सहकारिता मंत्रालय
प्राथमिक कृषि ऋण समितियां
प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 6:41PM by PIB Delhi
(क) भारत सरकार ने अगले पांच वर्षों में देश की सभी पंचायतों और गांवों को आच्छादित करने के उद्देश्य से नई बहुउद्देशीय पैक्स/डेयरी/मात्स्यिकी सहकारी समितियां स्थापित करने की योजना को अनुमोदित का दिया है I राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के अनुसार दिनांक 20.01.2026 तक देश भर में कुल 32,802 नए पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियां पंजीकृत की गई हैं; और 15,793 डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों को सशक्त बनाया गया है । नवस्थापित बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों (पैक्स), डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों के स्वतंत्र या तीसरे पक्ष के मूल्यांकन पर अभी तक विचार नहीं किया गया है ।
(ख) सरकार आकांक्षी जिलों और अल्पसेवित क्षेत्रों सहित सहकारी कवरेज में कमियों को चिह्नित करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) का उपयोग करते हुए राज्य–वार और क्षेत्रीय विश्लेषण करती है। आकांक्षी जिलों और पिछड़े क्षेत्रों तथा महाराष्ट्र और जलगांव जिले सहित 32,802 नए पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों के राज्य-वार वितरण का ब्योरा संलग्नक में दिया गया है ।
(ग) आज की तिथि तक, स्वीकृत 79,630 पैक्स में से 61,478 पैक्स का डिजिटलीकरण किया जा चुका है और उन्हें साझा कोर बैंकिंग समाधान, एईपीएस, यूपीआई जैसी पहलों को अपनाने के लिए सुगम बनाया गया है; साथ ही सहकारी वित्तीय सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए सहकारी बैंकिंग हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं।
(घ) और (ङ) प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियों को बहुउद्देशीय, समावेशी और पारदर्शी संस्थानों में बदलने के लिए आदर्श उपविधियाँ विकसित की गई हैं और सभी राज्यों तथा संघ राज्यक्षेत्रों को परिचालित कर दी गई हैं । ये उपविधियाँ व्यापकता-आधारित सदस्यता का प्रावधान करती हैं और सहकारी शासन में महिलाओं तथा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती हैं । इसके अलावा, बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी (संशोधन) अधिनियम, 2023 बहु-राज्य सहकारी समितियों के बोर्ड में महिलाओं के लिए दो सीटें और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के सदस्यों के लिए एक सीट के आरक्षण का अधिदेश करती है । राष्ट्रीय सहकारिता नीति (एनसीपी) 2025 में भी महिलाओं और दुर्बल वर्गों के लिए सदस्यता और नेतृत्व की भूमिकाओं को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है । आदर्श उपविधियाँ पैक्स को बहुउद्देशीय सेवा केंद्रों के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाती हैं, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को एक ही स्थान पर किफायती ऋण, गुणवत्तापूर्ण निविष्टियाँ और संबद्ध सेवाओं तक पहुँच प्राप्त होती है, और वे भांडागारण, कस्टम हायरिंग सेंटर और प्राथमिक प्रसंस्करण जैसे कार्यकलापों से लाभान्वित होते हैं, जिससे आय प्राप्ति में सुधार होता है । स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को आगे ऋण देने के लिए ‘स्वयंशक्ति सहकार योजना‘ और महिला नेतृत्व वाली सहकारी समितियों को बढ़ावा देने के लिए ‘नंदिनी सहकार‘ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं और एसएचजी को मिलने वाली सहायता को और सशक्त किया गया है। वर्ष2025 के अंत तक, 32 राज्यों और संघ राज्यक्षेत्रों ने अपने कानूनों को आदर्श उपविधियों के साथ अंगीकृत कर लिया है या उनके अनुरूप संरेखित कर लिया है ।
जलगांव जिले सहित महाराष्ट्र में कार्यान्वयन:
