जेफ्री एपस्टीन वह अमेरिकी फाइनेंशियर था, जो नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग के गंभीर आरोपों में फंसा था. साल 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया. अब उसकी मौत के सालों बाद सामने आईं एपस्टीन फाइल्स ने पूरी दुनिया में हड़कंप मचा दिया है. अमेरिका के न्याय विभाग ने शुक्रवार को एपस्टीन से जुड़ी जांच के हजारों दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. इन फाइलों में दुनिया के कई ताकतवर और प्रभावशाली लोगों के नाम दर्ज हैं. टेक की दुनिया से लेकर ब्रिटिश रॉयल फैमिली, वॉल स्ट्रीट के बड़े कारोबारी और राजनीति से जुड़े दिग्गजों तक कई चर्चित नाम सामने आने के बाद पूरी दुनिया में हंगामा मच गया है. हालांकि, इन सभी लोगों पर फिलहाल कोई आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए हैं.
एपस्टीन फाइल्स ने खोले सत्ता और रसूख के दरवाज़े
न्यूज एजेंसी एपी (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी न्याय विभाग (US Justice Department) ने जेफ्री एपस्टीन जांच से जुड़े हजारों पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं. इन फाइलों में टेक इंडस्ट्री के दिग्गजों, वॉल स्ट्रीट के बड़े नामों और ब्रिटिश शाही परिवार से जुड़े लोगों का जिक्र है. इस खुलासे के बाद राजनीति और कारोबार की दुनिया में हलचल तेज हो गई है.
कौन था जेफ्री एपस्टीन
सबसे पहले जान लें कौन था जेफ्री एपस्टीन. जेफ्री एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंशियर था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और सेक्स ट्रैफिकिंग के बेहद गंभीर आरोप लगे थे. साल 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई. हालांकि इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन उसकी मौत को लेकर आज भी कई सवाल उठते रहे हैं. अब उसकी फाइलों में दर्ज नाम एक बार फिर चर्चा में हैं.
प्रिंस एंड्रयू: शाही रिश्तों पर सबसे गहरा दाग
ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू का नाम एपस्टीन फाइल्स में सैकड़ों बार सामने आया है. वर्जीनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया था कि 17 साल की उम्र में एपस्टीन ने उन्हें एंड्रयू के पास भेजा और यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया. एंड्रयू ने हमेशा इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन विवाद के बाद उनके भाई किंग चार्ल्स तृतीय ने उनसे शाही उपाधियां छीन ली थीं. अब फाइल्स सामने आने से यह पुराना विवाद फिर ताजा हो गया है.
एलन मस्क: ईमेल्स में नाम, आरोपों से इनकार
टेस्ला और एक्स (X) के मालिक एलन मस्क का नाम 2012-13 के ईमेल्स में सामने आया है, जिनमें एपस्टीन के निजी कैरेबियन द्वीप पर जाने की चर्चा थी. मस्क ने साफ कहा है कि उन्होंने एपस्टीन के सभी निमंत्रण ठुकरा दिए थे और कभी उसके द्वीप पर नहीं गए. फिलहाल उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं है.
स्टीवन टिश: 400 से ज्यादा बार जिक्र
न्यूयॉर्क जायंट्स के सह-मालिक स्टीवन टिश का नाम फाइलों में 400 से ज्यादा बार दर्ज है. ईमेल्स में महिलाओं को मिलवाने जैसी बातचीत का जिक्र मिलता है. टिश ने माना कि वे एपस्टीन को जानते थे, लेकिन उसके द्वीप पर कभी नहीं गए. उन्होंने एपस्टीन से जुड़ाव पर अफसोस भी जताया है.
हॉवर्ड लुटनिक: परिवार संग द्वीप यात्रा
अमेरिका के वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के बारे में दस्तावेजों में दावा है कि वे 2012 में अपने परिवार के साथ एपस्टीन के कैरेबियन द्वीप गए थे. यह दावा उनके पुराने बयानों से उलट है. हालांकि उनके विभाग ने कहा है कि लुटनिक पर किसी तरह के गलत काम का आरोप नहीं है.
सर्गेई ब्रिन और स्टीव बैनन: पुराने संपर्क उजागर
गूगल के सह-संस्थापक सर्गेई ब्रिन और डोनाल्ड ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन के भी एपस्टीन से संपर्कों का जिक्र फाइलों में है. बैनन और एपस्टीन के बीच सैकड़ों मैसेज सामने आए हैं, जिनमें राजनीति, यात्रा और एक डॉक्यूमेंट्री प्रोजेक्ट तक की बातें शामिल हैं.
रिचर्ड ब्रैनसन और मिरोस्लाव लाजकाक का नाम भी शामिल
वर्जिन ग्रुप के संस्थापक रिचर्ड ब्रैनसन ने एक ईमेल में एपस्टीन को अपने निजी द्वीप पर आमंत्रित किया था, जो अब विवाद का कारण बन गया है. वहीं स्लोवाकिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजकाक ने फाइल्स सामने आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया, हालांकि उन पर किसी तरह का आरोप नहीं है.
बिल गेट्स: पुरानी मुलाकातें फिर चर्चा में
माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का नाम भी एपस्टीन फाइल्स में सामने आया है. दस्तावेजों के मुताबिक, गेट्स और एपस्टीन के बीच कई बार मुलाकातें हुई थीं और सामाजिक व परोपकारी परियोजनाओं को लेकर बातचीत हुई थी. हालांकि बिल गेट्स पहले ही सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि एपस्टीन से मिलना उनकी “बड़ी गलती” थी और उन्होंने किसी भी तरह के गलत काम से इनकार किया है.
क्या किसी पर चलेगा केस?
सबसे अहम बात यह है कि एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बावजूद अब तक किसी भी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए हैं. कई लोगों ने इसे केवल सामाजिक या पेशेवर जान-पहचान बताया है. लेकिन इतना तय है कि इन फाइलों ने दुनिया के ताकतवर लोगों की छवि पर गहरा असर डाला है.
