संस्कृति मंत्रालय
ज्ञान भारतम मिशन
प्रविष्टि तिथि: 02 FEB 2026 3:30PM by PIB Delhi
केंद्रीय बजट 2025-26 में भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय (एमओसी) की एक प्रमुख पहल के रूप में ज्ञान भारतम की घोषणा की गई है। इस पहल का उद्देश्य भारत की विशाल हस्तलिखित विरासत को उजागर करना, उसकी रक्षा करना और उसे संरक्षित करना है। विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल सांस्कृतिक संरक्षण को मानव पूंजी विकास के साथ सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करके यह सुनिश्चित करती है कि भारत का प्राचीन ज्ञान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहे। इस पहल को समर्थन देने के लिए, स्थायी वित्त समिति (एसएफसी) ने 2025-2031 की अवधि के लिए 491.66 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह पहल पांच क्षेत्रों पर केंद्रित है,
(i) सर्वेक्षण और सूचीकरण
(ii) संरक्षण और क्षमता निर्माण
(iii) प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण
(iv) भाषा विज्ञान और अनुवाद
(v) अनुसंधान, प्रकाशन और प्रचार-प्रसार।
ज्ञान भारतम को देशभर में क्लस्टर (समूह) केंद्रों (सीसी) और स्वतंत्र केंद्रों (आईसी) का राष्ट्रव्यापी नेटवर्क स्थापित करने का दायित्व सौंपा गया है। अब तक शामिल किए गए सीसी और आईसी की सूची संलग्न है।
ज्ञान भारतम के अंतर्गत 75 लाख से अधिक पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण किया गया है। इनमें से 12 लाख पांडुलिपियां ज्ञान भारतम पोर्टल यानी https://gyanbharatam.com पर उपलब्ध हैं ।
(पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण और सूचीकरण के लिए प्रमुख तकनीकी और गुणवत्ता मानक तथा मेटाडेटा प्रोटोकॉल निम्नलिखित हैं:)
- संरक्षण और उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल आउटपुट सुनिश्चित करने के लिए कड़े इमेजिंग मानदंड।
- कम से कम 400 डीपीआई, 24-बिट रंगीन स्कैनिंग (आवश्यकतानुसार 600 डीपीआई) ठंडी रोशनी वाले गैर-विनाशकारी फेस-अप ओवरहेड स्कैनर का उपयोग करके।
- अनिवार्य इमेज पोस्ट-प्रोसेसिंग में रंग को यथावत बनाए रखते हुए और शत-प्रतिशत मैन्युअल गुणवत्ता सत्यापन के साथ-साथ डी-स्क्यूइंग, क्रॉपिंग, लाइट इक्वलाइजेशन और कीटाणु निशान या जंग के निशान जैसी डिजिटल “विसंगतियों” को हटाना शामिल है।
- मास्टर फाइलें टीआईएफएफ वी 6.0 (एनजेडडब्ल्यू संपीड़ित) प्रारूप में; एक्सेस प्रतियां जेपीईजी प्रारूप में; अमिट वॉटरमार्क के साथ खोज योग्य प्रतियां पीडीएफ/ए प्रारूप में।
- क्लाउड-आधारित बैकअप और आपदा रिकवरी के साथ एलटीओ-9 टेप के माध्यम से दीर्घकालिक भंडारण।
- एक पूर्णतः कार्यात्मक, एआई-एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन का निर्माण करना।
- मेटाडेटा कैप्चर स्तर: वर्णनात्मक मेटाडेटा (सामग्री), संरचनात्मक मेटाडेटा (नेविगेशन), तकनीकी मेटाडेटा, प्रशासनिक मेटाडेटा – इसमें पांडुलिपि सामग्री विवरण, मूल स्रोत का विवरण, संस्थागत विवरण, स्थानिक क्षेत्र, भाषा, लिपि, संरक्षण स्थिति, निर्माण की तिथि, डिजिटल ऑब्जेक्ट का संस्करण, प्रयुक्त फ़ाइल प्रारूप, प्रयुक्त संपीड़न तकनीक, ऑब्जेक्ट सम्बंध आदि शामिल हैं।
- प्रत्येक डिजिटाइजेशन बैच के साथ सीएसवी और एक्सएमएल प्रारूपों में मेटाडेटा उपलब्ध कराया जाता है।
इस सम्बंध में निम्नलिखित उपाय किए गए हैं:
(i) ऊपर दिए गए पांच क्षेत्रों में ज्ञान भाटमम पहल के अंतर्गत उल्लिखित गतिविधियों को संचालित करने के लिए अब तक 45 केंद्र शामिल किए जा चुके हैं।
(ii) अब तक 20 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को भी सम्बंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के भीतर ज्ञान भारतम कार्यान्वयन के लिए नोडल समन्वय प्राधिकरण के रूप में कार्य करने के लिए शामिल किया गया है।
(iii) संरक्षण और संवर्धन पर एक विस्तृत नियमावली भी तैयार की गई है और प्रतिक्रिया के लिए प्रतिष्ठित संरक्षण विशेषज्ञों के साथ साझा की गई है।
(iv) सर्वेक्षण ऐप विकसित किया गया है और प्रतिक्रिया के लिए हितधारकों के साथ साझा किया गया है।
(v) तकनीकी साझेदारों को निम्नलिखित के लिए शामिल किया गया है:
- बुनियादी स्तर पर मेटाडेटा का निर्माण और राष्ट्रीय डिजिटल भंडार (एनडीआर) पर इसका एकीकरण तथा एनडीआर के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पांडुलिपियों और उनके मेटाडेटा की सुलभता के लिए उनके एकीकरण को सुगम बनाना।
- पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण के लिए निर्दिष्ट केंद्रों में स्कैनर और अन्य उपकरण तैनात किए जाएंगे।
- एक पूर्णतः कार्यात्मक, एआई-एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन का निर्माण करना।
- निरंतर हॉट, कोल्ड और क्लाउड-आधारित स्टोरेज होस्टिंग, बैकअप और सुरक्षा सहायता प्रदान करना।
- दीर्घकालिक अभिलेखन और आपदा प्रबंधन के लिए एलटीओ-9 टेप का उपयोग करके डेटा संग्रहण।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
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क्लस्टर केंद्र (28) |
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क्रमांक |
राज्य |
संगठन का नाम |
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1 |
असम |
संस्कृत विभाग, असम विश्वविद्यालय, सिलचर |
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2 |
बिहार |
नव नालन्दा महाविहार, नालन्दा |
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3 |
पटना संग्रहालय, पटना |
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4 |
दिल्ली |
जामिया हमदर्द पुस्तकालय विश्वविद्यालय |
