US Military Preparations Against Iran: अमेरिका और ईरान में जंग के आसार बढ़ते जा रहा है. अमेरिका हिंद महासागर और अरब सागर में ईरान के खिलाफ सामरिक नाकाबंदी मजबूत कर रहा है. उसका एक विमानवाहक सैन्य बेड़ा हिंद महासागर में पहुंच चुका है. जबकि दूसरा बेड़ा रास्ते में है. कुल मिलाकर उसके करीब 10 युद्धपोत पश्चिम एशिया के समुद्र में तैनात हैं. इसी बीच ईरान की सैन्य तैयारियों की टोह लेने के लिए अमेरिका ने ड्रोन तैनात किए हैं. 

ईरानी सेना की निगरानी कर रहे टोही ड्रोन

सहयोगी वेबसाइट WION के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना का एक एक MQ-4C ड्रोन ईरान के तट के पास खाड़ी में निगरानी कर रहा है. अबू धाबी बेस से उड़ान भरने वाले इस सर्विलांस ड्रोन को होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर देखा गया है. इसके साथ ही P-8 Poseidon टोही विमान भी ईरान की सैन्य गतिविधियों की टोह लेने में जुटे हैं. 

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डिफेंस एक्सपर्टों के मुताबिक, ईरान के खिलाफ हमले के लिए पश्चिम एशिया में यूएस अब तक 10 से ज्यादा युद्धपोतों की तैनाती कर चुका है. स्वेज नहर के रास्ते फॉर्मुज खाड़ी की ओर बढ़ रहे एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham ने अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हैं. जिससे ईरान के रडार उसकी लोकेशन को ट्रैक न कर पाएं. इसके साथ ही USS Delbert D Black नाम का युद्धपोत भी फारस की खाड़ी की ओर मूव कर रहा है. जिससे ईरानी सेना की घेराबंदी की जा सके. 

ट्रंप ने छेड़ रखा है मनोवैज्ञानिक युद्ध

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी अपने बयानों के जरिए ईरान के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध छेड़े हुए हैं. ट्रंप ने कहा कि एक सुंदर आर्मडा (टोही विमान) ईरान की ओर बढ़ रहा है. इसके बावजूद ईरान के साथ बातचीत के दरवाजे अभी बंद नहीं हुए हैं. अगर वह अमेरिका की शर्तें मान ले तो जंग टल सकती है. इसके साथ ही ट्रंप ने धमकी दी कि ईरान के लिए वक्त निकला जा रहा है और हालात तेजी से बदल रहे हैं. अमेरिका अपने युद्धक साजो-सामान को पश्चिम एशिया में शिफ्ट कर रहा है. 

उधर अमेरिकी दबाव से बेखौफ ईरान भी उसके खिलाफ अपनी सैन्य शक्ति दिखाने की तैयारी कर रहा है. उसने 1 फरवरी से होर्मुज जलडमरूमध्य में लाइव फायर ड्रिल करने का ऐलान किया है. ईरानी सेना ने कहा है कि इस युद्धाभ्यास में देश की तीनों सेनाएं शामिल होंगी. ड्रिल के दौरान दुश्मन के युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों को मार गिराने का अभ्यास किया जाएगा. 

दोनों ओर से चल रहीं सैन्य तैयारियां

फिलहाल दोनों ओर से सैन्य जमावड़ा लगातार मजबूत हो रहा है. जंग की आंच अपनी ओर आने की आशंका में इजरायल भी शांत रहकर सैन्य तैयारियों में जुटा है. वहीं सऊदी अरब, कतर जैसे देशों ने ईरान के खिलाफ जंग के लिए अपना एयरस्पेस और बेस इस्तेमाल न करने की बात कही है. जिससे उन्हें ईरान के पलटवार का डर न रहे. किसी भी दिन इस भयानक जंग की खबर आ सकती है.