
पाकिस्तान की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर उनके परिवार को हर समय उनकी चिंता और आस लगी रहती है. खासकर इमरान खान की बहनें उनके लिए काफी चिंतित हैं. सोमवार (19 जनवरी) को इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा कि उन्हें लगातार अकेले रखे जाने के बावजूद भी वो इतने मजबूत है कि उन्हें कोई तोड़ नहीं सकता है. CNN-News18 से बात करते हुए, अलीमा ने कहा कि लोग इमरान खान को अकेले रखे जाने को लेकर चिंता जता रहे हैं, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि बड़ा सवाल यह है कि वह अभी भी जेल में क्यों हैं?
इमरान खान की बहन अलीमा खान ने कहा, ‘जब आपने इमरान खान को जेल में रखकर और 26वें और 27वें संशोधन के ज़रिए अपने मकसद हासिल कर लिए हैं, तो सवाल उठता है कि इमरान खान आज भी जेल में क्यों हैं?’ अलीमा ने आरोप लगाया कि संशोधनों को पास कराने के लिए सांसदों के एक छोटे समूह ने वोटों में धांधली की और दावा किया कि इमरान खान को जेल में रखने के लिए न्यायपालिका को कमज़ोर किया गया.
अगर बातचीत सही है तो रुकावटें किस बात की?
अलीमा ने सत्ता में बैठे लोगों पर खुद को संविधान और कानून से ऊपर रखने का आरोप लगाया. इसके बावजूद उन्होंने कहा, इमरान खान अभी भी जेल में हैं क्योंकि वह लोगों की आवाज़ हैं. उन्होंने इमरान खान की रिहाई के लिए सरकार की बातचीत की बातों को एक सिरे से खारिज करते हुए इसे ध्यान भटकाने वाला बताया और सवाल किया कि अगर सच में बातचीत हो रही है तो रुकावटें क्यों बनी हुई हैं?
वो इमरान खान की आवाज को दबाना चाहते हैं
अलीमा खान ने सीनियर नेता महमूद खान अचकजई के 8 फरवरी को कार्रवाई के आह्वान का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा वे लोगों की आवाज़ को दबाना चाहते हैं और कहा कि जो भी इमरान खान या कानून के शासन के लिए बोलता है, उसे अब जेल भेजा जा रहा है. अलीमा ने ज़ोर देकर कहा, ‘हम मज़बूत हैं. अगर आपको हमें जेल में डालना है, तो डाल दीजिए. हम कभी पीछे नहीं हटेंगे.’
इमरान खान को नहीं दी गई कानूनी सलाह
73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं. अप्रैल 2022 में उनकी सरकार हटाए जाने के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए थे. सोमवार को उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने दावा किया है कि उन्हें कानूनी सलाह लेने से रोका गया है और तीन महीने से ज़्यादा समय से अकेले रखा गया है.
लंबे समय तक अकेले रखना गलत
ईरान के सशस्त्र बल ट्रंप की खतरनाक और लापरवाह धमकी के बाद विरोध प्रदर्शनों पर ‘स्टैंडबाय’ पर पार्टी ने कहा, ‘लंबे समय तक अकेले रखना अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत हानिकारक माना जाता है और बिना किसी स्पष्ट कारण या सुरक्षा उपायों के लागू करने पर यह क्रूर, अमानवीय हो सकता है, यही वजह है कि इससे समर्थकों और नेतृत्व के बीच चिंता बढ़ रही है.’ PTI ने आरोप लगाया कि जेल मैनुअल के तहत गारंटीशुदा बुनियादी ज़रूरतें भी उन्हें नहीं दी गई हैं.
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