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5 |
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय |
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6 |
गुजरात |
श्रुत रत्नाकरा, अहमदाबाद |
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7 |
ओरिएंटल संस्थान, महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा, वडोदरा |
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8 |
हिमाचल प्रदेश |
हिमाचल राज्य संग्रहालय, शिमला |
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9 |
जम्मू और कश्मीर |
फारसी विभाग, कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर |
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10 |
शाश्वत आर्ट गैलरी, जम्मू |
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11 |
कर्नाटक |
संस्कृति फाउंडेशन, मैसूरु |
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12 |
ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान, मैसूरु |
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13 |
केरल |
ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान और पांडुलिपि पुस्तकालय, केरल विश्वविद्यालय, तिरुवनंतपुरम |
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14 |
लद्दाख |
केंद्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान, लेह |
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15 |
मणिपुर |
मणिपुर राज्य अभिलेखागार |
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16 |
मध्य प्रदेश |
संस्कृत विभाग, डॉ. हरि सिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर |
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17 |
महाराष्ट्र |
कवि कुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, नागपुर |
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18 |
भंडारकर ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान, पुणे |
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19 |
ओडिशा |
सरस्वती भद्रक |
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20 |
संस्कृत विभाग, उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर |
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21 |
राजस्थान |
राजस्थान संस्कृत अकादमी, जयपुर |
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22 |
विश्व गुरुदीप आश्रम शोध संस्थान, जयपुर |
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23 |
सिक्किम |
नामग्याल तिब्बतोलॉजी संस्थान, गंगटोक |
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24 |
तेलंगाना |
तेलंगाना राज्य अभिलेखागार एवं अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद |
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25 |
उत्तर प्रदेश |
वृंदावन अनुसंधान संस्थान, वृंदावन |
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26 |
उत्तराखंड |
श्री लक्ष्मीधर आचार्य चक्रधर जोशी विद्यामंदिर शोध संस्थान, नक्षत्र वेधशाला, देवप्रयाग |
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27 |
पतंजलि विश्वविद्यालय |
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28 |
पश्चिम बंगाल |
एशियाटिक सोसाइटी, कोलकाता |
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स्वतंत्र केंद्र (17) |
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1 |
आंध्र प्रदेश |
सनातन जीवन ट्रस्ट, तिरूपति |
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2 |
बिहार |
खुदाबख्श ओरिएंटल पब्लिक लाइब्रेरी, पटना |
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3 |
बोध गया मठ – (गया) |
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4 |
गुजरात |
अध्यात्म परिवार ट्रस्ट, सूरत |
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5 |
हरियाणा |
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय |
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6 |
कर्नाटक |
तारा प्रकाशन वैदिक पुस्तकालय एवं अनुसंधान केंद्र, बेंगलुरु |
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7 |
केरल |
सेवाधी संग्रहालय एवं वैचारिक अनुसंधान संस्थान, कोट्टायम |
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8 |
चिन्मय इंटरनेशनल फाउंडेशन, एर्नाकुलम |
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9 |
महाराष्ट्र |
आनंदाश्रम संस्थान, पुणे |
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10 |
भारत इतिहास संशोधक मंडल सदाशिव पेठ, पुणे |
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11 |
मध्य प्रदेश |
अनेकांत ज्ञान मंदिर बीना |
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12 |
सिंधिया ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान, उज्जैन |
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13 |
राजस्थान |
अभय जैन ग्रंथालय, बीकानेर |
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14 |
राजस्थान ओरिएंटल अनुसंधान संस्थान, जोधपुर |
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15 |
पद्मश्री नारायण दास पांडुलिपि शोध संस्थान, जयपुर |
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16 |
उत्तर प्रदेश |
नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी |
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17 |
हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयागराज |
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