सहकारिता मंत्रालय
झारखंड में प्राथमिक कृषि ऋण समितियां
प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 6:49PM by PIB Delhi
(क) झारखंड राज्य में प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स) की कुल संख्या 4,459 है I सभी पैक्स डेयरी और मात्स्यिकी इकाइयों की स्थापना, भांडागारों, खाद्यान्नों, उर्वरकों और बीजों के वितरण, एलपीजी/सीएनजी/ पेट्रोल/डीजल डिस्ट्रीब्यूटरशिप, अल्पकालिक और दीर्घकालिक ऋण का प्रावधान, कस्टम हायरिंग सेंटर, उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस), सामुदायिक सिंचाई सुविधाओं, कॉमन सेवा केंद्रों आदि सहित विविध व्यावसायिक कार्यकलापों को शुरू करने के लिए पात्र हैं । दिनांक 15.02.2023 को 2 लाख एम पैक्स/डीसीएस/एफसीएस की स्थापना की राष्ट्रीय योजना के अनुमोदन के बाद से, झारखंड ने 127 नए बहुउद्देशीय पैक्स (एम-पैक्स), 257 नई डेयरी सहकारी समितियां और 177 नई मात्स्यिकी सहकारी समितियां स्थापित की हैं । विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण अवसरंचना के विकास के लिए, सहकारिता क्षेत्र में ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना‘ के अंतर्गत झारखंड के 50 पैक्स पैक्स को गोदामों और संबद्ध कृषि अवसरंचना के निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है । कुल 2,358 बहुउद्देशीय पैक्स (एमपीएसीएस) को कॉमन सेवा केंद्रों (सीएससी) के रूप में ऑनबोर्ड किया गया है ।
(ख) झारखंड राज्य में जिला-वार विविधिकृत पैक्स के परिचालन की स्थिति का विवरण संलग्नक-I में दिया गया है।
(ग) सहकारिता मंत्रालय की पहलों के अंतर्गत सभी पैक्स विविधिकृत व्यावसायिक कार्यकलापों को संचालित करने के लिए पात्र हैं ।
(घ) सरकार ने अल्पसेवित, पिछड़े और जनजातीय क्षेत्रों में बहुउद्देशीय पैक्स मॉडल का सफल निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय कार्यान्वित किए हैं:
1. संवर्धित वित्तीय सहायता:
- पहाड़ी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों के लिए उच्च सब्सिडी: खाद्यान्न भंडारण हेतु कृषि विपणन अवसंरचना योजना (एएमआई) के अंतर्गत, मैदानी क्षेत्रों (₹7,000/मीट्रिक टन लागत और ₹2,333/मीट्रिक टन सब्सिडी) की तुलना में पूर्वोत्तर राज्यों और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए निर्माण लागत और सब्सिडी की दरें काफी अधिक (₹8,000/मीट्रिक टन लागत और ₹2,666/मीट्रिक टन सब्सिडी) निर्धारित की गई हैं।
- कम की गई मार्जिन मनी : वित्तीय व्यवहार्यता को बढ़ाने के लिए, पैक्स के लिए मार्जिन मनी की आवश्यकता को 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है।
- अनुषंगी अवसंरचना सब्सिडी: पैक्स आवश्यक अनुषंगी अवसंरचना जैसे कि आंतरिक सड़कों, धर्मकांटा और बाउंड्री वॉल के लिए अतिरिक्त सब्सिडी (कुल स्वीकार्य सब्सिडी का एक-तिहाई) प्राप्त करने के पात्र हैं ।
2. तकनीकी एवं डिजिटल अवसंरचना:
- दूरस्थ क्षेत्र कनेक्टिविटी: दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में सीमित डिजिटल पहुंच की समस्या के समाधान के लिए, नाबार्ड ने अधिक किफायती इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु बीएसएनएल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत आधार मासिक शुल्क को ₹799 से घटाकर ₹399 कर दिया गया है ।
- हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर प्रावधान: इन क्षेत्रों के पैक्स को एक संपूर्ण आईटी सुइट प्रदान किया जाता है, जिसमें एक डेस्कटॉप पीसी, बायोमीट्रिक डिवाइस, वीपीएन और यूपीएस शामिल हैं ।
3. क्षमता निर्माण और संस्थागत पर्यवेक्षण :
- हैंडहोल्डिंग सहायता : पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना के अंतर्गत, कम डिजिटल साक्षरता वाले क्षेत्रों में इसके अंगीकरण को बढ़ावा देने के लिए पैक्स कर्मियों को सिस्टम इंटीग्रेटर द्वारा 14 दिनों का समर्पित हैंडहोल्डिंग प्रशिक्षण और 2 दिनों का ईआरपी सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
- शासन में समावेशिता: आदर्श उपविधियाँ समावेशी सदस्यता को अनिवार्य बनाती हैं, जिसके अंतर्गत पैक्स के बोर्ड में महिलाओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए पर्याप्त प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया गया है ।
- स्थानीयकृत निगरानी : कार्यान्वयन की निगरानी जमीनी स्तर पर जिला सहकारी विकास समितियों द्वारा की जाती है, जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करते हैं। इसके साथ ही संयुक्त कार्य समितियां भी कार्यरत हैं, जिन्हें विशेष रूप से उन ग्राम पंचायतों को चिह्नित करने का कार्य सौंपा गया है जो अभी तक सुविधाओं से वंचित हैं या जहाँ इनकी पहुँच कम है ।
संलग्नक-I
झारखंड राज्य में जिला-वार विविधीकृत पैक्स के परिचालन की स्थिति का विवरण-
|
झारखंड में पैक्स द्वारा प्रदान की जाने वाली अतिरिक्त सेवाएँ |
||||||
|
क्रम. सं. |
जिला |
केवल क्रेडिट सेवा |
एक अतिरिक्त सेवा |
दो अतिरिक्त सेवाएं |
तीन और अधिक अतिरिक्त सेवाएं |
कुल योग |
|
1 |
बोकारो |
74 |
97 |
42 |
40 |
253 |
|
2 |
चतरा |
28 |
29 |
23 |
74 |
154 |
|
3 |
देवघर |
4 |
103 |
31 |
61 |
199 |
|
4 |
धनबाद |
167 |
32 |
34 |
24 |
257 |
|
5 |
दुमका |
76 |
47 |
33 |
50 |
206 |
|
6 |
पूर्वी सिंहभूम |
143 |
31 |
12 |
46 |
232 |
|
7 |
गढ़वा |
89 |
43 |
19 |
45 |
196 |
|
8 |
गिरिडीह |
152 |
84 |
51 |
71 |
358 |
|
9 |
गोड्डा |
62 |
78 |
21 |
42 |
203 |
|
10 |
गुमला |
33 |
56 |
35 |
36 |
160 |
|
11 |
हजारीबाग |
25 |
60 |
56 |
116 |
257 |
|
12 |
जामताड़ा |
33 |
48 |
19 |
19 |
119 |
|
13 |
खूंटी |
28 |
30 |
5 |
24 |
87 |
|
14 |
कोडरमा |
39 |
21 |
8 |
43 |
111 |
|
15 |
लातेहार |
25 |
34 |
27 |
30 |
116 |
|
16 |
लोहरदगा |
6 |
19 |
16 |
25 |
66 |
|
17 |
पाकुड़ |
34 |
46 |
38 |
11 |
129 |
|
18 |
पलामू |
141 |
39 |
38 |
69 |
287 |
|
19 |
रामगढ़ |
10 |
40 |
43 |
50 |
143 |
|
20 |
रांची |
114 |
58 |
55 |
80 |
307 |
|
21 |
साहेबगंज |
59 |
36 |
35 |
38 |
168 |
|
22 |
सरायकेला खरसावां |
70 |
24 |
17 |
27 |
138 |
|
23 |
सिमडेगा |
12 |
25 |
30 |
28 |
95 |
|
24 |
पश्चिम सिंहभूम |
111 |
43 |
30 |
34 |
218 |
|
कुल योग |
1535 |
1123 |
718 |
1083 |
4459 |
|
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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AK/AP
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