US Media on India US trade Deal: भारत अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील पर दुनियाभर से रिएक्शन आ रहे हैं. इसी कड़ी में अमेरिका के मुख्य मीडिया आउटलेट्स ने कहा कि यह डील महीनों से चले आ रहे तनावपूर्ण रिश्तों के बाद प्रगति का प्रतीक है. साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि डील में अभी-भी बहुत सी चीजें साफ नहीं हैं. कुछ मीडिया संस्थानों ने कहा कि बहुत सी चीजें अभी-भी अनसुलझी हैं, तो कुछ ने कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक दस्तावेज जारी नहीं हुआ है.
फॉक्स न्यूज ने क्या कहा?
फॉक्स न्यूज ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद समझौते की घोषणा की. नेटवर्क ने आगे कहा कि इस समझौते से भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ 25 फीसद से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया जाएगा. इसने ट्रंप के इस दावे का भी हवाला दिया कि भारत व्यापार बाधाओं को कम करेगा और रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और खरीदारी अमेरिका से करेगा. फॉक्स न्यूज ने इस ऐलान को यूक्रेन युद्ध समेत व्यापक भू-राजनीतिक मुद्दों से जोड़ा और कहा कि यह कदम रूस के साथ भारत के ऊर्जा संबंधों को लेकर महीनों के दबाव के बाद उठाया गया है.
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‘औपचारिक दस्तावेज नहीं हुआ जारी’
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा कि यह समझौता लंबे समय तक चले गतिरोध के बाद व्यापार तनाव को कम करने के मकसद से किया गया था. अखबार ने बताया कि भारत रूसी तेल की खरीद रोकने और अमेरिकी आयात बढ़ाने पर सहमत हुआ, जबकि वॉशिंगटन टैरिफ कम करने पर सहमत हुआ. जर्नल ने कहा कि व्हाइट हाउस ने अभी तक टैरिफ बदलावों को लागू करने के लिए औपचारिक दस्तावेज जारी नहीं किए हैं. इसने यह भी कहा कि फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स समेत कुछ प्रमुख भारतीय निर्यात पहले से ही पिछले टैरिफ से काफी हद तक मुक्त थे.
न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया अधूरा लेकिन महत्वपूर्ण
न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस समझौते को जानकारी के मामले में अधूरा लेकिन संभावित रूप से महत्वपूर्ण बताया. अखबार ने कहा कि यह समझौता पिछले साल लगाए गए कुछ ऊंचे टैरिफ को वापस लेता हुआ जाहिर होता है और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने में मदद कर सकता है. टाइम्स ने खदशा जाहिर किया करते हुए कहा कि विश्लेषकों ने सवाल उठाया कि क्या भारत पूरी तरह से रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और क्या बाकी 18 प्रतिशत टैरिफ अभी भी व्यवसायों पर बोझ डालेगा.
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वाशिंगटन पोस्ट ने कहा प्रमुख शर्तें अनसुलझी
वाशिंगटन पोस्ट ने कहा कि यह समझौता महीनों के राजनयिक तनाव के बाद संबंधों को स्थिर करने में मदद करता है. अखबार ने टैरिफ कटौती को वॉशिंगटन और नई दिल्ली दोनों के लिए बहुत जरूरी बढ़ावा बताया, जबकि यह भी कहा कि प्रमुख शर्तें अभी भी अनसुलझी हैं.
अधिकांश आउटलेट्स ने कहा कि यह समझौता एक कदम आगे है लेकिन इस बात पर जोर दिया कि इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि वादे कितनी जल्दी कार्रवाई में बदलते हैं.
