Libyan News: लीबिया की सियासत में अक्सर उतार चढ़ाव देखने को मिलता है, एक बार फिर लीबिया में उथ- पुथल मच गई है, एक जमाने में लीबिया के तानाशाह रहे मुआम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की गोली मारकर जिंतान शहर में हत्या कर दी गई है. इस हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. हालांकि उनकी हत्या किस वजह से की गई है इसकी कोई भी जानकारी सामने नहीं आ पाई है.
चुनाव लड़ने की घोषणा की थी
53 साल के सैफ अल-इस्लाम को कुछ लोग उनके पिता का वारिस मानते थे, भले ही उन पर मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के लिए इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट का वारंट जारी था. 2021 में उन्होंने घोषणा की कि वह राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ेंगे, लेकिन उन चुनावों को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया. उनके सलाहकार अब्दुल्ला ओथमान अब्दुर्रहीम ने लीबिया के अल-अहरार टेलीविजन चैनल को बताया कि नकाब पहनकर आए चार अनजान लोगों ने घर पर धावा बोला और फिर सर्विलांस कैमरे बंद कर दिए, फिर उन्हें मार डाला.
किसने उतारा मौत के घाट
हालांकि यह साफ नहीं हो पाया कि हत्या के पीछे कौन था. सेकाल्डी ने कहा कि सैफ अल-इस्लाम के एक करीबी साथी ने कुछ दिन पहले उन्हें बताया था कि उनकी सिक्योरिटी में दिक्कतें हैं. सैफ अल-इस्लाम अपने पिता के राज में नॉर्थ अफ्रीकी देश में किसी ऑफिशियल पद पर नहीं थे, लेकिन 2011 के अरब स्प्रिंग विद्रोह से पहले उन्हें लीबिया का असल प्रधानमंत्री बताया गया था, जो एक नरमपंथी और सुधारक की इमेज बना रहे थे.
एक बंटा हुआ देश
द हेग में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट से वारंट जारी होने के बाद सैफ अल-इस्लाम को नवंबर 2011 में दक्षिणी लीबिया में गिरफ्तार किया गया था. बाद में त्रिपोली की एक कोर्ट ने 2015 में एक तेज ट्रायल के बाद उन्हें मौत की सजा सुनाई, लेकिन उन्हें माफी दे दी गई. इसके बाद वो इधर-उधर घूमते रहते थे. लीबिया एक्सपर्ट इमाददीन बादी ने कहा कि सैफ अल-इस्लाम की मौत आबादी के एक बड़े हिस्से के लिए उन्हें शहीद के तौर पर पेश कर सकती है, साथ ही चुनावी माहौल को भी बदल सकती है. इतना ही नहीं लोगों को आशंका है कि उनकी मौत की वजह से राजनीतिक उथल-पुथल भी मच सकता है.