महाराष्ट्र में, 12,178 पैक्स को कंप्यूटरीकरण के लिए स्वीकृत किया गया है और हार्डवेयर प्रापण, ईआरपी की शुरुआत, प्रशिक्षण और सहायता प्रणालियों के लिए 130.73 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है । जलगांव जिले में सभी 352 स्वीकृत पैक्स को ईआरपी आधारित कॉमन राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर पूरी तरह से ऑनबोर्ड कर दिया गया है, जिससे 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है । राष्ट्रीय और क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से व्यापक क्षमता निर्माण प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें वैमनीकॉम ( पुणे) और आईसीएम (नागपुर और पुणे) शामिल हैं, जिन्होंने 2024 से दिसंबर 2025 के बीच 37,070 प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया है । इसके अतिरिक्त, महाराष्ट्र में लिनाक के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र ने अप्रैल 2022 से दिसंबर 2025 के दौरान 65 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें 5,693 प्रतिभागियों को शामिल किया गया।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के माध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है । 25.01.2026 की स्थिति के अनुसार, एनसीडीसी ने विगत पांच वर्षों में महाराष्ट्र की सहकारी समितियों को संचयी रूप से 13,575.28 करोड़ रुपये संवितरित किए हैं, जिसमें चीनी क्षेत्र में 13,186.58 करोड़ रुपये, कपड़ा क्षेत्र में 180.28 करोड़ रुपये और मात्स्यिकी क्षेत्र में 43.57 करोड़ रुपये शामिल हैं इसके अतिरिक्त, जलगांव दुग्ध संघ ने किसानों की भागीदारी बढ़ाने के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 117 नई डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना का प्रस्ताव दिया है । सदस्यों को सहायता प्रदान करने के लिए ‘अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष (आईवाईसी) 2025′ के अंतर्गत पशुधन स्वास्थ्य कार्यक्रमों सहित जिला-स्तरीय पहलें शुरू की गई हैं। ‘विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना‘ के अंतर्गत, महाराष्ट्र में 15 पैक्स ने गोदाम निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है, जिससे किसानों को संकटग्रस्त बिक्री से बचने और बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिली है।
(च) कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में 121 पैक्स, 420 डेयरी सहकारी समितियां (डीसीएस) और 22 मात्स्यिकी सहकारी समितियां (एफसीएस) स्थापित हैं, जिनमें से केवल एक मात्स्यिकी सहकारी समिति (एफसीएस) अकार्यशील है और सभी पैक्स के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ।
*****
संलग्नक
|
नव पंजीकृत सहकारी समितियां |
||||||
|
क्रम सं. |
राज्य |
आच्छादित जिले |
पैक्स |
डीसीएस |
एफसीएस |
कुल योग |
|
1 |
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |
3 |
1 |
1 |
11 |
13 |
|
2 |
आंध्र प्रदेश |
21 |
11 |
1,034 |
2 |
1,047 |
|
3 |
अरुणाचल प्रदेश |
25 |
121 |
15 |
20 |
156 |
|
4 |
असम |
34 |
469 |
591 |
81 |
1,141 |
|
5 |
बिहार |
38 |
57 |
4,589 |
2 |
4,648 |
|
6 |
छत्तीसगढ़ |
33 |
469 |
351 |
322 |
1,142 |
|
7 |
गोवा |
2 |
37 |
5 |
3 |
45 |
|
8 |
गुजरात |
33 |
525 |
706 |
23 |
1,254 |
|
9 |
हरियाणा |
20 |
31 |
161 |
6 |
198 |
|
10 |
हिमाचल प्रदेश |
11 |
116 |
708 |
6 |
830 |
|
11 |
जम्मू और कश्मीर |
20 |
216 |
1,313 |
36 |
1,565 |
|
12 |
झारखंड |
24 |
127 |
257 |
177 |
561 |
|
13 |
कर्नाटक |
31 |
243 |
1,097 |
45 |
1,385 |
|
14 |
केरल |
0 |
0 |
0 |
0 |
0 |
|
15 |
लद्दाख |
2 |
3 |
3 |
1 |
7 |
|
16 |
लक्षद्वीप |
1 |
0 |
0 |
7 |
7 |
|
17 |
मध्य प्रदेश |
52 |
663 |
874 |
226 |
1,763 |
|
18 |
महाराष्ट्र |
32 |
149 |
1,140 |
161 |
1,450 |
|
19 |
मणिपुर |
14 |
104 |
24 |
67 |
195 |
|
20 |
मेघालय |
12 |
228 |
16 |
7 |
251 |
|
21 |
मिजोरम |
10 |
97 |
2 |
2 |
101 |
|
22 |
नागालैंड |
13 |
18 |
5 |
18 |
41 |
|
23 |
ओडिशा |
30 |
1,543 |
679 |
59 |
2,281 |
|
24 |
पुडुचेरी |
3 |
4 |
3 |
3 |
10 |
|
25 |
पंजाब |
23 |
1 |
463 |
43 |
507 |
|
26 |
राजस्थान |
33 |
1,387 |
2,174 |
22 |
3,583 |
|
27 |
सिक्किम |
6 |
24 |
61 |
3 |
88 |
|
28 |
तमिलनाडु |
37 |
28 |
794 |
25 |
847 |
|
29 |
तेलंगाना |
18 |
0 |
173 |
102 |
275 |
|
30 |
दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव |
3 |
6 |
1 |
2 |
9 |
|
31 |
त्रिपुरा |
8 |
288 |
2 |
19 |
309 |
|
32 |
उत्तर प्रदेश |
75 |
1,099 |
4,340 |
486 |
5,925 |
|
33 |
उत्तराखंड |
13 |
621 |
263 |
120 |
1,004 |
|
34 |
पश्चिम बंगाल |
16 |
24 |
137 |
3 |
164 |
|
कुल योग |
696 |
8,710 |
21,982 |
2,110 |
32,802 |
|
संलग्नक (जारी…)
|
महाराष्ट्र |
जलगांव |
|
|
एम-पैक्स |
149 |
0 |
|
डीसीएस |
1140 |
35 |
|
एफसीएस |
161 |
5 |
|
कुल |
1450 |
40 |
यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
***
AK/AP
(रिलीज़ आईडी: 2222731) आगंतुक पटल : 19
