोजेक्ट हासिल करने का कई सालों का अनुभव है. उन्होंने अफ्रीका में ऐसा बहुत कुछ किया है इसलिए, इन कंपनियों के बेहतरीन माइंड वाले लोग टीम में जाएंगे. यही टीम वेनेजुएला के विपक्ष से बात करेगी कि उन्हें सत्ता में कैसे लाया जाए.
उन्होंने समझाया कि इसका मकसद यह है कि वेनेजुएला का तेल इन तेल कंपनियों को निकालने के लिए मिले. जाहिर है उस तेल से कुछ पैसा वेनेजुएला को भी मिलेगा क्योंकि यह संसाधन उसी का है. कंपनियां मुनाफा कमाएंगी और अमेरिका रॉयल्टी के रूप में कुछ पैसा लेगा.
