China Military News: हाल में चीन के रक्षा प्रशासन में बड़े भ्रष्टाचार की कई खबरें समने आई हैं. पिछले कुछ समय में कई बड़े अधिकारियों के खिलाफ कड़े एक्शन लिए गए. इस बीच एक अहम रिपोर्ट ने सभी को चौंका दिया है. बताया जा रहा है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले कुछ समय में बड़े पैमाने पर आंतरिक सैन्य शुद्धिकरण अभियान शुरू किया है. दरअसल, कुछ समय पहले ही चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग ने अपने कई शीर्ष अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया और उनके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी. 

इन सब के बीच एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसने सभी को हौरान कर दिया है. अमेरीकी खुफिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पश्चिमी चीन में लॉन्च होने को तैयार खड़ी चीनी परमाणु मिसाइलों में फ्यूल की जगह पानी भरा गया था. ऐसे में अगर उन मिसाइलों को फायर भी किया जाता, तो वह उड़ नहीं पाती. यही कारण है कि राष्ट्रपति जिनपिंग ने हाल में ही जनरल झांग यूक्सिया को बरखास्त किया था और उनको कई आरोपों में पिछले महीने गिरफ्तार भी किया गया था. 

जनरल झांग यूक्सिया के बारे में जानिए 

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बताया जाता है कि जनरल झांग यूक्सिया को एक समय पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का करीबी माना जाता रहा है. चीन के केंद्रीय सैन्य आयोग में शी जिनपिंग के बाद झांग का नंबर ही आता था. केंद्रीय सैन्य आयोग से ही चीनी की सेना से जुड़े सभी प्रमुख फैसले लिये जाते हैं. यह आयोग ही पीएलए, पीएपी और मिलिशिया ऑफ चीन का भी नेतृ्त्व करता है. 

अमेरिकी रिपोर्ट में कौन से खुलासे? 

हाल में ही सामने आई अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने सभी को भौचक्का कर दिया है. इस रिपोर्ट में बताया गया कि जनरल झांग को पिछले महीने की 19 तारीख को हिरासत में इसलिए लिया गया, क्योंकि वह चीन के न्यूक्लियर हथियारों का डेटा अमेरिका को लीक कर रहे थे. इसके अलावा उन्होंने प्रमोशन के लिए रिश्वत भी ली थी.  वहीं, इस प्रकरण को लेकर, चीनी सेना के मुखपत्र पीएलए डेली के एक लेख का हवाला देते हुए साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट में रविवार को लिखा गया था कि हमें भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे. जो भी युद्ध की क्षमताओं के निर्माण को कमजोर करने का काम करते हैं, उन सभी बड़ों चूहों की जांच करनी होगी. 

चीन की रॉकेट फोर्स में बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा 

जानकारी के अनुसार, ब्लूमबर्ग की साल 2024 की एक रिपोर्ट में अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का हवाला देते हुए बताया गया था कि पश्चिमी चीन के शिनजियांग मिसाइल क्षेत्र में साइलों में ऐसे ढक्कन लगाए गए थे, जो मिसाइलों को प्रभावी ढंग से लॉन्च नहीं होने देते थे. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चीनी सेना में साफाई अभियान हथियारों और उपकरणों में गंभीर समस्याओं के कारण हुआ था. उदाहरण देते हुए यह भी दावा किया गया कि यहां पर कुछ मिलाइयों में फ्यूल की जगह पानी भरा गया था. 

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ईंधन की जगह पानी क्यों भरा गया? 

गौरतलब है कि सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की ओर से जारी की गई एक रिपोर्ट में बताया गया है कि संभव है कि चीन की कुछ मिसाइलों में अभी पानी हो सकता है, लेकिन यह माना नहीं जाएगा कि ऐसी ही हमेशा रहेगा. रिपोर्ट में चीनी राष्ट्रपति के भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का उदाहण भी दिया गया है और बताया गया है कि चीन के कई कदमों से पता चलता है कि बीजिंग परमाणु ताकतों को मजबूत बनाने को लेकर गंभीर हैं. हालांकि, इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि द एशिया टाइम्स ने ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट को खारिज कर दिया था, इस दौरान कहा या कि चीन अपने लिक्विड-फ्यूल वाले रॉकेट में प्रोपेलेंट भरकर नहीं रखता है. मिसाइलों में पानी डालने का कोई ठोस कारण नहीं हो सकता है. 

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