US military shot down Iranian drone: ईरान को घेरने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी फौज का बहुत बड़ा स्टेक मिडिल ईस्ट में तैनात कर रखा है. बीते पिछले एक हफ्ते से लाल सागर से लेकर अरब सागर तक अजीब सी खामोशी छाई थी. इस बीच खबर आई है कि अमेरिकी फौज ने ईरान के एक ड्रोन को हवा में उड़ा दिया जो उनकी नौ सेना के नजदीक आ रहा था. इस घटनाक्रम ने दोनों देशों के बीच का पारा हाई हो गया है. इससे क्षेत्रीय शांति पर नया खतरा मंडराने लगा है. 

आग के नजदीक आ रहा था ईरान का ‘शाहेद’ ड्रोन, हवा में ही जल गया

न्यूज़ एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने अरब सागर में अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत के पास आ रहे एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है. यूएस नेवी के बेड़े पर तैनात लड़ाकू विमानों ने जिस ईरानी ड्रोन को उड़ाया वो कोई साधारण ड्रोन नहीं बल्कि शाहेद-139 था. शाहेद अमेरिकी एडवांस नेवल करियर की ओर बढ़ रहा था, खतरा दिखते ही अमेरिकी जंगी जेट F-35 एक्टिव हुआ, जिसने पलक झपकते ही शाहेद-139 के हवा में ही चीथड़े उड़ा दिए. 

Add Zee News as a Preferred Source

सेंट्रल कमांड का बयान

अमेरिका फौज के सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने दावा किया कि यूएस मिलिट्री ने मंगलवार को एक बिना पायलट वाला ईरानी ड्रोन मार गिराया, जब वो संदिग्ध हालात में अमेरिकी नेवी के एयरक्राफ्ट कैरियर के पास आने की कोशिश कर रहा था. कैप्टन ने यह भी बताया कि USS अब्राहम लिंकन (CVN 72) ईरान के दक्षिणी तट से लगभग 500 मील दूर अरब सागर से गुजर रहा था, तभी एक ईरानी शाहेद-139 ड्रोन बिना वजह उसकी ओर बढ़ा. 

CENTCOM के मुताबिक, इंटरनेशनल वाटर जोन में काम कर रही अमेरिकी सेनाओं के सिग्नल देने के बाद भी ड्रोन हमारे करियर की ओर बढ़ता रहा. इसके बाद F-35C फाइटर जेट ने सेल्फ-डिफेंस में ईरानी ड्रोन को मार गिराया.

हॉकिन्स ने ये भी दावा किया कि इस घटना के बाद होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) फोर्स ने अमेरिकी झंडे वाले एक मर्चेंट जहाज को परेशान किया, जो कानूनी दस्तावेजों के साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते से गुजर रहा था. दो IRGC बोट और एक ईरानी ड्रोन तेज रफ्तार में M/V स्टेना इम्पेरेटिव के नजदीक आए और टैंकर पर चढ़कर उसे जब्त करने की धमकी दी. वहीं थोड़ी दूर पर एक गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर USS मैकफॉल (DDG 74) मौजूद था जिसने फौरन मौके पर पहुंचकर अमेरिकी एयरफोर्स के डिफेंसिव एयर सपोर्ट के साथ M/V स्टेना इम्पेरेटिव को एस्कॉर्ट किया तब ईरानी गार्ड वहां से हटे और हमारा कमर्सियल टैंकर सुरक्षित आगे बढ़ा.