
वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश और दुनिया में हड़कंप मच गया है. सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका अब वेनेजुएला को युद्ध की आग में झोंक देगा.लेकिन तमाम अटकलों को खत्म करते हुए इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देकर साफ कर दिया है कि अमेरिका का इरादा जंग का नहीं है.
ट्रंप का दो टूक: ‘हम युद्ध में नहीं हैं’
एनबीसी न्यूज को दिए खास इंटरव्यू में ट्रंप ने उन दावों को खारिज कर दिया कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ युद्ध में शामिल है. उन्होंने कहा, “नहीं, हम नहीं हैं. हम उन लोगों के साथ युद्ध में हैं जो ड्रग्स बेचते हैं. हम उन लोगों के साथ युद्ध में हैं जो अपनी जेलों को हमारे देश में खाली कर देते हैं और अपने ड्रग एडिक्ट्स और अपने मानसिक रोगियों को हमारे देश में भेज देते हैं.” उन्होंने वेनेजुएला की बदहाली के लिए वहां के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उन्होंने अपराध और अस्थिरता को बढ़ावा दिया. उन्होंने बताया कि मादुरो को काराकस में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया और बाद में न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी और आतंक से जुड़े आरोप लगाए गए.
अगले 30 दिनों में चुनाव क्यों नहीं?
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अगले 30 दिनों में वेनेजुएला में चुनाव नहीं कराए जाएंगे. उनके मुताबिक, मौजूदा हालात चुनाव के लायक नहीं हैं. ट्रंप ने कहा, “अगर लोग सुरक्षित तरीके से वोट नहीं कर सकते, तो चुनाव कराना बेकार है. पहले देश को स्थिर करना होगा.”
ट्रंप का 30 दिन का एक्शन प्लान
अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, अगले एक महीने में अमेरिका की रणनीति तीन बिंदुओं पर टिकी है-
- कानून-व्यवस्था बहाल करना
- ड्रग तस्करी और संगठित अपराध पर कार्रवाई
- अर्थव्यवस्था को संभालने की बुनियाद तैयार करना
ट्रंप का मानना है कि वेनेजुएला को धीरे-धीरे संभालना होगा, जल्दबाजी से हालात बिगड़ सकते हैं.
तेल सेक्टर से होगी शुरुआत
ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला के ऊर्जा और तेल ढांचे को दोबारा खड़ा करने में अमेरिकी तेल कंपनियां बड़ी भूमिका निभा सकती हैं.
उनका दावा है कि यह काम 18 महीनों से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है. शुरुआती खर्च कंपनियां उठाएंगी और बाद में रेवेन्यू से अपनी लागत निकाल लेंगी.
मादुरो पर लगे गंभीर आरोप
ट्रंप ने बताया कि मादुरो को काराकस में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया और न्यूयॉर्क में उनके खिलाफ ड्रग तस्करी और आतंक से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
उन्होंने वेनेजुएला की बदहाली के लिए सीधे तौर पर वहां के पुराने नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया.
‘वेनेजुएला कौन चला रहा है?’
जब ट्रंप से पूछा गया कि फिलहाल वेनेजुएला का संचालन कौन कर रहा है और वहां के नेताओं से क्या बातचीत हो रही है. इस पर ट्रंप ने कहा कि रोड्रिग्ज अमेरिकी अधिकारियों के साथ सहयोग कर रही हैं, लेकिन उन्होंने यह खारिज किया कि मादुरो को हटाने से पहले वाशिंगटन और उनके गुट के बीच कोई बातचीत हुई थी. उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही यह तय किया जाएगा कि रोड्रिग्ज पर लगे प्रतिबंध जारी रहेंगे या नहीं. जब उनसे पूछा गया कि आखिर वेनेजुएला का संचालन कौन कर रहा है, तो ट्रंप ने एक शब्द में जवाब दिया- “मैं.” इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो वेनेजुएला के नेतृत्व से बातचीत में गहराई से जुड़े हुए हैं.
सैन्य विकल्प भी खुला
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर सहयोग टूटता है, तो अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी मौजूद है, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी.
कांग्रेस की मंजूरी पर सफाई
अंत में ट्रंप ने इस आलोचना को भी खारिज किया कि उन्होंने इस कार्रवाई के लिए अमेरिकी कांग्रेस की मंज़ूरी नहीं ली. उनका कहना था कि सांसदों को अमेरिकी कार्रवाई की जानकारी थी और उन्हें कांग्रेस का समर्थन हासिल है. हालांकि उन्होंने इस बारे में ज़्यादा विवरण नहीं दिया. इनपुट आईएएनएस से

