
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोमवार (26 जनवरी) को इस बात का ऐलान कर दिया कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और उसके साथ के वॉरशिप मिडिल ईस्ट पहुंच गए हैं, जिससे इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत मजबूत हुई है. इस तैनाती का मकसद हमला और बचाव दोनों क्षमताओं को बढ़ाना है ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान पर हमला करने का विकल्प मिल सके. जबकि शासन द्वारा प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई की खबरें आ रही हैं. CENTCOM ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर तस्वीरें शेयर कीं हैं जिसमें USS अब्राहम लिंकन पर सवार नाविक ‘रूटीन मेंटेनेंस’ करते हुए दिखाई दे रहे हैं. जबकि कैरियर हिंद महासागर में काम कर रहा है.
एक बयान में कमांड ने कहा कि अब्राहम लिंकन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करने के लिए मिडिल ईस्ट में तैनात किया गया है. इसके पहले गुरुवार (22 जनवरी) को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने एहतियात के तौर पर ईरान की ओर बढ़ रहे एक बड़े नौसैनिक बल को इकट्ठा किया है. इस बात पर जोर देते हुए कि इसे शायद अंततः तैनात न किया जाए. उन्होंने लगातार ईरान के नेतृत्व को प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई के खिलाफ चेतावनी दी है, जिन्होंने दिसंबर के आखिर में रैलियां शुरू की थीं.
Sailors aboard USS Abraham Lincoln (CVN 72) perform routine maintenance as the aircraft carrier sails in the Indian Ocean, Jan. 26. The Abraham Lincoln Carrier Strike Group is currently deployed to the Middle East to promote regional security and stability. pic.twitter.com/dkuN946hce
— U.S. Central Command (@CENTCOM) January 26, 2026
विरोध प्रदर्शन के दौरान सामूहिक फांसी की ट्रंप ने निंदा की
ये पिछले कई सालों में सत्ताधारी प्रतिष्ठान द्वारा सामना किया गया सबसे महत्वपूर्ण अशांति बन गई है. ट्रंप ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों के सामूहिक फांसी की खबरों की भी निंदा की है. इस बीच, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल से जुड़े एक मीडिया प्रकाशन, नूरन्यूज़ ने सप्ताहांत में रिपोर्ट दी कि जनरल मोहम्मद पाकपुर ने वाशिंगटन और इज़राइल दोनों को चेतावनी जारी की है, उनसे रणनीतिक गलतियां न करने का आग्रह किया है.
किसी भी तरह के हमले के जवाब के लिए तैयार है ईरान
रिपोर्ट के अनुसार, समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के हवाले से पाकपुर ने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स हाई अलर्ट पर था और ईरान के शीर्ष नेतृत्व से आदेशों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार था. इस बयानबाजी को बढ़ाते हुए ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जनरल रज़ा तलाई-निक ने सोमवार (26 जनवरी) को कहा कि अमेरिका या इज़राइल द्वारा कोई भी सैन्य हमला पहले के टकरावों की तुलना में अधिक कठोर और निर्णायक प्रतिक्रिया को भड़काएगा.
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