Russia-Ukraine War: रूस ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की को शांति वार्ता के लिए मॉस्को आने का औपचारिक निमंत्रण दिया है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने गुरुवार को कहा कि रूस लगभग चार वर्षों से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत के लिए तैयार है. रूसी समाचार एजेंसी TASS के अनुसार, पेस्कोव ने कहा कि हम इस समय मॉस्को के बारे में बात कर रहे हैं, जो जरूरी है. बता दें ये यह लगातार दूसरा दिन है जब क्रेमलिन के किसी वरिष्ठ अधिकारी ने जेलेंस्की को मॉस्को में वार्ता के लिए आमंत्रित करने की बात कही है.
रूस जेलेंस्की की मेजबानी करने के लिए हुआ तैयार
इससे एक दिन पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा था कि यदि यूक्रेनी राष्ट्रपति वास्तव में बातचीत के लिए तैयार हैं, तो रूस उनकी मेजबानी करने को तैयार है. रूस टुडे के अनुसार, उशाकोव ने कहा कि ऐसी स्थिति में हम उनकी सुरक्षा और उनके काम के लिए आवश्यक सभी शर्तों की गारंटी देंगे.
बता दें कि ये बयान ऐसे समय में आया है जब पिछले हफ्ते रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच अबू धाबी में पहली त्रिपक्षीय शांति वार्ता आयोजित की गई थी. यह बैठक अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति प्रयासों के तहत हुई थी. एक अमेरिकी अधिकारी ने वार्ता को सफल बताते हुए कहा था कि इस वार्ता का अगला दौर 1 फरवरी को आयोजित किया जाएगा. अमेरिकी अधिकारी ने कहा था कि सभी पक्षों को एक साथ लाना एक बड़ा कदम थ. यह दर्शाता है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए आवश्यक बिंदुओं पर अब तक पर्याप्त प्रगति हुई है.
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हालांकि शांति वार्ता की कोशिशों के बीच रूस द्वारा यूक्रेन पर ड्रोन हमले जारी हैं. गुरुवार को दक्षिणी जापोरिजिया क्षेत्र में एक ड्रोन हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि खुफिया रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि रूस बड़े पैमाने पर हवाई हमले की तैयारी कर रहा है.
यूक्रेन ने मॉस्को पर ड्रोन हमले का लगया आरोप
यूक्रेन का आरोप है कि रूसी ड्रोन हमलों का लक्ष्य देश का बिजली ग्रिड को निशाना बनाना है. कीव का कहना है कि इस तरह के हमले शांति वार्ता की प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश हैं. यूक्रेन के रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव के अनुसार, रूस ने पिछले महीने यूक्रेन पर 6000 से अधिक ड्रोन हमले किए थे जिसके चलते यूक्रेन को अपनी हवाई रक्षा रणनीति में बदलाव करना पड़ा था.
