Xi Jinping: धीरे-धीरे अमेरिका अन्य देशों से अपने रिश्ते मुधर बनाने का प्रयास कर रहा है. इसी बीच रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने वीडियो कॉल पर बात की. बातचीत में उन्होंने मॉस्को और बीजिंग के बीच बढ़ते इकोनॉमिक कोऑपरेशन और अमेरिका के साथ अपने रिश्तों के बारे में चर्चा की. इतना ही नहीं पुतिन ने इस साल दो बार चीन यात्रा के न्योते को स्वीकार कर लिया है. दोनों नेताओं के बीच ये बातचीत वेस्टर्न लीडर्स के मीटिंग्स के बीच हुई है. हालांकि इसी बीच ट्रंप और जिनपिंग की भी बात हुई.
ये चाहते थे पश्चिमी देश
बातचीत में पुतिन ने कहा कि यूरोपियन लीडर्स ने सालों से चीन पर दबाव डाला है कि वह रूस को अपना सपोर्ट खत्म करे, जबकि बीजिंग मॉस्को का नंबर 1 ट्रेडिंग पार्टनर बन गया है, जो पश्चिमी देशों के आर्थिक बैन से राहत चाहता है. पुतिन ने रूस के सरकारी टेलीविजन पर अपनी शुरुआती बातों में कहा, मैं एक बार फिर आपको हमारे देशों की सॉवरेनिटी और सिक्योरिटी, हमारी सोशियो-इकोनॉमिक भलाई और अपने डेवलपमेंट का रास्ता चुनने के अधिकार को पक्का करने की हमारी मिली-जुली कोशिशों के लिए पक्के सपोर्ट का भरोसा दिलाना चाहता हूं.
बड़े मुद्दे पर कर रहे हैं विचार
अमेरिका के कई करीबी पार्टनर्स, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ टैरिफ और NATO सहयोगी डेनमार्क से ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की उनकी मांगों को लेकर टकराव के बाद चीन के साथ मौके तलाश रहे हैं. शी-पुतिन की यह कॉल पिछले महीने ब्रिटिश और कनाडाई प्रधानमंत्रियों के बीजिंग दौरे के बाद हुई थी. जर्मन चांसलर के भी फरवरी में आने की उम्मीद है. जिसे लेकर पुतिन ने कहा, बढ़ती ग्लोबल उथल-पुथल के बीच, मॉस्को और बीजिंग के बीच फॉरेन पॉलिसी लिंक एक बड़ा स्टेबलाइजिंग फैक्टर बना हुआ है. वहीं बढ़ते रूस-चीन रिश्ते को लेकर शी जिनपिंग ने कहा कि वह और पुतिन बाइलेटरल रिश्तों को बढ़ाने के प्लान पर चर्चा करेंगे. इन दोनों नेताओं के बातचीत ते आधार पर ये कहा जा रहा है कि दोनों नेता एक बड़े मुद्दों पर विचारों का लेन-देन करेंगे.
रूस-चीन संबंधों में आया वसंत
रूसी ट्रांसलेशन के मुताबिक दोनों देशों को स्ट्रेटेजिक सहयोग को और गहरा करने के लिए एक ऐतिहासिक मौके का इस्तेमाल करने की जरूरत है. इसके अलावा पुतिन ने कहा कि रूस-चीन संबंधों में कोई भी मौसम वसंत जैसा होता है. उन्होंने न्यूक्लियर एनर्जी के शांतिपूर्ण इस्तेमाल और इंडस्ट्रियल क्षेत्र और स्पेस रिसर्च सहित हाई-टेक प्रोजेक्ट्स पर सहयोग के साथ-साथ उनके “स्ट्रेटेजिक” एनर्जी संबंधों की तारीफ की. उन्होंने विशेष रूप से रूसियों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश की अनुमति देने के चीन के फैसले की सराहना की, एक कदम जिसका मॉस्को ने प्रतिदान किया.
ट्रंप-जिनपिंग की हुई बातचीत
पुतिन और जिनपिंग की आपस में बातचीत काफी हद तक अमेरिका की बढ़ गई है. ट्रंप ने भी जिनपिंग से बात की और पोस्ट करते हुए लिखा कि व्यापार, सैन्य मामले, ट्रंप की अप्रैल में चीन की प्रस्तावित यात्रा, ताइवान, रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई. अमेरिका से चीन द्वारा तेल और गैस की खरीद पर भी बात हुई. चीन द्वारा अतिरिक्त कृषि उत्पादों की खरीद पर विचार किया गया. (ANI)
