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वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

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यूरोपीय संघ के संशोधित एएमआर विनियम: भारत ने पशु उत्पादों के निर्यात के क्षेत्र में बाजार पहुंच हासिल की है

प्रविष्टि तिथि: 04 FEB 2026 11:51AM by PIB Delhi

रोगाणुरोधी प्रतिरोध (एएमआर) से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर, यूरोपीय संघ ने आयोग के कार्यान्वयन विनियमन (ईयू) 187/2026/ईसी के माध्यम से ईयू विनियमन (ईयू) 2021/405 में संशोधन अधिसूचित किया है, जो सितंबर 2026 से प्रभावी होगा। अगर भारत उस समय तक इस नए विनियमन का पालन नहीं करता है, तो पशु उत्पादों के निर्यात पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। फिलहाल, मछली और मत्स्य उत्पादों का यूरोपीय संघ को निर्यात लगभग 1.125 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर पर है।

भारत सरकार के सक्रिय और समयोचित कदमों के परिणामस्वरूप, देश को उन देशों की सूची में शामिल किया गया है जिन्हें सितंबर 2026 के बाद यूरोपीय संघ में मत्स्य पालन उत्पादों, अंडों, शहद और पशु आवरणों के प्रवेश की अनुमति है। हालांकि दूध और मुर्गी उत्पादों के लिए कुछ शर्तें लागू होंगी। इस सूची में शामिल होने से बढ़ी हुई नियामक आवश्यकताओं के बावजूद यूरोपीय संघ में भारतीय पशु-उत्पादों के लिए निरंतर बाजार सुनिश्चित होती है।

यह महत्वपूर्ण विकास भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के वाणिज्य विभाग द्वारा निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी) और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ मिलकर किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम है। वाणिज्य विभाग नियामक और बाजार पहुंच संबंधी मुद्दों को सुलझाने के लिए यूरोपीय आयोग के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है, जबकि ईआईसी ने यूरोपीय संघ के नियामक मानकों के अनुरूप निरीक्षण, परीक्षण और प्रमाणन तंत्र सहित भारत की आधिकारिक नियंत्रण प्रणाली को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

वाणिज्य विभाग, निर्यात निरीक्षण परिषद और समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एमपीईडीए) जैसे अन्य हितधारकों के साथ मिलकर, संशोधित नियमों के सुचारू कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने और यूरोपीय संघ सहित वैश्विक बाजारों के लिए खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा आश्वासन को और मजबूत करने के लिए यूरोपीय संघ द्वारा अनुमोदित प्रतिष्ठानों और यूरोपीय संघ के नियामक प्राधिकरणों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा।

यूरोपीय संघ के संशोधित नियमों के अंतर्गत भारत को शामिल किए जाने से भारतीय निर्यातकों के लिए बेहतर बाजार पहुंच सुनिश्चित होने, व्यापार प्रवाह को बढ़ावा मिलने और संबंधित पशु उत्पाद क्षेत्रों में नए अवसरों के सृजित होने की उम्मीद है। भारत सरकार निर्यात को बढ़ावा देने, संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने और यूरोपीय संघ सहित प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पीके/केसी/बीयू/एनजे

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