TrumpRx को ट्रंप प्रशासन इसी महीने शुरू करने की तैयारी है. इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने कई बड़ी दवा कंपनियों से समझौते किए हैं. वहीं दूसरी ओर डेमोक्रेट सांसदों ने इस प्लेटफॉर्म को लेकर सवाल उठाए हैं और इसके ढांचे व काम करने के तरीके पर चिंता जताई है.
क्या है TrumpRx?
TrumpRx एक सरकारी वेबसाइट रहेगी. जिसके जरिए मरीज दवाएं सीधे दवा बनाने वाली कंपनियों से खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि बीच के बिचौलिये हटने से दवाओं के दाम कम हो जाएंगे. इससे लोगों को राहत मिलेगी.
इसी महीने हो सकती है शुरुआत
ट्रंप प्रशासन के मुताबिक TrumpRx को जनवरी के अंत तक लॉन्च किया जा सकता है. बीते कुछ महीनों में सरकार ने एक दर्जन से ज्यादा दवा निर्माताओं के साथ समझौते किए हैं ताकि उनकी दवाएं इस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जा सकें.
बता दें, इस योजना के तहत मरीजों को दवाएं सीधे कंपनियों से मिलेंगी. प्रशासन का कहना है कि अमेरिका दुनिया में दवाओं का सबसे बड़ा खरीदार है इसलिए यहां के लोगों को सबसे अच्छी कीमत मिलनी चाहिए. इसी सोच के साथ 2025 में एक कार्यकारी आदेश जारी कर इस योजना की नींव रखी गई थी.
डेमोक्रेट सांसदों की चिंता
TrumpRx को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है. डेमोक्रेट सांसद डिक डर्बिन, एलिजाबेथ वॉरेन और पीटर वेल्च ने स्वास्थ्य एवं मानव सेवा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल को पत्र लिखकर इस प्लेटफॉर्म पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा है कि TrumpRx मरीजों को किन डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर प्लेटफॉर्म्स की ओर भेजेगा और वहां इलाज व दवाओं की व्यवस्था कैसी होगी?
गलत दवा और इलाज का डर
सीनेटरों ने अपने पत्र में लिखा कि जिन प्लेटफॉर्म्स की ओर मरीजों को भेजा जाएगा, वहां गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, इलाज में कमी और हितों के टकराव जैसी समस्याएं पहले भी सामने आ चुकी हैं. उनका कहना है कि इस पहल से मरीजों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.
महंगी दवाओं से परेशान लोग
अमेरिका में दवाओं की बढ़ती कीमतें लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई हैं. टेनेसी राज्य में 2025 में कराए गए एक सर्वे में सामने आया कि करीब 51 फीसदी लोग स्वास्थ्य खर्च, खासकर दवाओं के दाम को लेकर काफी चिंतित हैं. ऐसे में TrumpRx से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
फिलहाल TrumpRx पर किन-किन दवाओं को सीधे बेचा जाएगा इसकी पूरी सूची जारी नहीं की गई है. हालांकि प्रशासन ने बताया है कि Pfizer समेत कई बड़ी दवा कंपनियों के साथ साझेदारी की जा चुकी है.
मेडिकल स्टोर्स की बढ़ी बेचैनी
इस नई व्यवस्था से पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स और फार्मेसी चेन को नुकसान होने की आशंका है. क्योंकि लोग सीधे कंपनियों से सस्ती दवाएं खरीद सकते हैं. यही वजह है कि TrumpRx को लेकर दवा उद्योग में चिंता और चर्चा दोनों तेज हो गई हैं.
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